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इराक़ को सहयोग देने का संकल्प | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में सत्ता हस्तांतरण से ठीक पहले अमरीका और यूरोपीय संघ ने इराक़ की नई सरकार को पूरा सहयोग देने का संकल्प लिया है. आयरलैंड में हुई बैठक के बाद राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और यूरोपीय संघ के नेताओं ने इराक़ के लोगों को समर्थन देने के बारे में एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया. आयरलैंड के ड्रोमोलैंड में हुई इस वार्षिक बैठक में इराक़ मुद्दा ही हावी रहा. बीबीसी संवाददाता केविन कोनोली का कहना है कि संयुक्त बयान में इराक़ में सहयोग बढ़ाने पर एक रूपरेखा तैयार की गई है. घोषणापत्र में अमरीका और यूरोपीय संघ ने कहा कि वे इराक़ के पुनर्निर्माण में संयुक्त राष्ट्र के रुख़ का समर्थन करेंगे और वहाँ 31 जनवरी 2005 तक चुनाव कराए जाएंगें. इसके अलावा इराक़ का 120 अरब डॉलर का कर्ज़ कम किया जाएगा. साथ ही इराक के सुरक्षा बलों को हिंसा से निपटने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाएगा. संवाददाताओं का कहना है कि इस क़दम से यह स्पष्ट हो गया है कि इराक़ मुद्दे पर अमरीका और यूरोपीय संघ के बीच कड़वे मतभेद अब दूर हो चुके हैं. इस बैठक के दौरान आयरलैंड के प्रधानमंत्री बर्टी अहर्न ने इराक़ी कैदियों के साथ अमरीकी सैनिकों के अमानवीय व्यवहार की निन्दा भी की. मतभेद ग़ौरतलब है कि इराक़ मुद्दे पर अमरीका और यूरोप में ख़ासे मतभेद रहे हैं. इराक़ मुद्दे पर जॉर्ज बुश और यूरोपीय नेताओं के बीच कोई आम राय बनाना अब भी एक मुश्किल काम लग रहा है. लेकिन इराक़ में सत्ता हस्तांतरण में सिर्फ़ चंद दिन ही बचे हैं तो दोनों पक्षों ने आयरलैंड में हुई इस बैठक को इराक़ मुद्दे पर विवादों पर कोई रास्ता निकालने के लिए इस्तेमाल किया. दोनों पक्ष इस पर सहमत हुए हैं कि इराक़ पर हमला क्यों और कैसे हुआ, क्या ग़लत और क्या सही था, इन सवालों से आगे बढ़कर अब इराक़ के भविष्य पर ध्यान केंद्रित किया जाए. अमरीका राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने बैठक में आने से पहले कहा था कि अमरीका ने दुनिया को और सुरक्षित बनाया है लेकिन बुश के इस रुख़ का फ्रांस और जर्मनी समर्थन नहीं करते हैं. हालाँकि यूरोपीय संघ के देश इराक़ पर अमरीकी हमले के बारे में अपनी राय तो बदलने के लिए तैयार नज़र नहीं आते. लेकिन नवंबर में राष्ट्रपति पद के चुनाव में उतर रहे बुश प्रशासन के लिए यही काफ़ी है कि वे इराक़ में निर्माण कार्य में सहयोग के लिए तैयार हो गए हैं. विरोध इसके अलावा इस बैठक में व्यापार संबंधी मुद्दों, सुदान के संकट और इरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी विचार-विमर्श हुआ. अमरीका और यूरोपिय संघ ने तेहरान को परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू करने के फैसले पर फिर सोचने का परामर्श दिया. नेताओं ने सुदान को अरब लड़ाकों से निपटने को भी कहा जिन्होंने सैकड़ों अफ्रीकी गांववासियों को दरफूर इलाक़ें में अपने घर छोड़ने पर मजबूर किया है. ये बैठक भारी सुरक्षा के बीच संपनन् हुई. इसके लिए 4000 पुलिसकर्मी और 2000 सैनिक तैनात किए गए थे. क़रीब 1000 प्रदर्शनकारियों ने बैठक के विरोध में प्रदर्शन किए. नैटो की बैठक इसके बाद अमरीकी राष्ट्रपति बुश सोमवार को इस्तांबुल में होने वाली दो दिन की बैठक में हिस्सा लेने तुर्की रवाना हुए. रवाना होने से पहले आयरलैंड में उन्होंने कहा, "नैटो पर इराक़ के लोगों को आतंकवादी चुनौती से बचाने की पूरी क्षमता और ज़िम्मेदारी भी है." इस्तांबुल में नैटो के नेताओं के बीच इराक़ के सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण देने के मुद्दे पर एक शुरूआती समझौते पर समझौता होने की उम्मीद है. इस बैठक में अफगानिस्तान में गठबंधन के काम की समीक्षा भी की जाएगी, जहाँ नैटो की शांतिसेना भी मौजूद है. |
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