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ईरान में भूकंप पीड़ितों को बचाने की कोशिश
ईरान में भूकंप के मलबे में जीवितों की उम्मीद धूमिल होने के साथ ही अब प्रभावितों पर ध्यान दिया जा रहा है. बेघर हुए लोग जीने की संभावनाएं तलाश रहे हैं भूकंप से हुई तबाही के मलबे में अब किसी के जीवित होने की उम्मीद बहुत कम है. ईरानी मीडिया का कहना है कि शनिवार से क़रीब एक हज़ार लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि हज़ारों लोगों को कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ रहा है और उनके पास भोजन और पानी नहीं है. स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि भूकंप में मारे गए लोगों की संख्या 22 हज़ार तक पहुँच गई है लेकिन एक अधिकारी का यह भी कहना था कि यह संख्या तीस हज़ार भी हो सकती है. क़रीब 16 देशों के 400 राहतकर्मी ईरान पहुँच चुके हैं और वे अत्याधुनिक उपकरणों के ज़रिए मदद कर रहे हैं. लेकिन बाम में मौजूद बीबीसी संवाददाता जिम मुईर का कहना है कि इस बारे में लगभग आम राय है कि और राहतकर्मी नहीं बल्कि राहत सामग्री की ज़रूरत है और कुछ राहतकर्मी तो वापस लौट गए हैं. समझा अब भी यह जा रहा है कि अब भी मलबे में सैकड़ों नहीं बल्कि हज़ारों लोग दबे हुए हैं. राहतकर्मियों का कहना है कि मलबे में अगर जीवित बचे भी होंगे तो सोमवार तक बिना खाना पानी मिले उनकी मौत हो जाने की आशंका है. राहत जिन देशों ने राहत सामग्री और राहतकर्मी भेजे हैं उनमें अमरीका भी शामिल है जिसने ईरान को 'दुष्टता की धुरी' वाले तीन देशों में शामिल किया हुआ है.
राहत सामग्री से भरे दो अमरीकी विमान रविवार को ईरान की एक प्रांतीय राजधानी करमान में उतरे. पिछले एक दशक में ईरान उतरने वाला यह पहला अमरीकी विमान था. अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस का कहना है कि वह भी भारी तादाद में टैंट, कंबल, हीटर और बिजली बनाने वाले उपकरण भेज रहा है. हालाँकि संवाददाताओं का कहना है कि सड़कों और हर जगह मलबा पड़ा हुआ है जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है और यह मलबा साफ़ करने के लिए पहले बुलडोज़रों और अन्य भारी उपकरणों की ज़रूरत है. अब आशंका यह बढ़ रही है कि अगर मलबे से शवों को तलाश करके नहीं निकाला गया तो ऐसी बीमारियाँ फैल सकती हैं जो जीवितों के लिए ही ख़तरा बन सकती हैं. एक राहतकर्मी का कहना था, "हम मौत की गंध आनी शुरू हो रही है. अगर हमने सप्ताह के अंत तक मलबा साफ़ा नहीं किया तो महामारी फैलने का ख़तरा हो सकता है." ऐसे माहौल में कुछ लूटपाट की भी घटनाएं हो रही हैं. कुछ सशस्त्र लोगों ने रेडक्रॉस की एक वैन में से कंबल और अन्य सामान लूटा है. |
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