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अल-क़ायदा के सऊदी प्रमुख की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सऊदी टेलीविज़न पर अब्दुल अज़ीज़ अल-मुक़रिन के शव की तस्वीर दिखाई गई है. मुक़रिन ने अमरीकी इंजीनियर जॉनसन की हत्या की ज़िम्मेवारी ली थी. सऊदी अधिकारियों के अनुसार मुक़रिन और उसके तीन सहयोगियों की रियाद में पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई. गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार चरमपंथी जॉनसन का शव फेंक कर लौट रहे थे. मारे गए चार चरमपंथियों में तुर्की बिन फ़हद अल-मुताइरि शामिल बताया जाता है. मुताइरि पर पिछले महीने खोबर में बंधक बनाए जाने की घटना में शामिल होने का संदेह था. अधिकारियों ने कहा कि 12 अन्य अल-क़ायदा चरमपंथियों को भी गिरफ़्तार किया गया है. इससे पहले एक इस्लामी वेबसाइट ने मुक़रिन के मारे जाने की ख़बर का खंडन किया था. मुठभेड़ के बारे में सरकारी अधिकारियों ने ज़्यादा जानकारी नहीं दी है. ख़बर है कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने चरमपंथियों की कार का नंबर पुलिस को बताया था. मुक़रिन को सऊदी अरब में अल-क़ायदा का प्रमुख बताया जाता था. जॉनसन की हत्या अब्दुल अज़ीज़ मुक़रिन ने अमरीकी बंधक जॉनसन की हत्या में शामिल होने का दावा किया था.
जॉनसन एक हेलिकॉप्टर इंजीनियर थे और अमरीकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने उन्हें सऊदी अरब में तैनात किया था. उन्हें मारे जाने की तस्वीरें एक इस्लामी वेबसाइट पर प्रकाशित की गई थी. बाद में उनका शव भी बरामद किया गया. अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने हत्या की निंदा करते हुए हत्या करनेवालों को बर्बर बताया है. अमरीकी इंजीनियर पॉल मार्शल जॉनसन को पिछले सप्ताह सऊदी अरब की राजधानी रियाद में बंधक बनाया गया था. अल क़ायदा ने सऊदी सरकार से अपने कुछ चरमपंथियों को रिहा करने की माँग की थी जिसके पूरे न होने पर अपहर्ताओं ने जॉनसन को मार डाला. राष्ट्रपति बुश ने सिएटल में कहा,"वे लोग अमरीका को डराना चाहते हैं. हमारा मनोबल तोड़ना चाहते हैं. वे हमें दुनिया में पीछे हटाने की कोशिश कर रहे हैं". उन्होंने कहा कि अमरीका इस घटना से डरनेवाला नहीं है और इस हत्या के पीछे जिनका हाथ है उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा. |
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