अफगानिस्तान:कुरान जलाने के विरोध में प्रदर्शन, 10 घायल

इमेज स्रोत, Reuters
नेटो सैनिकों द्वारा कुरान की प्रतियां जलाने के विरोध में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में प्रदर्शन हुए हैं. गोलीबारी में 10 लोग घायल हो गए हैं. जलालाबाद में भी प्रदर्शन हो रहे हैं.
अफगानिस्तान में अमरीकी कमांडर, जनरल जॉन एलन ने मंगलवार को इस मामले में माफी मांगी थी. उन्होंने कहा था कि अमरीकी सैन्य अड्डे पर 'ग़लती' से कुरान की प्रतियाँ जला दी गईं थी.
रिपोर्टों के मुताबिक अमरीकी अधिकारियों को लगा कि तालिबान कैदी एक दूसरे को संदेश भेजने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं.
स्थानीय मजदूरों को इसके जले हुए हिस्से मिले थे.
काबुल में प्रदर्शनकारियों ने 'अमरीका की मौत' के नारे लगाए और शहर में अमरीका के मुख्य ठिकाने पर पथराव किया.
काबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता एंड्रयू नॉर्थ का कहना है कि इसमें कम से कम चार पुलिसकर्मी घायल हुए.
अठारह वर्षीय एक प्रदर्शनकारी अजमल ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, ''अमरीकी यदि इस स्तर पर जाकर हमारा अपमान करेंगे तो हम चरमपंथियों के साथ हो जाएंगे.''
खुफिया संदेश

इमेज स्रोत, AFP
काबुल में प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सुरक्षाबल हवा में गोलियां चला रहे थे. रिपोर्टों में ये भी कहा गया है कि लोगों ने यहां तालिबान के समर्थन के नारे भी लगाए.
प्रदर्शनकारियों ने पूर्वी शहर जलालाबाद को काबुल से जोड़ने वाली सड़क को भी बंद कर दिया.
बीते साल फ्लोरिडा में एक कट्टर अमरीकी पादरी ने कुरान की एक प्रति जलाई थी जिसके बाद हुए विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 24 लोग मारे गए थे.
काबुल स्थित अमरीकी दूतावास ने ट्विटर के जरिए संदेश दिया है कि परिसर पूरी तरह से बंद है और कोई कहीं जा नहीं पा रहा है.
मंगलवार को बगराम हवाई ठिकाने पर सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों पर रबर की गोलियां चलाई थीं. इसमें एक व्यक्ति घायल हो गया था और इस सिलसिले में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया था.












