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एतराज़ के बावजूद अमरीका मतदान के पक्ष में
रूस, फ़्रांस, जर्मनी और चीन के एतराज़ के बावजूद अमरीका के नए इराक़ प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मतदान कराने की संभावना है. रूस ने इराक़ पर अमरीका के संशोधित प्रस्ताव के मसौदे को ठुकरा दिया है. संयुक्त राष्ट्र में रूसी राजदूत सर्जी लवरोव ने इस पर और चर्चा की बात कही है. रूस कह चुका है कि इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मतदान के लिए नहीं रखा जाना चाहिए. अमरीका इस प्रस्ताव के तहत इराक़ में शांति स्थापित करने के लिए अन्य देशों की सेनाओं की तैनाती और वहाँ पुनर्निर्माण के लिए धनराशि चाहता है. रूस, चीन डटे
इराक़ प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र के स्थायी सदस्यों के बीच मतभेद तो कम हो रहे हैं लेकिन रूस बार-बार अमरीकी प्रस्ताव में कोई न कोई कमी निकाल रहा है. रूस के विदेश उपमंत्री युरी फ़ेदोतोव ने कहा कि वे दो-तीन मुद्दों पर गंभीर मतभेद बरक़रार हैं. रूस चिंतित है कि संयुक्त राष्ट्र की इराक़ में राजनीतिक भूमिका क्या होगी और अंतरराष्ट्रीय शांति सेना की क्या ज़िम्मेदारी होगी. रूस के इस रवैए से अमरीका को झटका लगा है. मंगलवार को रूस, फ़्रांस और जर्मनी ने अमरीकी प्रस्ताव के मसौदे में संशोधन के लिए छह संशोधन पेश किए थे. अमरीका का रवैया ये है कि वह जितना लचीलापन दिखा सकता था वह दिखा चुका है. लेकिन चीन के राजदूत वैंग गुयाँग्या ने कहा, "हम महसूस करते हैं कि मसौदा हमारी उम्मीद के अनुसार नहीं है." उन्होंने कहा, "यदि इराक़ में संयुक्त राष्ट्र की भूमिक बढ़ाई जाती है और इराक़ियों को प्रभुसत्ता जल्द सौंपने की स्पष्ट बात होती है तो बेहतर होगा." |
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