कुरान जलाने की घटना पर ओबामा ने मांगी माफी

पवित्र कुरान की अधजली इन प्रतियों के मिलने के बाद ही अफगानिस्तान में अमरीका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरु हुआ

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इमेज कैप्शन, पवित्र कुरान की अधजली इन प्रतियों के मिलने के बाद ही अफगानिस्तान में अमरीका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरु हुआ

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय का कहना है कि बगराम सैन्य अड्डे पर अमरीकी सैनिकों द्वारा पवित्र कुरान की प्रतियां जलाने की घटना पर राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हामिद करजई को एक पत्र भेजकर माफी मांगी है.

राष्ट्रपति कार्यालय का ये भी कहना है कि ओबामा ने इस घटना को गैर इरादतन बताते हुए मामले की पूरी पड़ताल का वादा किया है.

ओबामा ने अपने पत्र में कहा है, ''बताई गई घटना पर मैं अपना गहरा शोक प्रकट करना चाहता हूं. मैं आपसे और अफगानिस्तान के लोगों से माफी मांगता हूं. असावधानी की वजह से ये भूल हुई.''

उन्होंने कहा, ''मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि ऐसी किसी भी घटना का दोहराव रोकने के लिए हम समुचित कदम उठाएंगे. इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी.''

'गहरा शोक'

अमरीकी सैनिकों द्वारा पवित्र कुरान की प्रतियां जलाने के विरोध में अफगानिस्तान में जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान कम से कम आठ और लोग मारे गए हैं जिनमें नैटो के दो सैनिक भी शामिल हैं. इसमें कई लोग घायल भी हुए हैं.

नैटो के इन सैनिकों को पूर्वी प्रांत ननगहार में अमरीकी-अफगान सैन्य ठिकाने पर एक प्रदर्शनकारी ने गोली मारी जिसने अफगान सेना की वर्दी पहन रखी थी.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि एक मस्जिद ने स्थानीय लोगों से हमला करने का आह्वान किया है.

इसबीच तालिबान ने पवित्र कुरान के 'अपमान' का बदला लेने के लिए पश्चिम के लोगों को मारने का आह्वान किया है.

एक बयान में तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि अफगानिस्तान के लोगों को विरोध प्रदर्शन बंद नहीं करना चाहिए और 'सबक' सिखाने के लिए सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना चाहिए.

इससे पहले बुधवार को विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में भी सात लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हो गए थे.