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मिलोसेविच के लिए वकील नियुक्त होगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र न्यायालय के जजों ने कहा है कि यूगोस्लाविया के पूर्व राष्ट्रपति स्लोबोदान मिलोसेविच की अनिच्छा के बावजूद उनकी तरफ़ से एक वकील नियुक्त किया जा रहा है. मिलोसेविच की चिकित्सीय जाँच से पता चला है कि वह अदालत में ख़ुद को पेश करने के लिए पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं. इसी जाँच को ध्यान में रखते हुए जजों ने यह फ़ैसला किया है कि मिलोसेविच का प्रतिनिधित्व एक वकील करेगा. हेग में मिलोसेविच की सुनवाई कर रहे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के ट्राइब्यूनल के मुख्य न्यायाधीश पैट्रिक रोबिन्सन कहा, "अगर मिलोसेविच अदालत में पेश होने से बचते रहे तो मामले की सुनवाई में और देरी होगी." ग़ौरतलब है कि स्वोबोदान मिलोसेविच पर जनसंहार और युद्धापराध का मुक़दमा चलाया जा रहा है. उन पर आरोप है कि उन्होंने 1990 के दौरान बाल्कन लोगों के ख़िलाफ़ मानवता विरोधी अपराध किए. उन पर मुक़दमा फ़रवरी 2002 में शुरू हुआ था और तब से वहक अदालत में अपना प्रतिनिधित्व ख़ुद ही करते रहे हैं. मिलोसेविच को उच्च रक्तचाप की शिकायत है और वह दिल के मरीज़ भी हैं. वह अक्सर अपनी ख़राब सेहत की शिकायत करते हैं जिससे मुक़दमे की सुनवाई में देरी होती है और सुनवाई दर्जन भर बार टाली जा चुकी है. बीमारी और मुक़दमा डॉक्टरों का कहना है कि अगर मिलोसेविच ने ख़ुद को अदालत में पेश करना जारी रखा तो उनकी दिल की बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है. न्यायाधीश रोबिन्सन ने कहा, "यह न्याय के हित में ही है कि मिलोसेविच के लिए एक वकील नियुक्त किया जाए और हम ऐसा ही कर रहे हैं." न्यायाधीशों ने कहा कि वे अदालत में ख़ुद का प्रतिनिधित्व करने के मिलोसेविच के अधिकार को मान्यता देते हैं लेकिन यह अधिकार असीमित नहीं है.
अभियोजन पक्ष के वकील ज्यैफ़री नीस का कहना था कि मिलोसेविच अपनी ख़राब सेहत का हवाला देकर मुक़दमे की सुनवाई में देरी करते रहे हैं. वकीलों ने बुधवार को कहा था कि मिलोसेविच डॉक्टरों की बताई हुई दवाएँ नहीं खा रहे हैं जिससे अदालत का समय बर्बाद हो रहा है. मिलोसेविच ने इस फ़ैसले को ग़ैरक़ानूनी क़रार देते हुए कहा है कि उन्हें अदालत में ख़ुद का प्रतिनिधित्व करने का पूरा अधिकार है. "यह बिल्कुल अनुचित है. जब कोई बीमार है तो उससे ख़ुद को बचाने के लिए अदालत में प्रतिनिधित्व करने का अधिकार नहीं छीना जा सकता." लेकिन न्यायाधीशों ने कहा है कि यह फ़ैसला ट्राइब्यूनल के वैधानिक नियमों के दायरे में ही है और इस फ़ैसले से निष्पक्ष और तेज़ सुनवाई सुनिश्चित होती है. हालाँकि मिलोसेविच का प्रतिनिधित्व करने के लिए अभी किसी वकील का नाम नहीं बताया गया है और न ही यह कि कब नियुक्त किया जाएगा. असहयोग संभावना व्यक्त की जा रही है कि अगर मिलोसेविच की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ वकील नियुक्त कर दिया जाता है तो वह उससे सहयोग नहीं करेंगे. मिलोसेविच ख़ुद को अदालत में पेश करते हुए वह बार-बार ट्राइब्यूनल की आलोचना करते रहे हैं और वह इसकी वैधानिक हैसियत को मानने से इनकार करते रहे हैं. अगर अदालत उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए वकील नियुक्त कर देती है तो वह ऐसा नहीं कर सकेंगे. लेकिन वकील नियुक्त किए जाने से यह फ़ायदा होगा कि अगर मिलोसेविच बहुत बीमार भी होंगे तो वह अदालत में उनकी तरफ़ से पेश हो सकेगा. |
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