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मध्य पूर्व पर एक और शांति योजना बनी
फ़लस्तीनी और इसराइली राजनीतिक नेताओं ने एक वैकल्पिक और अनौपचारिक शांति योजना बनाई है. इन राजनीतिक नेताओं की जिनेवा में बैठक हुई और इस योजना को 'जिनेवा एकॉर्ड' का नाम दिया गया है. इस अनौपचारिक शांति योजना का उद्देश्य मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया को दोबारा शुरु करना है. ख़बर है कि इस योजना को गुप्त तरीके से बनाया गया है और इसमें इसराइल के विपक्ष के नेताओं और अनौपचारिक फ़लस्तीनी वार्ताकारों ने भाग लिया. इस योजना में एक स्वतंत्र फ़लस्तीनी राज्य बनाने के साथ-साथ यहूदी बस्तियों को हटाने का प्रावधान है. साथ ही इस योजना में इसराइल को इस निर्णय का अधिकार देने की भी बात की गई है कि वो कितने फ़लस्तीनियों को अपने इलाकों में आने देगा. मध्य-पूर्व में शांति की स्थापना के इस वैकल्पिक प्रयास को इसराइली सरकार ने ये कहते हुए ख़ारिज कर दिया है कि ये अनाधिकारिक है और इससे कोई फ़ायदा नहीं होगा. महत्वपूर्ण है कि इस शांति योजना को कई नोबेल पुरस्कार जीतने वाले लोगों और पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जिम्मी कार्टर का समर्थन हासिल है. |
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