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पॉवेल के प्रस्ताव से नाराज़ इसराइल
अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पावेल ने कहा है कि वे मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के लिए तैयार की गई जिनेवा योजना के समर्थक देशों के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात करेंगे. इसे लेकर इसराइल सरकार और बुश प्रशासन के बीच भारी असहमति बनती दिख रही है, इसराइल ने इस योजना पर आपत्ति जताई है. न तो इसराइल सरकार और न ही फ़लस्तीनी प्रशासन ने इस योजना को समर्थन दिया है. इसराइल के एक मंत्री एहुद ओलमर्ट ने तो यहाँ तक कहा कि कॉलिन पावेल ग़लती कर रहे हैं और इससे शांति प्रक्रिया को किसी तरह की मदद नहीं मिलेगी. समझा जाता है कि यह मुलाक़ात शुक्रवार को होगी जब पावेल उत्तर अफ़्रीका और यूरोप के अपने दौरे से वापस लौटेंगे.
इस अनौपचारिक शांति योजना का उद्देश्य मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया को दोबारा शुरु करना है. कहा जा रहा है कि इस योजना को गुप्त तरीके से बनाया गया है और इसमें इसराइल के विपक्ष के नेता और ग़ैरसरकारी फ़लस्तीनी वार्ताकार शामिल हैं. इस योजना में एक स्वतंत्र फ़लस्तीनी राज्य बनाने के साथ-साथ यहूदी बस्तियों को हटाने का प्रावधान है. साथ ही इस योजना में इसराइल को इस निर्णय का अधिकार देने की भी बात की गई है कि वो कितने फ़लस्तीनियों को अपने इलाक़े में आने देगा. उधर, अमरीका के वरिष्ठ धार्मिक नेताओं ने राष्ट्रपति बुश से कहा है कि वह मध्यपूर्व में शांति के लिए अपने प्रयास तेज़ करें. ईसाई, यहूदी और मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वह शांति के लिए बनी योजना 'रोडमैप' को आगे बढ़ाए. |
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