BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 23 अप्रैल, 2004 को 11:38 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
उत्तर कोरिया की मीडिया में चुप्पी
उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया में मीडिया पर सरकारी नियंत्रण है
उत्तर कोरिया में हुई रेल दुर्घटना को लेकर जो भ्रम की स्थिति बनी रही उससे लगता यही है कि दरअसल क्या हुआ इसका साफ़ पता नहीं चल पाएगा.

दुर्घटना के बाद से ही उत्तर कोरिया की नियंत्रित मीडिया ने चुप्पी साध रखी है.

सबसे अंधेरे में रहे उत्तर कोरिया के लोग जो ख़बरों के लिए बस देश की सरकारी मीडिया पर ही निर्भर हैं.

मगर शुक्रवार सुबह प्योंगयांग रेडियो पर हुए प्रसारण में दुर्घटना का कहीं कोई ज़िक्र नहीं था.

समाचारों में बस उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग इल की चीन यात्रा का विवरण भरा था.

रेडियो समाचार

सुबह के घंटे भर के प्रसारण में पहले 30 मिनट में ख़बरें इस तरह से थीं -

*उत्तर कोरिया के 'महान नेता कॉमरेड किम जोंग इल' की तीन दिवसीय चीन यात्रा पर रिपोर्टें.

*किम जोंग इल के स्वागत में चीन के राष्ट्रपति हु जिंताओं के भाषण का पूरा लेख.

*समारोह में किम जोंग इल के भाषण का पूरा लेख.

*यात्रा पूरी करते समय किम जोंग इल का राष्ट्रपति हु जिंताओं को भेजे संदेश का पूरा लेख.

*जनरल किम जोंग इल के बारे में गाना.

इसके अतिरिक्त पूरे समाचार बुलेटिन में उत्तर कोरिया से संबंधित छोटे-मोटे समाचारों को जगह दी गई जिनमें एक रिपोर्ट एक फूल उत्सव पर थी.

उत्तर कोरिया के समाचारपत्रों में भी दुर्घटना का कहीं कोई अता-पता नहीं था.

सारे समाचारपत्रों में उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी के ब्यौरे से प्रकाशित रिपोर्ट ही पहली प्रमुख ख़बर थी.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>