'जिस दिन शादी थी, उसी दिन हुआ मेरा गैंगरेप'

कीनिया के नैरोबी में जब टेरी गोबांगा अपनी ही शादी में नहीं पहुंच पाई तो चर्च में अफ़वाह फैल गई कि शायद उन्होंने शादी नहीं करने का मन बना लिया है.

लेकिन टेरी चर्च नहीं पहुंच पाईं क्योंकि उसी दिन उनके साथ गैंगरेप हुआ. टेरी गोबांगा ने बताया कि कैसे शादी के दिन सुबह उन्हें एक ग्रुप ने अगवा किया और छह घंटे तक उन्हें प्रताड़ित किया.

गोबांगा अपने मंगेतर हैरी से शादी को लेकर काफ़ी उत्साहित थीं लेकिन वह दिन उनके लिए रूह कंपाने वाला रहा.

गोबांगा को लग रहा था कि वह ज़िंदा नहीं बचने वाली हैं. उनके साथ कई पुरुषों ने लगातार रेप किया. जब उन्होंने विरोध जताया तो चाकू से हमला किया. गैंगरेप और चाकू से जख़्मी करने के बाद गोबांगा को सड़क के किनारे फेंक दिया गया था.

बीबीसी से बात करते हुए गोबांगा ने बताया, ''शादी की पहले वाली रात को मुझे लगा कि हैरी के कुछ कपड़े हैं जिसे वह शादी में पहनने वाला है. अगले दिन तड़के मेरे दोस्त मुझसे वो कपड़े ले गए और मैं उनके साथ बस स्टॉप तक गई."

गोबांगा को वहां से घर लौटते हुए एक व्यक्ति ने अचानक पीछे से पकड़कर एक गाड़ी में बिठा लिया. गोबांगा ने कहा कि जिस गाड़ी में उन्हें बिठाया गया उसमें दो लोग पहले से ही मौजूद थे.

गोबांगा ने कहा, ''कपड़े का एक टुकड़ा मेरे मुंह में डाला गया. उस कपड़े में कुछ भरा हुआ था. मैंने चीखना शुरू किया तो उन्होंने मारना शुरू कर दिया. मैंने ज़ोर से चिल्लाकर कहा कि आज मेरी शादी है.''

उन्होंने कहा, ''उनमें से एक आदमी ने कहा कि साथ दो नहीं तो मारी जाओगी. मुझे लगा कि मैं आज ज़िंदा नहीं बचूंगी.'' गोबांगा इस घटना को याद करते हुए कहती हैं कि किस तरह बलात्कारियों ने एक-एक करके उनके साथ रेप किया.

गोबांगा कहती हैं, "मुझे ये पता था कि मैं मरने जा रही हूं लेकिन मैंने अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष करना जारी रखा. जब एक व्यक्ति ने मेरे मुंह में भरे हुए कपड़े को बाहर निकाला तो मैंने उसके गुप्तांग को काट लिया. उस व्यक्ति ने चिल्लाते हुए मेरे पेट में चाकू घोंप दिया. फिर, उन्होंने कार का दरवाजा खोलकर मुझे चलती कार से बाहर फेंक दिया."

गोबांगा बताती हैं कि जब पुलिस आई तो उन्होंने लगा कि मैं मर चुकी हूं.

इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने बताया कि उनकी शादी होने जा रही थी.

वे बताती हैं कि संयोग से अस्पताल वालों ने जिस चर्च को फ़ोन किया वो वही चर्च था जहां उनके घरवाले गोबांगा के चर्च में न पहुंचने से परेशान थे. अफ़वाह फैल चुकी थी कि शायद उन्होंने शादी नहीं करने का मन बना लिया है.

लेकिन जब उन्हें पता चला कि गोबांगा कहां हैं तो उनके परिवारवाले सब लोगों के साथ अस्पताल पहुंचे औऱ उनके मंगेतर हैरी शादी वाला गाउन लेकर आ गए.

गोबांगा कहती हैं, "डॉक्टरों ने मेरी सर्जरी की लेकिन एक बुरी ख़बर दी कि चाकू सीधे मेरे गर्भाशय में काफी अंदर लगा है जिससे मैं कभी मां नहीं बन पाऊंगी."

"लेकिन हैरी कहते रहे कि वह अभी भी मुझसे शादी करना चाहते हैं, वह कहते रहे कि वह मेरी देखभाल करना चाहते हैं और सुनिश्चित करेंगे कि हमारे घर और हैरी की बाहों में ठीक होकर लौटूं.

गोबांगा के मुताबिक, पुलिस बलात्कारियों को पकड़ने में सफल नहीं हुई. वह कई बार संदिग्धों की पहचान करने के लिए पुलिस थाने गईं लेकिन जितनी बार भी वह जातीं वह सदमे से उबरने की जगह वापस बुरी हालत में पहुंच जातीं.

हालांकि, वह और उनके मंगेतर ने इस घटना के सात महीनों के बाद शादी की लेकिन इसके ठीक 29 दिन बाद गोबांगा के पति की मौत कार्बन डाइऑक्साइड सूंघने की वजह से हो गई.

इसके कई साल बाद गोबांगा की एक बार फिर से शादी हो चुकी है और वह दो लड़कियों की मां बनने में भी सफल हुई हैं.

गोबांगा ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, "मैंने अपने ऊपर हमला करने वालों को माफ़ कर दिया है. ये आसान नहीं था लेकिन मुझे अहसास हुआ कि उन लोगों से नाराज़ होकर मुझे कुछ नहीं मिल रहा है.''

गोबांगा ने कहा, ''सबसे अहम इस घटना पर शोक करना है. उस हादसे के एक-एक पहलू से होकर गुजरना और तब तक नाराज़ रहना जब तक कि आप अपनी स्थिति पर कुछ करने का फ़ैसला न करें."

वह कहती हैं, "आपको आगे बढ़ते रहना है, घिसटना पड़े तो भी ठीक है लेकिन अपनी नियति की ओर बढ़ते रहिए क्योंकि वह इंतज़ार कर रही है और आपको उस तक पहुंचकर उसे अपनाना है."

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