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रविवार, 05 सितंबर, 2004 को 06:17 GMT तक के समाचार
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शोक के बीच पहला अंतिम संस्कार
रूस में अंतिम संस्कार
रूस में बंधक संकट में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार शुरू हो गया है
दक्षिणी रूस के शहर बेसलान में बंधक संकट समाप्त होने के दो दिन बाद पहले शव का अंतिम संस्कार हुआ है.

रविवार को 24 अंतिम संस्कार हुए और आने वाले दिनों में सैकड़ों अन्य लोगों को दफ़नाने के लिए क़ब्रें तैयार की गई हैं.

अंतिम संस्कार शुरू होने के समय मृतकों की तस्वीरें उनके ताबूतों पर रखी थीं.

कुछ लोग उस स्कूल भी गए जहाँ ये संकट शुरू हुआ था. लोगों ने वहाँ जाकर फूल चढ़ाए.

पूरे रूस में शोक और प्रार्थना सभाएँ हुई हैं.

लापता हुए और मृतकों की सूची स्थानीय टेलीविज़न पर पढ़ी जा रही है. उनकी तस्वीरें भी दिखाई जा रही हैं और उनके अंतिम संस्कार की तारीख़ों की घोषणा भी हो रही है.

इस संकट को ख़त्म करने के दौरान चरमपंथियों और रूसी सुरक्षा बलों के बीच हुई गोलाबारी में 330 से भी अधिक लोग मारे गए थे और उनमें से भी आधे से अधिक तो बच्चे थे.

बेसलान के निवासी
अपने परिजनों की पहचान करते बेसलानवासी

बंधक बनाने वालों की माँग चेचन्या के स्वतंत्रता की थी. इस बीच रूसी रेड क्रॉस संस्था ने एक आपातकालीन अपील जारी की है जिसमें और धन की माँग की गई है.

ये माँग लगभग 400 घायल लोगों के इलाज के लिए और उपकरण ख़रीदने के मक़सद से की गई है. ये लोग अब भी अस्पतालों में हैं.

कोई भी इतने बड़े हादसे के लिए तैयार नहीं था.

एक स्थानीय अधिकारी के अनुसार 260 से भी अधिक लोगों का कोई अता-पता नहीं है. लापता लोगों के परिजन सहायताकर्मियों को तस्वीरें दे रहे हैं जिससे पहचान हो सके.

इस बीच अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई में लगभग 32 चरमपंथी शामिल थे जिनमें से 30 के शव बरामद कर लिए गए हैं.

अधिकारियों का कहना है कि अंतिम संस्कार मृतकों के परिजन ही कर रहे हैं और किसी सार्वजनिक अंत्येष्टि की योजना नहीं बनाई गई है.

सरकार ने सोमवार और मंगलवार को राष्ट्रीय शोक मनाने की घोषणा की है.

इस संकट के समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने देश की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है.

बुधवार को जब स्कूल में चरमपंथी घुसे तब बच्चे अपने माता-पिता के साथ गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने का जश्न मना रहे थे.

एकजुटता का आह्वान

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने रूस के लोगों से आतंकवाद के ख़तरे का सामना करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है.

राष्ट्रपति का संबोधन
 आज हम सबको अवश्य एकजुट रहना होना पड़ेगा क्योंकि दुश्मनों को हराने का हमारे पास यही एकमात्र रास्ता है
व्लादिमिर पुतिन

पुतिन ने उत्तरी ओसेतिया के हिंसक बंधक संकट के एक दिन बाद टेलीविज़न पर देशवासियों को संबोधित किया.

पुतिन ने कहा,"आज हम सबको अवश्य एकजुट रहना होना पड़ेगा क्योंकि दुश्मनों को हराने का हमारे पास यही एकमात्र रास्ता है".

राष्ट्रपति पुतिन ने स्वीकार किया है कि सरकार इस हमले के लिए तैयार नहीं थी.

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि सोवियत संघ के विघटन के बाद रूसी सरकार देश के सामने आए ख़तरों को पहचानने और उनका असरदार तरीक़े से सामना कर पाने में विफल रही है.

उन्होंने वायदा किया कि देश की सुरक्षा सेवाओं में सुधार किया जाएगा.

मास्को में मौजूद बीबीसी के एक संवाददाता का कहना है कि राष्ट्रपति पुतिन ने जिस दो-टूक लहज़े में राष्ट्र को संबोधित किया उससे यही लगता है कि बंधक संकट के बाद भी वे चेचन विद्रोहियों के साथ किसी तरह की कोई बातचीत नहीं करने जा रह हैं.

बेसलान से बीबीसी के एक संवाददाता ने कहा है कि वहाँ बंधक संकट से निपटने में सरकार द्वारा उठाए गए क़दम को लेकर बेहद नाराज़गी है.

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