
मध्य पूर्व में ईरान के पास मिसाइलों का सबसे बड़ा और विविध भंडार है
इसराइल के निवर्तमान घरेलू रक्षा मंत्री ने कहा है कि ईरान पर किसी तरह के हमले से महीने भर लंबी लड़ाई छिड़ सकती है जिससे 500 इसराइली मारे जाएँगे.
इसराइली मंत्री मतान विलनाई ने मारिव नामक एक अख़बार से कहा कि ये लड़ाई कई मोर्चों पर होगी और इसमें इसराइली शहरों और कस्बों पर सैकड़ों मिसाइलें दागी जाएँगी.
उन्होंने कहा,इसराइल पूरी तरह तैयार है…कुछ मौतें होंगी, बल्कि ज़्यादा..और ये अनुमान एक ऐसी लड़ाई के बारे में है जो कई मोर्चों पर 30 दिन तक चलेगी."
अगस्त के अंत में चीन के राजदूत बनने जा रहे मंत्री ने कहा कि इसराइल इसके लिए तैयार है मगर ईरान के परमाणु केंद्रों के बारे में अमरीका से तालमेल करना पड़ेगा.
उन्होंने जो बात कही है वैसी ही बात इसराइली रक्षा मंत्री एहुद बराक कह चुके हैं जिन्होंने कहा था कि लड़ाई की सूरत में 500 इसराइली मारे जा सकते हैं.
वैसे विल्नाई ने अमरीकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा के मंगलवार के दिए गए बयान पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि अमरीका को ऐसा नहीं लगता कि इसराइल ने ईरान पर हमले के बारे में कोई फ़ैसला कर लिया है.
इसराइल तैयार
"इसराइल पूरी तरह तैयार है…कुछ मौतें होंगी, बल्कि ज़्यादा..और ये अनुमान एक ऐसी लड़ाई के बारे में है जो कई मोर्चों पर 30 दिन तक चलेगा"
मतान विलनाई, इसराइली मंत्री
इस बीच, एक अमरीकी ब्लॉगर ने ऐसी सामग्री प्रकाशित की है जिसे वो इसराइली हमले की योजना बता रहा है.
रिचर्ड सिल्वरस्टीन ने बीबीसी को बताया कि उसे इसराइल की आठ सदस्यीय सुरक्षा कैबिनेट की एक बैठक का आंतरिक मेमो मिला है जिसमें बताया गया है कि इसराइली सेना ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए क्या करेगी.
इस लीक किए गए मेमो से पता चलता है कि लड़ाई की शुरूआत ईरान की बुनियादी सेवाओं पर एक ज़बरदस्त साइबर हमले से शुरू होगी जिसके बाद उसके परमाणु ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए जाएँगे.
सेना की कमांड और कंट्रोल सेवाओं, अनुसंधान और विकास केंद्रों और परमाणु और मिसाइल विकास से जुड़े बड़े लोगों के घरों पर भी निशाना लगाया जाएगा.
इसके बाद ही लड़ाकू विमानों से उन चुने हुए ठिकानों पर हमले किए जाएँगे जहाँ और हमले होना ज़रूरी होंगे.
बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि इन दस्तावेज़ों की सत्यता की पुष्टि करना संभव नहीं है मगर ऐसी किसी तरह की कार्रवाई के परिणाम दूरगामी होंगे.
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि इसराइल या अमरीका के हमले की सूरत में वो उसका जवाब देगा, या तो सीधा या परोक्ष.








