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संशोधित इराक़ प्रस्ताव अलग नहीं: अन्नान
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि इराक़ पर अमरीका का संशोधित प्रस्ताव पहले वाले प्रस्ताव से ज़्यादा अलग नहीं है. लेकिन उन्होंने माना कि इस संशोधित प्रस्ताव में उनके कुछ सुझावों पर ध्यान दिया गया है ताकि इस मुद्दे पर कोई प्रगति हो सके. दूसरी ओर रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक और जर्मनी के राष्ट्रपति गेरहार्ड श्रोएडर से टेलीफ़ोन पर बात की है. बातचीत में तीनों नेताओं में यह सहमति को गई है कि अमरीका के संशोधित इराक़ प्रस्ताव पर अभी भी बातचीत हो सकती है. दरअसल अमरीका के इराक़ प्रस्ताव पर सहमति न होने के कारण इसमें कुछ संशोधन किया गया है. जिसे ब्रिटेन और स्पेन का समर्थन हासिल है. दूसरी ओर इराक़ में ताज़ा विस्फोट की घटना हुई है. अमरीकी सैनिक अधिकारियों के अनुसार एक आत्मघाती हमलावर ने तुर्की के दूतावास पर हमले की कोशिश की. इस हमले में आत्मघाती हमलावर मारा गया और कई लोग घायल हो गए. सहमति सुरक्षा परिषद में अपने संबोधन में कोफ़ी अन्नान ने कहा कि संशोधित प्रस्ताव पर सभी सदस्य देशों की सहमति लेने की कोशिश करनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि उनका अनुभव ये बताता है कि अगर प्रस्ताव को ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय सहमति मिलती है, तो उसके सफल होने की ज़्यादा संभावना होती है. अन्नान ने कहा कि इस तरह के प्रस्तावों की असली परीक्षा उसके शब्द नहीं, बल्कि उसके प्रभाव होते हैं. अमरीकी प्रस्ताव पर विवाद संयुक्त राष्ट्र की इराक़ में भूमिका को लेकर ज़्यादा है. अमरीका इस प्रस्ताव के तहत इराक़ में शांतिरक्षक सैनिकों की तैनाती चाहता है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र को बड़ी भूमिका देने से कतरा रहा है. इस पर रूस, फ़्रांस और जर्मनी जैसे देशों को ऐतराज है. इन देशों को इस पर भी आपत्ति है कि इराक़ियों के सत्ता हस्तांतरण के लिए कोई समयसीमा नहीं तय की गई है. |
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