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लीबिया को परमाणु जानकारी मिलने की जाँच
लीबिया को परमाणु तकनीक से जुड़ी जानकारी मिलने के मामले की जाँच तेज़ करने के पाकिस्तान के फ़ैसले का अमरीकी विदेश मंत्री ने स्वागत किया है. संदेह प्रकट किया गया था कि लीबिया को कथित परमाणु कार्यक्रम के लिए सेंट्रीफ़्यूज़ डिज़ाइन टेक्नॉलॉजी पाकिस्तान से मिली थी. अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने कहा, "मैं ख़ुश हूँ कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति इन आरोपों की सख़्ती से जाँच करा रहे हैं." पॉवेल ने कहा कि इस बारे में उन्होंने पाकिस्तान के राष्ट्रपति और अन्य अधिकारियों से कई बार बातचीत की है.
पहले भी आरोप लगाए गए हैं कि उत्तर कोरिया और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान ने टेक्नॉलॉजी उपलब्ध कराई थी. पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद ने कहा है कि लीबिया को परमाणु टेक्नॉलॉजी देने के "सारे आरोप बेबुनियाद हैं." कॉलिन पॉवेल ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया कि लीबिया को परमाणु तकनीक से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान से मिली थी या नहीं. पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों का खंडन किया है और मामले की जाँच की घोषणा की है. समाचारपत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमरीकी अधिकारियों के हवाले से ख़बर छापी थी कि लीबिया के परमाणु कार्यक्रम का स्रोत पाकिस्तान है. इसी तरह ब्रिटेन के प्रमुख अख़बार टाइम्स ने लीबिया के राष्ट्रपति कर्नल गद्दाफ़ी के बेटे सैफ़ अल इस्लाम गद्दाफ़ी का इंटरव्यू प्रकाशित किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके देश ने कई स्थानों से परमाणु टेक्नॉलॉजी ख़रीदी जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है. पाकिस्तान ने स्वीकार किया था कि पिछले दो महीनों में कई परमाणु वैज्ञानिकों से पूछताछ की गई है. पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले वैज्ञानिक अब्दुल कदीर ख़ान से भी इस सिलसिले में पूछताछ की गई थी. |
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