मटकी वाले मटन में क्या है ख़ास?

महात्मा गांधी के चंपारण आंदोलन के 100 साल पूरे होने पर चंपारण सुर्खियों में है. लेकिन बिहार का 'चंपारण मीट' भी ख़ूब पसंद किया जाता है.

ये ख़ास तरह का मटन है जिसे मटन अहुना भी कहते हैं. इसे मिट्टी की हांडी में तैयार किया जाता है.

ये मटन दूसरे मटन की तुलना में कहीं ज़्यादा सुपाच्य होता है. दो से तीन घंटे के अंदर ये पच जाता है.

मिट्टी की हांडियों में भरे मटन को लकड़ी के कोयले की धीमी आंच पर पकाया जाता है.

बिहार में इसे चंपारण मीट के नाम से जाना जाता है और जगह जगह पर इसकी दुकानें दिखाई देती हैं.

इसे पकाने में और किन बातों का ख़्याल रखना है, जानने के लिए देखें बीबीसी हिंदी के लिए पटना से मनीष शांडिल्य का भेजा वीडियो.

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