|
रोनल्ड और नैंसी रीगनः एक आदर्श प्रेमगाथा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति रोनल्ड रीगन ने नवंबर 1994 में जब पहली बार अपनी बीमारी की बात सार्वजनिक की तो उन्होंने सबसे पहले अपनी पत्नी का ज़िक्र किया. अमरीकी जनता के नाम अपने बयान में उन्होंने लिखा, "मुझे हाल ही में बताया गया कि मैं उन लाखों अमरीकी लोगों में से एक हूँ जिन्हें अल्ज़ाइमर्स रोग का सामना करना होगा...मैं बस यही चाहता हूँ कि किसी तरह नैंसी को अपने इस दुःख से बचा सकूँ." मगर तब शायद रीगन को पता नहीं था कि चार दशक का साथ निभानेवाली नैंसी उनके जीवन के अगले 10 वर्षों में उनके लिए एक ऐसा सहारा बन जाएँगी जो चट्टान की तरह मज़बूत होगा. किसी आलोचक ने एक बार नैंसी और रोनल्ड रीगन के रिश्ते के बारे में कहा था, "अमरीकी राष्ट्रपतियों के इतिहास की ये सबसे महान प्रेम गाथा है." पहली मुलाक़ात रोनल्ड और नैंसी की पहली मुलाक़ात तब हुई जब दोनों फ़िल्मों की दुनिया में थे. मगर मुलाक़ात एक राजनीतिक कारण से हुई. हुआ ये कि 26 वर्षीया नैंसी इस बात से परेशान थीं कि उन्हीं के जैसी नाम की एक और अदाकारा नैंसी डेविस कम्युनिस्टों के साथ हमदर्दी रखनेवालों में गिनी जाती थीं. नैंसी को ये पता था कि तब अभिनेताओं के एक संगठन के प्रमुख रोनल्ड धुर कम्युनिस्ट विरोधी हैं और यही सोचकर नैंसी ने रोनल्ड से मिलने का वक़्त माँगा. उस समय रोनल्ड अभिनेत्री जेन वायमन के साथ अपनी शादी टूट जाने से उबर रहे थे जिनसे उन्हें दो बच्चे भी थे. रोनल्ड ने नैंसी से मिलना स्वीकार किया लेकिन कहा कि सुबह-सुबह उन्हें किसी से मिलना है इसलिए वे ज़्यादा देर नहीं करेंगे.
मगर बात का सिलसिला बढ़ता गया और भोर के तीन बजे दोनों ये तय करने में जुटे थे कि आगे क्या किया जाए. नैंसी अपनी पहली मुलाक़ात के बारे में कहती हैं, "मुझे पता नहीं कि ये पहली नज़र में प्यार वाला मामला था कि नहीं लेकिन हाँ ये उसके नज़दीक ज़रूर था." इसके बाद एक दिन रात खाना खाते समय जैसे ही रोनल्ड ने उनके सामने शादी का प्रस्ताव रखा, नैंसी ने हाँ कर दी. चार मार्च 1952 को लॉस एंजिल्स के बाहर एक चर्च में उनकी शादी हुई और समारोह को सादा और गोपनीय रखा गया. शादी के सात महीने बाद उनकी बिटिया पैटी उनके जीवन में आईं और 1958 में बेटे का जन्म हुआ. प्यार और प्रदर्शन ऐसा कहा जाता है कि रोनल्ड और नैंसी शायद अपने प्यार को देखकर खुश हुआ करते थे. जब रोनल्ड कोई भाषण दे रहे होते तो नैंसी एकटक उन्हें देखा करतीं और राष्ट्रपति पद की दौड़ से पहले जब दोनों एक-दूसरे को चूमते तो पत्रकार देखते रह जाते. एक संवाददाता ने कहा, "हमें ये महसूस होता था कि दोनों के बीच कुछ ख़ास, निजी और शानदार चल रहा है." व्हाइट हाउस में भी नैंसी हमेशा अपने पति की बाँहों में बाँहें डाले चला करतीं. नैंसी की एक प्रेस सचिव ने एक समय कहा, "उन्होंने कभी भी एक-दूसरे को हल्केपन से नहीं लिया और ना कभी प्यार करना बंद किया." 1989 में अपनी आत्मकथा माई टर्न में नैंसी ने रोनल्ड के साथ अपने संबंधों का ज़िक्र किया है. उन्होंने लिखा, "कई पत्रकारों ने लिखा कि हम दोनों कुछ-न-कुछ अभिनय करते हैं. मगर ये अभिनय नहीं था और ना है." बच्चों के साथ संबंध नैंसी और रोनल्ड के अत्यधिक प्रगाढ़ प्रेम का असर उनके बच्चों पर उल्टा पड़ा. रोनल्ड की पहली पत्नी से उनके दो बच्चे थे और नैंसी से उन्हें दो बच्चे हुए.
