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हथियार 'शायद कभी नहीं मिलें': ब्लेयर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि इराक़ में व्यापक विनाश के हथियार शायद कभी नहीं मिलें. ब्लेयर ने कहा कि उन्हें मानना होगा कि हथियार नहीं मिले हैं और शायद कभी मिलेंगे भी नहीं. मगर वह ये दोहराने से नहीं चूके कि इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि सद्दाम हुसैन कभी ख़तरा रहे ही नहीं. ब्रितानी प्रधानमंत्री का कहना था कि इराक़ के पूर्व नेता संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लंघन कर रहे थे और उनके हथियार या तो हटा दिए गए, छिपा दिए गए या नष्ट कर दिए गए. व्यापक विनाश की क्षमता वाले हथियारों के संबंध में इराक़ सर्वे ग्रुप की अंतिम रिपोर्ट हालाँकि अभी नहीं आई है मगर ब्लेयर ने कहा, "मुझे मानना होगा कि हमें वे नहीं मिले हैं और शायद कभी न मिलें." वरिष्ठ सांसदों की एक समिति ब्लेयर से ऊर्जा नीति और रंगभेद संबंधी मसलों के साथ ही इन मसलों पर भी पूछताछ की. ब्लेयर ने चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद ने नए आयाम पा लिए हैं और उसे देखने की ज़रूरत है क्योंकि इससे समुदायों के बीच भी तनाव हो रहा है. ऊर्जा के मसले पर ब्लेयर का कहना था कि ब्रिटेन को दीर्घकालिक नीति को लेकर कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. उनका कहना था कि ये ऊर्जा की उचित आपूर्ति और क्योतो संधि के लिए प्रतिबद्धताओं की वजह से है. |
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