अमरीका करेगा दूतावास हमले की जांच

अमरीकी अधिकारियों के अनुसार अमरीका इस बात की जांच कर रहा हैं कि कहीं लीबिया में हुआ हमला पूर्व नियोजित तो नहीं था.
लीबिया में अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले में अमरीकी राजदूत समेत कई लोग मारे गए थे.
वाणिज्य दूतावास हमलावरों के जिहादी संगठनों से संबध होने की खबरों के बीच अमरीकी अधिकारियों का कहना हैं कि वाणिज्य दूतावास पर हुआ हमला बहुत ही जटिल और पेशेवर था.
जबकि पहले माना जा रहा था कि ये हमला इस्लाम विरोधी फ़िल्म के विरोध में अचानक किया गया हमला था.
हथियारबंद हमलावरों ने मंगलवार रात को लीबिया के शहर बेनगाज़ी में अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर हमला कर दिया था.
<link type="page"> <caption> कब-कब हुआ इस्लाम और कुरान का अपमान</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/09/120912_islam_disrespect_da.shtml" platform="highweb"/> </link>
इस हमले में अमरीकी राजदूत के अलावा तीन अमरीकी और 10 लीबियाई नागरिक मारे गए थे.
वहीं मिस्त्र की राजधानी कायरो में अमरीकी दूतावास के बाहर सुरक्षा कर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई है.ये प्रदर्शनकारी भी इस्लाम के विरोध में बनी फ़िल्म का निर्देशन कर रहे थे.
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लीबिया के बेनगाजी में अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले और इस हमले में राजदूत जॉन क्रिस्टोफर स्टीवन्स समेत अन्य तीन अमरीकियों के मारे जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है.
बराक ओबामा ने राजदूत के हत्यारों को कानून के कटघरे तक लाने का संकल्प लिया.
लेकिन ओबामा ने ये भी कहा कि इस हमले के बावजूद लीबिया की नई सरकार और अमरीका के ऱिश्तों पर कोई आंच नही आएगी.
बेनगाज़ी में अमरीकियों पर हमला

रिपोर्टों के अनुसार राजदूत स्टीवन्स हमले के बाद अपने कर्मचारियों के साथ परिसर को खाली करने के मकसद से वहाँ गए.
फिर वे वहाँ से किसी सुरक्षित जगह के लिए जा रहे थे जब बंदूकधारियों ने दोबारा भीषण हमला किया जिससे सुरक्षा कर्मचारियों को भी पीछे हटना पड़ा.
बीबीसी संवाददाता राणा जावाद के अनुसार कुछ रिपोर्टों मे कहा गया है कि लड़ाकों का एक गुट अंसार अल-शरिया ब्रिगेड इस हमले के लिए जिम्मेदार है लेकिन इस गुट ने इससे इनकार किया है.
<link type="page"> <caption> इस्लाम को 'कैंसर' बताती फिल्म का विरोध</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/09/120912_film_islam_da.shtml" platform="highweb"/> </link>
लीबिया की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष मोहम्मद मागरेफ ने इस घटना पर अमरीका से माफी मांगी है.
उधर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने बयान में कहा है, "क्रिस अमरीका के अत्यंत बहादुर प्रतिनिधि के उदाहरण थे. लीबिया में क्रांति के दौरान उन्होंने देश (अमरीका) और लीबियाई लोगों और बेनगाजी में हमारे मिशन की सेवा की थी."
ओबामा ने पूरी दुनिया में अमरीकी कूटनयिक दफ्तरों की सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया है.












