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अगले महीने बग़दाद जाएँगे क़ाज़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि पाकिस्तानी राजनयिक अशरफ़ जहांगीर क़ाज़ी अगले महीने इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के दूत का कार्यभार संभालेंगे. कोफ़ी अन्नान ने कहा कि क़ाज़ी अपने साथ एक छोटी टीम लेकर जाएँगे ताकि वहाँ संयुक्त राष्ट्र का दफ़्तर शुरू किया जा सके. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के और सदस्य वहाँ तब तक नहीं जाएँगे जब तक कि वहाँ उनकी सुरक्षा के लए विशेष बल नहीं तैनात किया जाता. इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने कहा है कि वे यह चाहते हैं कि अरब और मुस्लिम देश संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए तैनात किए जानेवाले विशेष बल के लिए अपने सैनिक भेजें. उन्होंने कहा कि मिस्र से इस बारे में संपर्क किया गया है मगर उनकी ओर से अभी कोई जवाब नहीं आया है. क़ाज़ी की नियुक्ति
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने इसी महीने अशरफ़ जहाँगीर क़ाज़ी को इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के अभियान का प्रमुख नियुक्त किया था. क़ाज़ी अमरीका में पाकिस्तान के राजदूत है. अनुभवी कूटनीतिज्ञ क़ाज़ी इससे पहले भारत, चीन, रूस, पूर्वी जर्मनी और सीरिया में पाकिस्तान के राजदूत रह चुके हैं. भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रह चुके क़ाज़ी के लिए ये काम मुश्किल भी होगा और ख़तरों से भरा भी. इराक़ में इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के दूत सर्गियो विएरा डि मेलो थे मगर अगस्त 2003 में बग़दाद स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय को निशाना बनाकर किए गए एक कार बम हमले में उनकी मौत हो गई थी. उनके साथ संयुक्त राष्ट्र के कम से कम 20 कर्मचारी भी मारे गए थे. उसके बाद से ही ये पद खाली था और अन्नान ने कहा था कि उन्हें ऐसा व्यक्ति खोजने में परेशानी हो रही है जो ये पद स्वीकार करे. |
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