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इराक़ी लोगों पर हमले बढ़े: ब्रेमर
हाल के दिनों में इराक़ में अमरीकी सैनिकों पर हमलों में कमी आई है लेकिन इराक़ियों को ज़्यादा निशाना बनाया जाने लगा है. इराक़ में अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर और जनरल जॉन अबीज़ैद ने यह जानकारी देते हुए कहा है कि अमरीकी सैनिकों ने भी संदिग्ध छापामारों पर हमले तेज़ किए हैं. ब्रेमर ने कहा, "इराक़ में सुरक्षा स्थिति में बदलाव आया है." उन्होंने कहा कि बाग़ियों की रणनीति में यह बदलाव इसलिए आ रहा है कि अमरीका उन पर हमले तेज़ कर रहा है. ब्रेमर ने स्पष्ट किया कि इसके बावजूद हमलावर इराक़ियों को अमरीका के साथ मिलकर काम करने से नहीं रोक पाएँगे. 'नाकाम होंगे' पॉल ब्रेमर ने कहा, "हमलावर गठबंधन की सेना को डराने में नाकाम रहे हैं और अब उन्होंने निर्दोष इराक़ियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. लेकिन वे सफल नहीं होंगे."
जनरल अबीज़ैद ने कहा कि इराक़ में विदेशी लड़ाके नहीं बल्कि सद्दाम हुसैन के वफ़ादार हमले कर रहे हैं. उधर इराक़ के उत्तरी शहर किरकुक में हुए बम विस्फोट में तीन इराक़ियों के घायल होने की ख़बर है. जनरल अबीज़ैद ने यह भी स्पष्ट किया कि अमरीका की सेना हमेशा के लिए इराक़ में रहने नहीं आई हैं. उन्होंने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं कि अमरीकी सैनिक इराक़ छोड़ देंगे.जब यहाँ हमारी कोई ज़रूरत नहीं बचेगी हम चले जाएँगे." लेकिन बीबीसी संवाददाता पीटर ग्रीस्टे का कहना है कि जनरल अबीज़ैद के बयान का यह भी मतलब निकाला जा सकता है कि इराक़ की स्थिति के नाम पर अमरीकी सेनाएँ वहाँ सालों तक रूक सकती हैं. |
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