जुगनू और ज्वालामुखी

रोशनी दोनों में होती है लेकिन कितना फ़र्क़ हैं इनमें. प्रकृति कैमरे के शौकीन लोगों का पसंदीदा विषय रहा है. देखें ताकाहितो की नज़रों से कुदरत.

ज्वालामुखी विस्फोट की सागर पर पड़ती छाया. ताकाहितो मियाताके
इमेज कैप्शन, ताकाहितो मियाताके एक जापानी फ़ोटोग्राफ़र हैं. उनकी तस्वीरों की एक प्रदर्शनी न्यूयॉर्क में मई के महीने में शुरू होने जा रही है.
ज्वालामुखी विस्फोट की रोशनी और साकुराजिमा ज्वालामुकी का मुख. ताकाहितो मियाताके
इमेज कैप्शन, ताकाहितो मियाताके नेचर फ़ोटोग्राफ़ी की दुनिया में जापान के उभरते हुए सितारों में से एक हैं. ताकाहितो की तस्वीरों में जापान की प्राकृतिक कला की समृद्ध परंपरा की झाँकी देखी जा सकती है.
'होतारु इका' या सागरीय इलाके में पाए जाने वाले जुगनू, ताकाहितो मियाताके
इमेज कैप्शन, ये तस्वीर 'होतारु इका' या सागरीय इलाक़े में पाए जाने वाले जुगनुओं की हैं. वे सागर तट पर सतह के नजदीक अंडे देने आई थीं. मियाताके को हाल ही में निक्की नैशनल जियोग्राफ़िक फ़ोटो प्राइज़ का दूसरा सालाना पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.
'हाइम बोतारु' नस्ल के जुगनू (होतारिया पारवुला), ताकाहितो मियाताके
इमेज कैप्शन, इस पुरस्कार का उद्देश्य जापान के उभरते हुए फ़ोटोग्राफ़र्स को वैश्विक मंच पर जगह दिलाना है. इस तस्वीर में गर्म और संतरे के रंग की रोशनी बिखेरते हुए 'हाइम बोतारु' नस्ल के जुगनू (होतारिया पारवुला) देखे जा सकते हैं.
दी नारुतो स्ट्रेट. ताकाहितो मियाताके
इमेज कैप्शन, मियाताके अपनी तस्वीरों के ज़रिए बकौल उनके 'जापान की रोशनी' और प्राकृतिक छटा के बीच की आपसी जुगलबंदी को तलाशते हैं. ये एक तरह से जल, स्थल और आकाश के बीच के अंतर्संबंधों की पड़ताल करने जैसा है.
ताइशो लावा, सितारे और ज्वालामुखी विस्फोट. ताकाहितो मियाताके
इमेज कैप्शन, साकुराजिमा ज्वालामुखी के विस्फोट की उनकी तस्वीरें पास के पानी के शांत स्रोत की पृष्ठभूमि को समेटे हुए हैं जिसमें चट्टानें और नौकाएँ भी हैं. उनकी तस्वीरें जापानी चित्रकला की याद दिलाते हैं. साकुराजिमा ज्वालामुखी दक्षिणी जापान के कागोशिमा इलाक़े में है.
जाड़े की चाँदनी रात, ताकाहितो मियाताके
इमेज कैप्शन, ताकाहितो मियाताके समकालीन वाका कवि उत्सुबो कुबोता से प्रेरित हैं. वाका एक तरह का जापानी परंपरागत साहित्य है जो प्रकृति के प्रति मानवीय हृदय की संवेदना को दर्शाता है.
शिमांतो नदी के ऊपर एक छोटा सा पुल. ताकाहितो मियाताके
इमेज कैप्शन, रंगों और रोशनी के इस्तेमाल को लेकर ताकाहितो जापान की प्राकृतिक छटा की गहराइयों में उतरते हैं. वे कहते हैं, "शिमांतो नदी के ऊपर एक छोटा सा पुल बना हुआ है जो कि थोड़ा नीचे भी है. शिमांतो जापान की कांच की तरह साफ़ सुथरी आख़िरी नदी है. गर्मियों की शुरुआत में 'लुसिओला क्रुसिएट' प्रजाति के जुगनू नदी की सतह पर बेहद ही ख़ूबसूरती के साथ फैल गए हैं."
ताकाहितो मियाताके
इमेज कैप्शन, ताकाहितो मियाताके का जन्म जापान के ओसाका में 1966 में हुआ था और उन्होंने टोक्यो के पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई 1988 में पूरी की. छात्र जीवन में ही उनका परिचय जाने माने जापानी फ़ोटोग्राफ़र योशिकाज़ु शिराकावा से हुआ. ताकाहितो योशिकाज़ु के काम से बेहद प्रभावित हुए. योशिकाज़ु का नेचर फ़ोटोग्राफ़ो की दुनिया में बहुत नाम था.
जुगनू और आकागंगा, ताकाहितो मियाताके
इमेज कैप्शन, ताकाहितो कहते हैं, "कहा जाता है कि साथी तलाश लेने के बाद जुगनू आसमान में लौट जाते हैं. मैंने देखा कि आकाशगंगा जंगलों और हरे रंग की रोशनी के ऊपर चमक रही थी." ताकाहितो मियाताके की तस्वीरों की प्रदर्शनी न्यूयॉर्क के स्टीवन कैशर गैलरी में 28 मई से शुरू होकर सात जून 2014 तक चलेगी.