|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुक़ाबला भारत और चीन से:ब्लेयर
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने उच्च शिक्षा में फीस बढ़ाने की नई विवादास्पद व्यवस्था को सही ठहराया है और कहा कि मुक़ाबला ख़ासतौर से भारत और चीन जैसे देशों से है. बीबीसी के एक कार्यक्रम ब्रेकफास्ट विद फ़्रॉस्ट में उन्होंने कहा कि ख़ासतौर से जब चीन, भारत जैसे देश उभरकर सामने आ रहे हों और जो औद्योगिक और आर्थिक रूप से हमें पीछे छोड़ने के लिए भारी निवेश कर रहे हों, तो हमारे बचने के लिए एक ही रास्ता बचता है कि अधिक से अधिक लोगों को बेहतरीन शिक्षा मिले. टोनी ब्लेयर का कहना था कि ब्रिटेन के लोगों को विश्वविद्यालय और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में उच्चस्तरीय शिक्षा मिलनी ज़रूरी है.
ब्रितानी प्रधानमंत्री का कहना था कि पैसे की समुचित व्यवस्था के बिना इसे क़ायम नहीं रखा जा सकता है. एक सवाल के जवाब में उनका यह भी कहना था कि ग्वांतनामो बे में बंदी नौ ब्रितानी क़ैदियों का मामला कुछ ही हफ़्तों में सुलझा लिया जाएगा. उन्होंने यह कहने से इंकार किया कि यदि ये लोग ब्रिटेन वापस लौटते हैं तो उन पर मुक़दमा चलाया जाएगा. इन सभी ब्रितानी नागरिकों पर आरोप है कि उनके संबंध अल-क़ायदा या अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व शासक तालेबान से रहे हैं. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||