अफ़्रीकी देशों में बाल विवाह को रोकने और लड़कियों की शिक्षा के लिए कई संगठन काम कर रहे हैं.
इमेज कैप्शन, यूनिसेफ का कहना है कि 18 साल से कम उम्र में शादी कराना मानवाधिकर हनन है. इसके बावजूद दुनियाभर में 20 से 24 साल की उम्र की लड़कियों में चार में से एक लड़की का बाल विवाह हुआ है. पुरस्कार विजेता फोटोग्राफर स्टीफेनी सिनक्लेयर ने अफ्रीका में ख़तरे में फंसी ऐसी लड़कियों के अधिकारों के लिए लड़ने वाली महिलाओं की तस्वीरें ली हैं. दक्षिण अफ्रीका की प्रथम महिला थोबेका मदीबा जुमा और ज़ांबिया की प्रथम महिला एस्थर लुंगू इस मुहिम में शामिल हैं.
इमेज कैप्शन, ज़ांबिया में इसके खिलाफ़ चलाई जा रही मुहिम में 400 स्वास्थ्य कर्मी, शिक्षक और स्थानीय दिग्गजों को लिया गया है, जो लोगों को महिलाओं के प्रति हिंसा और बाल विवाह के खिलाफ़ सचेत कर सकें.
इमेज कैप्शन, जब जोसफिन कुले नौ साल की थीं, हर हफ्ते एक के बाद एक, उनकी कोई ना कोई सहपाठी स्कूल आना छोड़ देती थीं. उनका पहले खतना और फिर उनकी शादी उनसे 30 साल से अधिक उम्र वाले व्यक्ति से करा दी जाती थी. कुले ने कीनिया में सामबुरु गर्ल्स फाउंडेशन की स्थापना करने में मदद की, जो ऐसी लड़कियों की मदद करता है. कुले कहती हैं कि उनका काम बेहद चुनौती भरा है, क्योंकि कोई राजनीतिक इच्छा या समर्थन नहीं मिलता.
इमेज कैप्शन, प्राथमिक स्कूल में शिक्षक और मॉरिटानिया की राजधानी नोआखाली के एक मस्जिद में बाद में इमाम बने हादिमी आउल्द सालेक ने इस प्रथा के खिलाफ़ आवाज़ उठाई. उनका तर्क है कि इस्लामी कानून बच्चों के शारीरिक गरिमा की रक्षा करता है. 2010 में उन्होंने अपने सहयोगियों को खतना रोकने के लिए राज़ी कराया.
इमेज कैप्शन, महिला और बाल विकास मंत्रालय के बाल संरक्षण विभाग के निदेशक गौतिए लुएला कहते हैं कि कांगो में अक्सर नवजात शिशु को देखकर माता-पिता उसकी शादी की बात सोचते हैं. ख़ासकर तब जब वो बच्ची हो. लेकिन उनका कहना है कि अब सोच में कुछ बदलाव आ रहा है.
इमेज कैप्शन, माली में यूथ एसोसिएशन फॉर एक्टिव सिटिज़नशिप एंड डेमोक्रेसी से जुड़ी कार्यकर्ता सोकोना ताउनकारा कहती हैं, "मेरे कई दोस्त हैं जो बाल विवाह के शिकार हैं." वो विभिन्न माध्यमों से लोगों को बाल विवाह और महिलाओं के अधिकारों के लिए सचेत करती हैं.
इमेज कैप्शन, अफ्रीकी देश चाड में महिलाओं के अधिकारों से जुड़ी संस्थान की उप-निदेशक डिफानी कहती हैं, "चुनौती ग्रामीण क्षेत्रों में है, लोग अब भी वास्तिवकता से वाकिफ़ नहीं हैं. हम ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे हैं, ताकि उन्हें ऐसा करने से रोक सकें."
इमेज कैप्शन, ज़ांबिया में एंगोनी बोलने वाले समुदाय के प्रमुख मैडज़िमावे का कहना है कि ज़बरदस्ती की शादी से बच्चियों को बाहर निकालना सबसे मुश्किल काम है. वो कहते हैं, "उन्हें काउंसलिंग की ज़रूरत है ताकि उन्हें अपने समुदाय में वापिस ले लिया जाए."
इमेज कैप्शन, ज़ांबिया में 'द गर्ल्स अजेंडा' के संस्थापक जेंग, किशोरावस्था में प्रेगनेंट हो गई थीं. सभी ने उनकी शादी करानी चाही, पर उनकी मां ने ज़ोर दिया कि वो स्कूल जाएं. उनकी संस्थान लड़कियों को अधिकार संपन्न बनाने की कोशिश करते हैं.
इमेज कैप्शन, उत्तरी नाइजीरिया के डॉक्टर हलिरू याहाया का मानना है कि बाल विवाह को ख़त्म करना आसान नहीं है और ये रातों रात नहीं हो सकता.