बो शिलाई कांड: पूर्व पुलिस प्रमुख के खिलाफ मुकदमा शुरू

चीन के सबसे बड़े राजनीतिक कांड <link type="page"> <caption> बो शिलाई</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/china/2012/04/120424_xilai_overview_tb.shtml" platform="highweb"/> </link> मामले में पूर्व पुलिस प्रमुख वांग लिजुन के खिलाफ मुकदमा शुरू हो गया है.
वांग लिजुन पर आरोप है कि ब्रितानी कारोबारी <link type="page"> <caption> नील हेवुड</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/china/2012/04/120418_heywood_murder_psa.shtml" platform="highweb"/> </link> की हत्या के मामले में उन्होंने ठीक से कार्रवाई नहीं की, रिश्वत ली और अपने पद का दुरुपयोग किया.
बो शिलाई की पत्नी <link type="page"> <caption> गू काईलाई</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/china/2012/08/120810_gu_kailai_admits_sdp.shtml" platform="highweb"/> </link> को नील हेवुड हत्या मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई है, हालांकि इस सज़ा को स्थगित रखा गया है.
वांग लिजुन के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही मंगलवार से शुरू होनी थी, लेकिन उनके वकील वांग युनकाई ने कहा कि सोमवार से ही सुनवाई आरंभ हो गई है.
<link type="page"> <caption> एक सम्राट का पतन</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/china/2012/04/120424_xilai_overview_tb.shtml" platform="highweb"/> </link>
वांग युनकाई के हवाले से डेली टेलीग्राफ अखबार ने खबर दी है कि ''मुकदमा सुबह साढ़े आठ बजे शुरू हुआ और कार्यवाही दोपहर में खत्म हो गई.''
इसमें कहा गया है कि ''मुकदमे के गोपनीय और सार्वजनिक दो हिस्से हैं. आज का मुकदमा गोपनीय था क्योंकि इसमें सरकारी गोपनीयता जुड़ी हुई थी. इसका संबंध ठीक से कार्रवाई न करने और अपने हिसाब से कानून को तोड़ने-मरोड़ने संबंधी आरोपों से है.''
चीन में मौजूद बीबीसी संवाददाता जॉन सुडवर्थ का कहना है कि विदेशी पत्रकारों को सुनवाई के सार्वजनिक हिस्से को कवर करने की इजाजत नहीं होगी.
अभी ये पता नहीं चल पाया है कि वांग लिजुन के खिलाफ मुकदमा कितना लंबा चलेगा. बो शिलाई की पत्नी गू काईलाई के खिलाफ चला मुकदमा एक दिन में ही खत्म हो गया था.
सत्ता परिवर्तन

पूर्व पुलिस प्रमुख वांग लिजुन के खिलाफ मुकदमे की ये कार्यवाही ऐसे समय हो रही है जब कम्युनिस्ट पार्टी की एक अहम बैठक आगामी कुछ हफ्तों में होनी है.
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक, कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता हस्तांतरण और नेतृत्व परिवर्तन से पहले इस मामले को निपटा देना चाहती है.
बीबीसी संवाददाता का ये भी कहना है कि वांग लिजुन ने अमरीका से मदद नहीं मांगी होती तो नील हेवुड हत्या मामले की संभवत: कभी जांच नहीं होती.
मामले की जांच नहीं होती तो गू काईलाई आज़ाद होतीं और उनके पति बो शिलाई चीन की सबसे शक्तिशाली राजनीतिक संस्था पोलित ब्यूरो की स्थाई समिति में अपनी जगह पक्की कर चुके होते.
ठोस सबूत
चीन की सरकारी मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि वांग लिजुन के खिलाफ ठोस सबूत मिले हैं.
शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, वांग के खिलाफ अभियोग में कहा गया है कि वो ये जानते थे कि गू काईलाई की नील हेवुड हत्या में संदिग्ध भूमिका है, लेकिन उन्होंने जान-बूझकर इस तथ्य की अनदेखी की और कानून को अपने हिसाब से तोड़ा-मरोड़ा.
विश्लेषकों का कहना है कि वांग के भागकर अमरीकी दूतावास जाने से चीन की बड़ी किरकिरी हुई और इस मामले में कूटनीति के साथ ही सरकारी गोपनीयता का मामला भी जुड़ गया.
खबरों में कहा गया है कि वांग लिजुन को भी गू काईलाई की तरह मौत की सज़ा सुनाई जा सकती है.












