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मंगलवार, 06 जुलाई, 2004 को 03:57 GMT तक के समाचार
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बिना लॉटरी के ही लॉटरी!

जय पटेल और सोनल पटेल
छप्पर तो कहीं से भी फट सकता है
यह बिल्कुल फटे छप्पर के ज़रिए मिलने जैसा ही मामला है.

अमरीका में रह रहे भारतीय मूल के जय पटेल के साथ बिल्कुल ऐसा ही हुआ कि बिना लॉटरी निकले भी उनकी लॉटरी निकल गई.

जय पटेल तो अपनी छोटी सी दुकान चलाते हैं और लॉटरी के टिकट भी बेचते हैं.

उनकी क़िस्मत इस तरह से ही जाग गई कि उन्होंने जो टिकट बेचा उसने कोई छोटा मोटा नहीं बल्कि पूरे 29 करोड़ डॉलर का ईनाम जीता.

यह अमरीका में सबसे ज़्यादा रक़म वाली लॉटरी निकलने का दूसरा मामला था. बस जय पटेल की तो धूम हो गई पूरे अमरीका में.

यह लॉटरी चलाने वाली कंपनी मेगा मिलियन्स जैकपॉट ने यह सौभाग्यशाली टिकट बेचने के लिए ही जय पटेल की लॉटरी सी निकाल दी.

जय पटेल को कमीशन के तौर पर ही पचास हज़ार डॉलर मिल गए, जो सचमुच किसी लॉटरी के निकलने से कम नहीं है.

जय पटेल मूल रूप से गुजरात के अहमदाबाद से संबंध रखते हैं और अमरीकी राज्य मैसाचुसेट्स के लॉवेल शहर में परचून की दुकान चलाते हैं.

इस दुकान की ख़ासियत ये बनी है कि इससे तीन बार ऐसे टिकट बिक चुके हैं जिनकी लॉटरी निकली है.

जय पटेल का ईनाम
सिर्फ़ टिकट बेचना भी कम नहीं है

पिछले साल जिस आदमी की दस लाख डॉलर की लॉटरी निकली थी उसका टिकट भी जय पटेल की दुकान से ही ख़रीदा गया था.

दो महीने पहले निकली एक लाख डॉलर की लॉटरी का टिकट भी इसी दुकान से ख़रीदा गया और अब तो 29 करोड़ डॉलर की ऐतिहासिक लॉटरी का टिकट ख़ुद जय पटेल के लिए भी लॉटरी बन गया.

जब यह ख़बर फैली कि जय पटेल की दुकान से बिके हुए टिकट से ही इतनी बड़ी रक़म की लॉटरी निकली है तो मीडिया के लोगों ने पटेल की दुकान 'पॉवर्स लिकर्स' को घेर लिया.

जय पटेल के इंटरव्यू लेने वालों का ताँता लग गया.

34 साल के जय पटेल बेहद ख़ुश नज़र आते हैं, "मैं तो बहुत ख़ुश हूँ. ये तो बस ईश्वर की कृपा है."

कार का सपना

जय पटेल और उनका पूरा परिवार तो फूले नहीं समा रहा है लेकिन परिजनों की फ़रमाइशें भी शुरू हो गई हैं.

धन बाटूँगा
 अब में आपनी पत्नी के लिए एक कार ख़रीद सकता हूँ. कुछ दान भी दूँगा और अपने कर्मचारियों में भी कुछ धन बाटूँगा.
जय पटेल

जय पटेल की पत्नी सोनल पटेल की एक शानदार कार की ख़्वाहिश अब थामे नहीं थम रही है और वह मर्सिडीज़ या बीएमडब्ल्यू जैसी कार पाने के लिए बेताब हैं.

जय पटेल भी अब आत्मविश्वास के साथ कहते हैं, "अब में आपनी पत्नी के लिए एक कार ख़रीद सकता हूँ. कुछ दान भी दूँगा और अपने कर्मचारियों में भी कुछ धन बाटूँगा."

यूरोप के बहुत से देशों की तरह ही अमरीका में भी जल्दी अमीर बनने के लालच में बहुत से लोग पाबंदी के साथ लॉटरी का टिकट ख़रीदते हैं और बहुत से लोगों की वाक़ई बड़ी लॉटरी निकलती भी है.

अमरीकी नागरिक जय पटेल अपनी दुकान पर हर सप्ताह क़रीब चालीस हज़ार टिकट बेचते हैं और अब तो उन्होंने यह तख़्ती भी लगा दी है - "29 करोड़ डॉलर का ईनाम निकालने वाला टिकट इसी दुकान से बेचा गया था."

इसके बाद लोग अब जय पटेल की दुकान पर नज़र लगा रहे हैं कि शायद वहाँ से ख़रीदने पर उनकी भी लॉटरी निकलने की संभावनाएँ बढ़ जाएँ.

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