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शनिवार, 08 नवंबर, 2003 को 19:45 GMT तक के समाचार
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लश्कर के सदस्यों को अमरीका में सज़ा
बीएसएफ़ जवान
लश्करे तैबा ने भारतीय सैनिकों पर कई बार हमले किए हैं

अमरीका की एक अदालत ने भारतीय कश्मीर में जिहाद की तैयारी के जुर्म में चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा के तीन सदस्यों को जेल की सज़ा सुनाई है.

ये पहला मौक़ा है जब अमरीका में कश्मीर से जुड़े किसी मामले में सज़ा सुनाई गई है.

सज़ा पानेवालों में से एक व्यक्ति पाकिस्तानी मूल का नागरिक है जिसने अमरीका की नागरिकता ले रखी है.

दो लोगों को 11 साल और एक को चार साल की सज़ा हुई है.

इन तीनों ने अपना अपराध क़बूल कर लिया था.

आरोप

सज़ा पानेवाले तीनों लोग हैं ख़्वाज़ा महमूद, हसन, योंग की क्वोन और डोनल्ड सरेट.

उनपर आरोप था कि उन्होंने अमरीका में रहते हुए कश्मीर में जिहाद की तैयारी की.

आरोप लगाया गया कि इन तीनों ने वर्जीनिया और मेरीलैंड में हथियार चलाना सीखा.

साथ ही कहा गया कि इन्होंने कश्मीर जाकर वहाँ लश्करे तैबा के कैंपों में प्रशिक्षण लिया.

अतीक़ अहमद नाम के एक चौथे व्यक्ति को अगले महीने सज़ा सुनाई जाएगी.

मामला

अमरीकी जाँच एजेंसी एफ़बीआई ने इस वर्ष जून में 11 लोगों को एक साज़िश रचते हुए गिरफ़्तार किया था.

इनमें नौ अमरीकी नागरिक थे और सात लोगों ने अपना अपराध क़बूल करने से इनकार कर दिया.

इनपर आरोप था कि कश्मीर के अलावा उन्होंने फ़िलीपींस और चेचन्या में भी आतंकवादी कार्रवाई की योजना बनाई.

एफ़बीआई ने वाशिंगटन के नज़दीक छापा मारकर इनलोगों के पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया.

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