मगर चारों में से कोई भी अपने माता-पिता के बेहद क़रीब नहीं रहा. एक लेख के अनुसार नैंसी अगर किसी के सबसे ज़्यादा क़रीब थीं तो वो थी मौरीन जो कि रोनल्ड की पहली पत्नी की संतान थी. मगर पहली पत्नी से हुआ बेटा माइकल और नैंसी से हुए दोनों बच्चे परिवार से कटे-कटे रहे. लेकिन जैसे ही बच्चों को अपने पिता की बीमारी का पता चला वे अपने माता-पिता के पास चले आए. खट्टे पल रोनल्ड और नैंसी की प्रेम कहानी में कुछ खट्टे पल भी आए. 1991 में नैंसी रीगन की एक जीवनी में आरोप लगाया गया कि नैंसी के फ़िल्म स्टार फ़्रैंक सिनाट्रा से संबंध थे. नैंसी पर ये भी आरोप लगा कि वे अपने पति पर ज़रूरत से ज़्यादा ही प्रभाव रखती थीं. साथ ही रीगन दंपति की इस बात के लिए भी आलोचना हुई कि दोनों पंचांग और ज्योतिष पर ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा रखते हैं. व्हाइट हाउस के एक पूर्व कर्मचारी ने ये स्वीकार किया है कि नैंसी इन कुंडलियों के आधार पर रीगन के कार्यक्रमों में फेरबदल करती रहती थीं. बीमारी में साथ रोनल्ड रीगन की बीमारी के बाद नैंसी उनके बहुत क़रीब आईं. ये जानते हुए कि जिसके साथ उन्होंने बरसों निभाया, वो अब धीरे-धीरे ख़त्म हो रहा है, नैंसी उनका और ज़्यादा ख़याल रखने लगीं. उनकी बीमारी को नैंसी ने 'एक लंबी विदाई' या 'लॉँग गुडबाई' का नाम दिया. बीमारी के शुरूआती दिनों में वे रोनल्ड को फ़िट रखने के लिए उन्हें बाहर ले जातीं. रोनल्ड की पुरानी छवि बनी रहे इसके लिए उन्होंने सदा फ़ोटोग्राफ़रों को दूर रखा. उन्होंने 1998 में एक लेख में लिखा, "हम प्यार करते थे और प्यार करते हैं. जब मैं कहती हूँ कि मेरी ज़िंदगी रॉनी से शुरू हुई तो ये सच है. ये हुआ. मैं उनके बिना जीवन के बारे में सोच भी नहीं सकती." रोनल्ड तो नहीं रहे मगर नैंसी के साथ उनके प्यार से भरे रिश्ते की मिठास ना केवल एक सुखद कहानी को ज़िंदा रखेगी बल्कि क्षणभंगुर रिश्तों से भरी भागदौड़ की ज़िंदगी में ऐसे कई लोगों का विश्वास और सुद्ढ़ करेगी जो रिश्तों को क्षणभंगुर नहीं समझते. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||