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इराक़ियों के स्वास्थ्य पर युद्ध की मार
इराक़ के लोगों को युद्ध की वजह से कई पीढ़ियों तक ख़राब स्वास्थ्य का सामना करना पड़ेगा. मेडएक्ट नामक संस्था की रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध के कारण इस साल इराक़ में टीकाकरण अभियान बाधित हुआ. इसी तरह जलापूर्ति व्यवस्था में व्यवधान ने भी बीमारियों के प्रसार को बढ़ावा दिया. रिपोर्ट में तेल कुओं में लगी आग के पर्यावरणीय दुष्प्रभावों के अलावा स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की भी चर्चा की गई है. इराक़ में असुरक्षा के माहौल और जन स्वास्थ्य सेवाओं के चरमरा जाने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ और बढ़ी हैं. भारी संख्या में जनहानि मेडएक्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध के कारण इराक़ में 22 हज़ार से 55 हज़ार के बीच लोग मारे गए. मरने वालों में से अधिकांश इराक़ी सैनिक थे.
इसके अनुसार युद्ध का सबसे बुरा असर समाज के कमज़ोर तबके यानि महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों पर पड़ा है. युद्ध के दौरान ढाई लाख बच्चों को खसरे का टीका नहीं लगाया जा सका. यों तो टीकाकरण का काम फिर से शुरू हो चुका है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उन ढाई लाख बच्चों को टीका लग पाया या नहीं. रिपोर्ट तैयार करने वाली डॉक्टर साबिया फ़ारूक़ ने बीबीसी को बताया, "जन स्वास्थ्य सेवाओं में व्यधान के अलावा लोगों के स्वास्थ्य पर सबसे बुरा असर हिंसा और असुरक्षा के माहौल का पड़ा है." |
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