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सद्र ने कहा विरोध करेंगे मगर हिंसा नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका विरोधी शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के एक प्रवक्ता ने कहा है कि वे इराक़ में विदेशी सेना का विरोध तो जारी रखेंगे मगर हिंसा का समर्थन नहीं करेंगे. समझा जा रहा है ये बयान शिया नेता की पिछली टिप्पणी को नर्म करने के लिए जारी किया गया है जिसमें कहा गया था कि अमरीकी सेना के साथ उनका संघर्षविराम समाप्त हो गया है. ये बयान इराक़ में चरमपंथ की रोकथाम के लिए नए क़ानून को लाने में दूसरी बार देरी किए जाने बाद दिया गया था. इराक़ की नई सरकार को ये क़ानून शनिवार को लागू करना था मगर उस दिन कहा गया कि घोषणा सोमवार को होगी. मगर इराक़ी प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने सोमवार को इसे फिर टाल दिया. अब मुक़्तदा सद्र के प्रवक्ता महमूद अल सौदानी ने कहा है,"हम शांति समझौते के लिए वचनबद्ध हैं मगर शांतिपूर्ण विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक कि इराक़ में विदेशी सैनिक मौजूद रहेंगे". मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों ने अप्रैल से इराक़ के कई शहरों में अमरीकी सेना कि विरोध करना शुरू कर दिया था जिसके बाद संघर्ष भी हुए थे. कई हफ़्तों के संघर्ष के बाद मई के अंत में शिया नेता ने अपनी मेहदी सेना के समर्थकों से संघर्ष बंद करने के लिए कहा. |
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