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क़ैदी ने लॉटरी में जीते 70 लाख पाउंड | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बलात्कार के प्रयास के लिए उम्रक़ैद की सज़ा काट रहे एक व्यक्ति को ब्रिटेन की राष्ट्रीय लॉटरी का 70 लाख पाउंड का ईनाम मिला है. आयरवर्थ होर ग्लोस्टरशर की खुली जेल ले पैरोल पर बाहर थे और उन्होंने पिछले शनिवार ये लॉटरी का टिकट ख़रीदा था. इस ख़बर को लेकर ब्रिटेन के अख़बारों में हंगामा मचा हुआ है और कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं. लोट्टो एक्सट्रा नाम की इस लॉटरी की कुल इनाम राशि दो करोड़ दस लाख पाउंड थी जिसे तीन विजेताओं में बाँटा गया. इस तरह 52 साल के होर के हिस्से 70 लाख पाउंड (यानी साढ़े पाँच करोड़ रुपयों से भी अधिक) आया है. होर को 1989 में उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई गई थी. उन्हें कई यौन प्रताड़नाओं और बलात्कार के प्रयास का दोषी पाया गया था. हालांकि अब उनकी यह सज़ा ख़त्म होने वाली है. दिलचस्प बात यह है कि किसी क़ानून का उल्लंघन नहीं हुआ है. ब्रितानी क़ानूनों के अनुसार कोई भी अपराधी यदि ज़मानत पर या पैरोल पर बाहर हो तो वह लॉटरी का टिकट ख़रीद सकता है. जेल के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि एक क़ैदी को लॉटरी का इनाम मिला है. समझा जाता है कि उन्हें इनाम मिलने के बाद वापस जेल भेज दिया गया है जिससे कि वे फ़रार न हो सकें और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जा सके. हालांकि होर अब एक बड़ी धनराशि के मालिक बन गए हैं लेकिन जेल के नियमों के मुताबिक़ वे एक दिन में कुछ पौंड से अधिक ख़र्च नहीं कर सकते. बीबीसी संवाददाता ओलिवर कॉनवे के अनुसार एक क़ैदी को इनाम मिलने से लॉटरी की बदनामी तो हुई है लेकिन बड़ा सवाल यह पूछा जा रहा है कि अपराधियों को समाज में कितनी जगह दी जानी चाहिए. |
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