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फ़लूजा में ब्रेमर की घोषणा का असर, लेकिन संघर्ष जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी शहर फलूजा में अमरीकी सैनिकों और सुन्नी लड़ाकों के बीच संघर्ष जारी है. लेकिन अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर की शांति वार्ता के लिए सैनिक कार्रवाई रोकने की घोषणा के बाद हिंसक घटनाओं में कमी आई है. फ़लूजा में अमरीकी सैनिक कमांडरों का कहना है कि सुन्नी लड़ाकों के साथ गोलीबारी जारी है. इससे पहले इराक़ में अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर ने घोषणा की थी कि बातचीत के लिए फ़लूजा में कार्रवाई रोकी जा रही है. फ़लूजा से एक अमरीकी पत्रकार ने बताया है कि कार्रवाई थोड़ी देर रुकी ज़रूर थी लेकिन एक बार फिर फ़लूजा कि गलियों में गोलों के धमाके सुनाई देने लगे हैं. लड़ाई जारी वाशिंटगन पोस्ट की पामेला कांस्टेबल ने बताया है कि अमरीकी मरीन सैनिक महिलाओं और बच्चों को शहर के बाहर जाने को कह रहे हैं और मानवीय सहायता भेजने की योजना भी बनाई जा रही है.
इसके अलावा राजधानी बग़दाद से फ़लूजा को जोड़ने वाली प्रमुख हाईवे को नियंत्रित करने के लिए भी लड़ाई जारी है. इस सड़क पर तेल ले जा रहे 10 ट्रकों को आग लगा दी गई. मौक़े पर मौजूद लोगों का कहना है कि ट्रक ड्राइवर ज़िंदा जल गए. इस सुन्नी बहुल इलाक़े के नियंत्रण के लिए पिछले पाँच दिनों से गठबंधन सेना का विद्रोहियों के साथ संघर्ष चल रहा था. इसमें अब तक 300 इराकी मारे जा चुके हैं. फ़लूजा के अलावा इराक़ के दक्षिण और पूर्वी इलाक़ों में भी हिंसा की ख़बर है. बक़ूबा शहर के आसपास संघर्ष की रिपोर्टें आ रही हैं. इससे पहले अमरीकी सैनिकों ने दावा किया था कि उन्होंने शिया लड़ाकों से कुत शहर का नियंत्रण वापस अपने हाथ में ले लिया है. बुधवार को शिया लड़ाकों ने यहाँ से यूक्रेन के सैनिकों को भगा दिया था. करबला में भी अमरीकी सैनिकों और शिया लड़ाकों के बीच संघर्ष में चार लोगों के मारे जाने की ख़बर है. इस्तीफ़ा उधर इराक़ी शासकीय परिषद के दो वरिष्ठ सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. अंतरिम मानवाधिकार मंत्री अब्देल बासित तुर्की दो दिनों में अपना पद छोड़ने वाले दूसरे मंत्री है. उनके अलावा शासकीय परिषद में एक और सदस्य इयाद अलावी ने भी इस्तीफ़ा दे दिया है. इन दोनों सदस्यों ने अपने त्यागपत्र का कोई कारण नहीं बताया है. शासकीय परिषद के कुछ सदस्यों ने फ़लूजा में अमरीकी कार्रवाई की निंदा की है.
परिषद में एक वरिष्ठ सुन्नी सदस्य अदनान पचाची ने अमरीकी कार्रवाई को पूरी तरह ग़ैर क़ानूनी बताया है. उन्होंने कहा कि अमरीकी की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती. पचाची ने कहा कि फ़लूजा के लोगों को सज़ा दी जा रही है. परिषद के कुर्द सदस्य महमूद उथमन ने कहा है कि अमरीकी सैनिक वहाँ की स्थिति से ग़लत तरीक़े से निपट रहे हैं. बग़दाद के पतन के ठीक एक साल बाद ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने कहा है कि उन्हें इसका अंदाज़ा नहीं था कि एक साल बाद भी वहाँ स्थिति इतनी बदतर है. स्ट्रॉ ने कहा कि अमरीका की अगुआई वाले गठबंधन को सैन्य शक्ति के अलावा राजनीतिक रुख़ भी अपनाना चाहिए ताकि इराक़ी लोगों को यह भरोसा दिलाया जा सके कि गठबंधन सेना की उपस्थिति लोकतांत्रिक सरकार बनने की दिशा में एक ज़रूरी माध्यम है. अपील दूसरी ओर फ़्रांस की सरकार ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र ने उससे अपील की है कि वह इराक़ में उसके कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अपने सैनिक भेजे. फ़्रांसिसी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया है कि संयुक्त राष्ट्र ने और भी कई देशों से इस संबंध में अपील की है और फ़्रांस भी उनमें से एक है. लेकिन प्रवक्ता ने स्पष्ट कर दिया है कि फ़्रांस का फ़ैसला उन राजनीतिक सवालों पर निर्भर है जिनका जवाब अभी भी नहीं मिला है. अमरीका के विशेष दूत लखदर ब्राहिमी इस समय इराक़ में हैं. वे वहाँ इराक़ियों को जून के आख़िर में प्रस्तावित सत्ता हस्तांतरण के बाद संयुक्त राष्ट्र की संभावित भूमिका के बारे में विचार विमर्श कर रहे हैं. |
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