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तुर्की विस्फोटों में 27 की मौत, 400 घायल
तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में एक के बाद एक दो विस्फोट हुए हैं. तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि इस्तांबुल में हुए इन विस्फोटों में कम से कम 27 लोग मारे गए हैं और 400 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. मरने वालों में ब्रितानी महावाणिज्य दूत रोजर शॉर्ट शामिल हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हताहतों की संख्या और हो सकती है. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इन हमलों की भर्त्सना की है. इन विस्फोटों के कारण कई इमारतें ध्वस्त हो गईं हैं. पहला बम तुर्की के व्यापारिक क्षेत्र में एचएसबीसी बैंक के परिसर में फटा. दूसरा बम ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास के पास हुआ जिससे आसपास की इमारतों को भारी नुक़सान होने की ख़बर है. तुर्की सरकार के प्रवक्ता का कहना था कि ये हमले आत्मघाती कार बम विस्फोटों के ज़रिए हुए.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि एचएसबीसी की 15 मंज़िली इमारत व्यस्त व्यावसायिक केंद्र के बीच में थी और जब तुर्की के समयानुसार सुबह 1110 पर यहाँ विस्फोट हुआ तो उस समय वहाँ अनेक लोग मौजूद थे. इसके दो मिनट बाद ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास के बाहर विस्फोट हुआ. ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास के पास खड़े क्रिस क्रिटीनॉस का कहना था,"वहाँ अफरातफरी मची हुई थी... और आम लोग वहाँ से लोगों को उठा कर ले जा रहे थे." इन विस्फोटों से शहर की टेलीफ़ोन और बिजली व्यवस्था ठप हो गई है. प्रतिक्रिया विस्फोटों के तुरंत बाद ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने इन्हें आतंकवाद की एक और घटना बताया है.
उनका कहना था कि इनके पीछे अल क़ायदा और उससे जुड़े संगठनों का हाथ लगता है. विस्फोटों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तुर्की के विदेश मंत्री अब्दुल्ला गुल का कहना था कि इन घटनाओं के बावजूद तुर्की आतंकवाद के आगे नहीं झुकेगा. इसके कुछ दिनों पहले इस्तांबुल में ही यहूदियों के दो उपासना स्थलों के पास हुए कार बम विस्फोटों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे. तुर्की के एक कट्टरपंथी इस्लामी संगठन आईबीडीए-सी(ग्रेट ईस्टर्न इस्लामिक रेडर्स फ़्रंट) ने उन विस्फोटों की ज़िम्मेदारी ली थी. |
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