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रूस में पुतिन समर्थक पार्टी को बहुमत मिला
रूस के संसदीय चुनावों में राष्ट्रपति पुतिन समर्थक युनाइटेड रूस पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिल गया है. लगभग 90 प्रतिशत मतों की गिनती हो गई है और युनाइटेड रूस पार्टी अपनी प्रतिद्वद्वी कम्युनिस्ट और राष्ट्रवादियों से बहुत आगे हैं. युनाइटेड रूस पार्टी को 36 प्रतिशत से अधिक मत हासिल हो गए हैं. ये पार्टी पिछले साल राष्ट्रपति पुतिन को समर्थन देने के लक्ष्य से ही बनाई गई थी. सोवियत संघ के विघटन के बाद ऐसा पहली बार होगा कि राष्ट्रपति या उनके समर्थकों को संसद में बहुमत हासिल होगा. राष्ट्रवादी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी दूसरे स्थान पर और कम्युनिस्ट तीसरे स्थान पर नज़र आ रही हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चुनाव के नतीजों के बारे में ऐसा ही अनुमान लगाया गया था. पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि ये रुख़ जारी रहा तो राष्ट्रपति पुतिन के लिए सुधार कार्यक्रम जारी रखना आसान होगा. साथ ही इस बात की संभावना बढ़ गई है कि अगले साल होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनावों में वो फिर चुने जा सकेंगे. उधर कम्युनिस्ट पार्टी ने चुनाव में धाँधली का आरोप लगाया है. चुनाव अधिकारियों के अनुसार इस चुनाव में 30 प्रतिशत मतदाता वोट करने के लिए सामने आए. चौथे चुनाव कम्युनिस्ट सत्ता समाप्त होने के बाद चौथी बार संसदीय चुनाव हुए हैं. इन चुनावों में संसद के निचले सदन दूमा के लिए सदस्यों का चयन किया जा रहा है. साढे चार सौ स्थानों के लिए हुए इन चुनावों में 23 पार्टियाँ ने हिस्सा लिया. विदेशी पर्यवेक्षकों का कहना था कि चुनावों में समाचार माध्यमों ने खुल कर युनाइटेड रूस पार्टी का पक्ष लिया था. चुनावों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी. इसी सप्ताह रूस में एक यात्री रेलगाड़ी में हुए बम धमाके में 42 लोग मारे गए थे. जिस स्थान पर विस्फोट हुआ वह चेचेन्या के काफ़ी नज़दीक है जहाँ रूस की सरकार अलगाववाद की समस्या से जूझ रही है. |
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