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विस्फोट की ज़िम्मेदारी अल क़ायदा ने ली
अरबी भाषा के एक अख़बार का कहना है कि उन्हें अलक़ायदा का एक बयान मिला है जिसमें तुर्की के इस्तांबुल में हुए विस्फोट के लिए ज़िम्मेदारी ली गई है. लंदन से प्रकाशित होने वाले इस अख़बार 'अल क़ुद्स' के संपादक का कहना है कि अल क़ायदा ने यह ज़िम्मेदारी एक ईमेल भेजकर ली है. उल्लेखनीय है कि शनिवार को इस्तांबुल में यहूदियों के दो उपासना स्थलों के पास हुए विस्फोटों में 20 से अधिक लोग मारे गए थे. अख़बार के संपादक का कहना है, ''इस बयान में कहा गया है कि ये विस्फोट इस जानकारी के बाद किए गए थे कि इन उपासना स्थलों से इसराइली मोसाद के एजेंट काम कर रहे हैं.'' संपादक अब्दल बारी अतवान ने अल जज़ीरा टीवी को बताया कि यह बयान अल क़ायदा के शहीद अबु हफ़्ज़ अल मासरी ब्रिगेड ने किया है. इसी ब्रिगेड ने अगस्त में बग़दाद में संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में हुए विस्फोट के लिए ज़िम्मेदारी ली थी, जिसमें 23 लोग मारे गए थे. विशेषज्ञों का कहना है कि यह पुष्टि कर पाना संभव नहीं है कि ये दावे अल क़ायदा से ही आ रहे हैं. तुर्की के प्रधानमंत्री रज़ब तैयब अरगोदान का कहना है कि इसकी जाँच की जा रही है. इससे पहले कहा गया था कि इस्तांबुल में हुआ विस्फोट तुर्की के ही कट्टरपंथी संगठन ने किया है. तुर्की के बीबीसी संवाददाता रिचर्ड गाल्पिन का कहना है कि तुर्की ने तत्काल ही अंतरराष्ट्रीय कट्टरपंथी संगठनों पर आरोप लगाए थे. |
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