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छह जनवरी 2004 का पूरा साझा बयान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
साझा बयान का शब्दशः अनुवाद ---------------------------------------- भारत के प्रधानमंत्री और पाकिस्तान के राष्ट्रपति के बीच इस्लामाबाद में सार्क सम्मेलन के दौरान मुलाक़ात हुई. भारतीय प्रधानमंत्री ने सार्क सम्मेलन के सफलतापूर्वक संपन्न हो जाने पर संतोष प्रकट किया और मेज़बान देश की ओर से किए गए इंतज़ाम की सराहना की. दोनों नेताओं ने भारत पाकिस्तान के रिश्ते सामान्य करने की दिशा में उठाए गए क़दमों का स्वागत किया और आशा प्रकट की कि आपसी विश्वास मज़बूत करने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा. भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए हिंसा, शत्रुता और आतंकवाद को हर हाल में रोकना होगा. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने भारतीय प्रधानमंत्री को आश्वासन दिया कि पाकिस्तान के नियंत्रण वाले किसी भी इलाक़े से भारत के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधि नहीं होने दी जाएगी. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ और प्रधानमंत्री वाजपेयी के बीच इस बात पर सहमति हुई कि सभी मुद्दों पर निरंतर और सकारात्मक बातचीत से अच्छे परिणाम निकल सकते हैं. दोनों देशों के आपसी रिश्तों को सामान्य बनाने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री इस बात पर सहमत हुए कि फ़रवरी 2004 से व्यापक मुद्दों बातचीत की प्रक्रिया शुरू की जाए. दोनों नेताओं ने विश्वास प्रकट किया कि व्यापक बातचीत से कश्मीर सहित सभी द्विपक्षीय मुद्दों का हल, दोनों देशों की सहमति से निकल आएगा. दोनों नेताओं के बीच सहमति रही कि सकारात्मक बातचीत से शांति, विकास और सुरक्षा के लक्ष्य हासिल किए जा सकेंगे जिसका लाभ दोनों देशों की जनता और आने वाली पीढ़ियों को होगा. इस्लामाबाद, 06 जनवरी 2004 |
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