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अमरीका में नए गर्भपात क़ानून का विरोध
अमरीका में बच्चे के जन्म से कुछ समय पहले होने वाले गर्भपात पर पाबंदी लगाने वाले क़ानून के विरोधियों ने कई क़ानूनी चुनौतियाँ रखी हैं. नेब्रास्का राज्य के एक न्यायालय ने इस क़ानून के चार डॉक्टरों पर लागू किए जाने पर रोक लगा दी है. राष्ट्रपति जॉर्ज बुश बुधवार को ऐसे गर्भपात पर पाबंदी लगाने वाले क़ानून पर हस्ताक्षर किया था. पिछले तीस साल में अमरीका में गर्भपात से संबंधित ये पहली महत्वपूर्ण पाबंदी है. इसे अमरीकी रूढ़िवादियों की एक जीत के रूप में देखा जा रहा है. नेब्रास्का नेब्रास्का राज्य में न्यायाधीश रिचर्ड कॉप्फ़ का कहना था, "यदि इस क़ानून को सीधे-सीधे संविधान का उल्लघंन न भी माना जाए तो भी इस क़ानून के बारे में काफ़ी संदेह हैं."
उनका तर्क था, "इस क़ानून में माँ के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कोई रियायत देने का प्रावधान नहीं है." नए क़ानून के तहत 'आंशिक जन्म गर्भपात' पर पाबंदी लग जाएगी जिसके तहत गर्भ के पाँचवे या छठे महीने में भ्रूण को मारने से पहले उसे माँ के शरीर से बाहर निकाल लिया जाता है. संसद ने इस विधेयक को पिछले महीने मंज़ूरी दे दी थी. राष्ट्रपति बुश ने कहा, "पिछले कई वर्षों से उन बच्चों के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त हिंसा अपनाई जा रही है जो बस जन्म लेने की कगार पर हैं और क़ानून इससे अपनी आँखें फेर लेता है". इस क़ानून के बाद यदि कोई डॉक्टर ऐसा गर्भपात करता पाया जाता है तो उसे दो साल की क़ैद हो सकती है. उधर डैमोक्रैटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हॉवर्ड डीन ने इस 'अमरीकी स्त्रियों के लिए अंधकार भरे दिन' की संज्ञा दी है. पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने ऐसे ही दो विधेयकों की 'वीटो' कर दिया था. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि 1973 में अमरीका के सर्वोच्च न्यायालय के गर्भपात को संवैधानिक अधिकार मानने के बाद से ये इस संबंध में पहला मुख्य परिवर्तन है. |
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