ईरान एक और परमाणु संयंत्र स्थापित करेगा

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ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की चर्चा में थोड़ी उम्मीदें जागने के कुछ ही दिनों बाद ईरान ने घोषणा की है कि वह दूसरा परमाणु संयंत्र स्थापित करेगा.
ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख फरीदुन अब्बासी ने कहा है कि एक हज़ार मेगावाट की क्षमता वाला दूसरा परमाणु संयंत्र भी दक्षिणी ईरान के बुशहर में स्थापित किया जाएगा.
इसी शहर में ईरान का पहला परमाणु संयंत्र स्थापित है.
ये संयंत्र ईरानी कैलेंडर के अनुसार अगले साल स्थापित किया जाएगा. इसका अर्थ है कि अंग्रेज़ी कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2014 की शुरुआत में ये संयंत्र स्थापित होगा.
ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्वक कार्यों के लिए होने का दावा करता है जबकि अमरीका और कुछ पश्चिमी देश मानते हैं कि ईरान परमाणु बम बनाने का प्रयास कर रहा है.
इस मुद्दे पर अमरीका और यूरोपीय देशों के ईरान से रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं और इनके प्रयासों से ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध भी लगाए गए हैं.
विवाद न हो
दूसरी ओर ईरान की अर्ध सरकारी ईरानियन स्टूडेंट्स न्यूज़ एजेंसी (आईएसएनए) के अनुसार फरीदून अब्बासी ने कहा है यूरेनियम का 27 प्रतिशत संवर्धन ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव की वजह नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि ईरान को अगले 19 वर्षों में 10 हजार मेगावाट ऊर्जा की जरुरत पड़ सकती है, इससे परमाणु ऊर्जा की जरुरत को समझा जा सकता है.
आईएईए के अनुसार ईरान ने कोम शहर के पास फोर्दो में यूरेनियम का 27 प्रतिशत तक संवर्धन किया लेकिन ईरान ने कहा है कि ऐसा दुर्घटनावश हो गया था.
ईरानी परमाणु एजेंसी के प्रमुख अब्बासी का कहना है कि ईरान यूरेनियम का 20 प्रतिशत संवर्धन जारी रखेगा.
उल्लेखनीय है कि बगदाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर छह अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों की चर्चा इस नतीजे पर खत्म हुई है कि 18-19 जून को मॉस्को में आगे चर्चा होगी.












