|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी इरादों पर शियाओं का संशय
इराक़ के एक प्रमुख शिया धार्मिक नेता ने अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर को पत्र लिख कर इराक़ियों को सत्ता सौंपने के उनके इरादों पर संदेह ज़ाहिर किया है. हुजत अल इस्लाम अली अब्दुल हकीम अलसाफ़ी ने कहा कि ये योजनाएँ अमरीकी चुनाव से ज़्यादा जुड़ी नज़र आती हैं और इराक़ी हितों से कम. उन्होंने साथ ही बुश और ब्लेयर को ये चेतावनी भी दी कि इराक़ी जनता की उपेक्षा करने का नतीजा बुरा होगा. प्रदर्शन इराक़ी शिया नेता ने ये पत्र ऐसे दिन लिखा जब इराक़ के दक्षिणी शहर बसरा में हज़ारों की संख्या में इराक़ी लोगों ने प्रदर्शन किए. प्रदर्शनकारी ये माँग कर रहे थे कि इराक़ में नई सत्ता का गठन प्रत्यक्ष चुनाव से किया जाना चाहिए. अमरीका चाहता है कि ये चुनाव अप्रत्यक्ष तौर पर किया जाए. इराक़ में अमरीका की ओर से नियुक्त की गई इराक़ी शासकीय परिषद के नेता अदनान पचाची ने चेतावनी दी है कि अगर इराक़ियों को सत्ता सौंपने के बारे में कोई सहमति नहीं हुई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना वहाँ और दो साल तक बनी रह सकती है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||