ये होता है जब ज्वालामुखी फूटता है

अभी ज्यादा दिन नहीं बीते जब इंडोनेशिया के सुमात्रा टापू पर माउंट सिनाबुंग ज्वालामुखी भड़का था. सिनाबुंग पूरी तरह से ठंडा भी नहीं पड़ा कि जावा टापू पर माउंट केलुद ज्वालामुखी राख और कंकर-पत्थर उगलने लगा.

जावा टापू पर माउंट केलुद ज्वालामुखी
इमेज कैप्शन, इंडोनेशिया के जावा टापू पर माउंट केलुद ज्वालामुखी भड़कने से चारों तरफ राख और बजरी फैल गई. माउंट केलुद इंडोनेशिया में सक्रिय 130 ज्वालामुखियों में से एक है.
जावा टापू पर माउंट केलुद ज्वालामुखी
इमेज कैप्शन, विस्फोट से निकले गुबार ने आसपास की सड़कों, गांवों और घरों को अपनी चपेट में ले लिया.
जावा टापू पर माउंट केलुद ज्वालामुखी
इमेज कैप्शन, ज्वालामुखी सक्रिय होने की एक घंटे पहले ही चेतावनी जारी की गई. इस कारण स्थानीय लोगों को उस इलाके से निकलने के लिए काफी कम समय मिला.
जावा टापू पर माउंट केलुद ज्वालामुखी
इमेज कैप्शन, कई कस्बों में राख की चार सेंटी मीटर मोटी परत जम गई है. राख और बजरी के वजन से कुछ स्थानों पर छत ढहने की खबर भी है.
जावा टापू पर माउंट केलुद ज्वालामुखी
इमेज कैप्शन, आपदा पीड़ित लोग अस्थाई डेरों में रह रहे हैं. कई लोगों ने सुरक्षा मास्क लगा रखे हैं.
जावा टापू पर माउंट केलुद ज्वालामुखी
इमेज कैप्शन, ज्वालामुखी से निकली राख और कंकड़-पत्थरों से करीब 200 किलोमीटर के दायरे में आने वाले रिहाइशी इलाके प्रभावित हुए हैं. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अब विस्फोट का असर कम हो रहा है.
जावा टापू पर माउंट केलुद ज्वालामुखी
इमेज कैप्शन, अधिकारियों का कहना है कि इस आपदा से करीब दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं.