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उत्तर कोरिया रेल दुर्घटना में 54 मरेः रेड क्रॉस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रेड क्रॉस का कहना है कि उत्तर कोरिया में दो रेलगाड़ियों की टक्कर में कम-से-कम 54 लोग मारे गए हैं. चीन की राजधानी बीजिंग से रेड क्रॉस के एक अधिकारी ने अनुसार 1200 से भी अधिक लोग घायल हुए हैं और लगभग 2000 घरों को नुक़सान पहुँचा है. कूटनयिक सूत्रों के अनुसार हताहतों की संख्या कहीं ज़्यादा हो सकती है. उन्होंने बताया कि ये हादसा तब हुआ जब डायनामाइट से भरी बोगियों पर एक बिजली का तार गिर गया. दुर्घटना गुरूवार को हुई थी मगर 24 घंटों के बाद भी इस बारे में स्पष्ट तौर पर पता नहीं चल पा रहा था कि ये कितनी बड़ी दुर्घटना है. शुरूआती रिपोर्टों में कहा गया था कि इसमें हज़ारों लोग मारे गए हैं. बताया गया था कि चीन के औद्योगिक शहर रयोंगचोन में रेलवे स्टेशन पर बड़ा बम धमाका हुआ. मगर अब बीजिंग में रेड क्रॉस के एक प्रवक्ता जॉन स्पैरो का कहना है कि दुर्घटनास्थल पर गई रेड क्रॉस की टीम के अनुसार कम-से-कम 54 लोग मारे गए हैं और 1200 से भी अधिक लोग घायल हुए हैं. प्रवक्ता ने कहा कि मरनेवालों की संख्या बढ़ भी सकती है. दुर्घटना की पुष्टि
उत्तर कोरिया में हुई दुर्घटना की पुष्टि विदेशों में स्थित उत्तर कोरियाई अधिकारियों ने की. बताया गया कि उत्तर कोरिया में ईंधन से भरी दो रेलगाड़ियों की भयंकर टक्कर हुई जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए. लेकिन उत्तर कोरिया की सरकार ने इस बारे में चुप्पी साधे रखी. कम्युनिस्ट राज्य उत्तर कोरिया से सीधी जानकारी मिलना मुश्किल है और प्रभावित क्षेत्र में विदेशों से संपर्क बनाने वाली टेलिफ़ोन लाइनें काट दिए जाने से इस घटना के बारे में बहुत सीमित जानकारी ही मिल रही है. बताया गया है कि इस घटना से क़रीब नौ घंटे पहले ही उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग घटनास्थल से गुज़रे थे. किम जोंग अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में चीन के साथ चर्चा के बाद स्वदेश लौट रहे थे. वे विमान से यात्रा नहीं करना पसंद नहीं करते और रेलगाड़ी से ही दूर का सफ़र करते हैं. |
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