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बग़दाद में अल ज़ज़ीरा का दफ़्तर बंद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी पुलिस ने अरबी टीवी चैनल अल जज़ीरा के बग़दाद स्थित दफ़्तर को एक महीने के लिए बंद करा दिया है. इराक़ी सरकार ने अल जज़ीरा को सैटेलाइट चैनल के दफ़्तर को एक महीने के लिए बंद रखने का आदेश दिया है, अल जज़ीरा के कर्मचारियों ने सरकार के इस आदेश का विरोध किया है और आदेश का पालन कराने के लिए वहाँ गई इराक़ी पुलिस से भी उनकी काफ़ी देर तक कहा-सुनी हुई. अल जज़ीरा चैनल पर दिखाया गया कि किस तरह इराक़ी पुलिस उसके बग़दाद स्थित दफ़्तर में घुस आई और कर्मचारियों को वहाँ से चले जाने को कहा गया. इराक़ के गृह मंत्री फ़लाह अल नक़ीब ने अल जज़ीरा टीवी चैनल पर अपराधियों और चरमपंथियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है और कहा है कि एक महीने तक बंद रहने के दौरान चैनल अपनी संपादकीय नीतियों में सुधार करे. लेकिन अल जज़ीरा के प्रधान संपादक अहमद शेख़ का कहना है कि इराक़ी सरकार उन्हें पक्षपात करने पर बाध्य करने की कोशिश कर रही है जो चैनल की संपादकीय नीतियों के विरूद्ध है. अल जज़ीरा के प्रवक्ता ने कहा कि "यह फ़ैसला दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन हम इराक़ की ख़बरें इन पाबंदियों के बीच जिस हद तक संभव होगा जनता के बीच पहुँचाने की कोशिश करते रहेंगे." आरोप इराक़ के प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने भी अल जज़ीरा पर हिंसा, घृणा और जातीय संघर्ष को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. बग़दाद में इराक़ के गृह मंत्री ने कहा, "हम अपनी जनता की सुरक्षा के लिए चिंतित हैं इसलिए यह क़दम उठाया गया है." इससे पहले भी इराक़ी गृह मंत्री ने कहा था कि अल जज़ीरा चैनल बंधकों की तस्वीरें दिखाकर अपहरण की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रहा है. प्रधानमंत्री अलावी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने चैनल के दफ़्तर को एक महीने के लिए बंद करने का आदेश एक स्वतंत्र जाँच की रिपोर्ट के आने के बाद दिया है. अलावी ने कहा, "अल जज़ीरा के रोज़ाना कार्यक्रमों की समीक्षा करने के लिए एक जाँच दल का गठन किया गया था जिसका काम यह देखना था कि चैनल किस तरह की हिंसा को बढ़ावा दे रहा है और कैसे जातीय नफ़रत फैला रहा है." अल जज़ीरा अरब जगत में सबसे अधिक लोकप्रिय टीवी चैनल है और अरब जगत से बाहर भी उसे प्रमुख समाचार माध्यम के रूप में देखा जाता है. पत्रकारों का कहना है कि इस फ़ैसले से अरब जनता के बीच यह धारणा प्रबल हो सकती है कि सरकार अमरीका के इशारे पर काम कर रही है क्योंकि अमरीकी प्रशासन भी अल जज़ीरा चैनल से काफ़ी नाख़ुश रहा है. |
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