|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रपति शेवर्दनाद्ज़े की नई पेशकश
जॉर्जिया के राष्ट्रपति एडुवर्ड शेवर्दनाद्ज़े ने नए सिरे से चुनाव कराने की पेशकश की है. लेकिन उन्होंने इसके लिए यह शर्त रखी है कि प्रदर्शनकारी संसद भवन को खाली करें. रूस के विदेश मंत्री इगोर इवानोफ़ के साथ बातचीत के बाद शेवर्दनाद्ज़े ने कहा, "सभी मुद्दों पर बात हो सकती है वह चाहे राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया में तेज़ी हो या फिर दोबारा संसदीय मतदान कराने की बात." इगोर इवानोफ़ जॉर्जिया में पैदा हुए संकट का कूटनीतिक हल निकालने की कोशिशों के तहत वहाँ पहुँचे हैं. इससे पहले उन्होंने विपक्षी नेताओं से भी बात की थी. शेवर्दनाद्ज़े ने कहा कि उनका अनुरोध वैधानिक माँग के साथ-साथ अल्टीमेटम भी है. जॉर्जिया के विपक्षी दलों ने शनिवार को संसद भवन पर क़ब्ज़ा कर लिया था. उनकी माँग है कि दो नवंबर को हुए संसदीय चुनावों में अधिकारियों ने धाँधली की. इनकार लेकिन शेवर्दनाद्ज़े ने राष्ट्रपति पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और चेतावनी दी है कि सेना देश पर नियंत्रण करने के लिए तैयार है. लेकिन जॉर्जिया के रक्षा मंत्री डेविड तेवज़ाद्ज़े ने स्पष्ट किया है कि सेना बलपूर्वक कोई क़दम नहीं उठाएगी.
उन्होंने कहा, "देश में आपातकाल का मतलब यह नहीं है कि क़ानून-व्यवस्था की स्थिति बहाल करने के लिए सैनिक कार्रवाई की जाए." उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें इस संबंध में राष्ट्रपति की ओर से कोई निर्देश नहीं मिला है. दूसरी ओर राष्ट्रपति शेवर्दनाद्ज़े ने कहा है कि सेना रविवार देर रात या सोमवार तक देश का नियंत्रण संभाल सकती है. इस बीच वहाँ के नैश्नल मुवमेंट के नेता मिखाइल साक्षविली ने अपने समर्थकों से कहा कि वे आंतरिक मंत्रालय को चारों ओर से घेर लें. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||