संजीव बालियान ने कहा- उनकी पुलिस सुरक्षा हटाई गई, सीएम योगी को लिखा पत्र
बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पुलिस के रवैये की शिकायत की है.
- इंदौर को 'भिखारी मुक्त' बनाने की तैयारी, भीख देने वालों को भी मिलेगी सज़ा - पूरी कहानी यहां पढ़ें.
- पिंक लिक्विड क्या है, जिसका लॉस एंजेलिस में आग पर काबू पाने के लिए हो रहा है इस्तेमाल - पूरी कहानी यहां पढ़ें.
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संजीव बालियान ने कहा- उनकी पुलिस सुरक्षा हटाई गई, सीएम योगी को लिखा पत्र
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इमेज कैप्शन, संजीव बालियान ने पुलिस पर सुरक्षा हटाने का आरोप लगाया है.
बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पुलिस के रवैये की शिकायत की है.
सीएम योगी को लिखे पत्र में बीजेपी नेता ने अपनी सुरक्षा वापस लेने का मुद्दा भी उठाया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि मुज़फ्फरनगर पुलिस के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने की वजह से उनकी समस्त सुरक्षा वापस ले ली गई है.
मुज़फ्फरनगर से पूर्व सांसद संजीव बालियान ने पत्र में यह भी लिखा कि लोकसभा चुनाव के समय पर उन पर हमला हुआ था. अगर फिर से हमला हुआ तो इसकी ज़िम्मेदारी प्रदेश सरकार के अधिकारियों की होगी.
साथ ही उन्होंने अपने पत्र में खानुपुर गांव में मंदिर और धर्मशाला की ज़मीन पर मंसूरपुर डिस्टिलरी की ओर से कब्ज़ा किए जाने के मामले को लेकर सीएम योगी को अवगत कराया है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने सीएम योगी को लिखे पत्र में कहा, "खानुपुर गांव में मंदिर और धर्मशाला की ज़मीन को पूर्व की सरकार के अधिकारियों से मिलीभगत कर मंसूरपुर डिस्टिलरी ने दाखिल खारिज करा लिया था. 1 जनवरी को मुज़फ्फरनगर पुलिस के साथ सांठगांठ कर डिस्टिलरी द्वारा इस ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया गया और ग्राम वासियों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए."
उन्होंने कहा कि हो सकता है इसे मुज़फ्फरनगर पुलिस अधिकारियों के द्वारा आपके (सीएम योगी) संज्ञान में न लाया गया हो.
बीजेपी नेता ने कहा कि इसके विरोध में वो 12 जनवरी को गांववालों के साथ मंसूरपुर थाने भी गए थे.
"इससे पहले भी मैंने कई बार मुज़फ्फरनगर पुलिस की संपत्ति विवाद में संलिप्तता की शिकायत पुलिस उच्चाधिकारियों को की गई थी. जिसपर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है."
कर्नाटक कांग्रेस में क्या चल रहा है, सुरजेवाला को क्यों कहना पड़ा सरकार से ज़्यादा पार्टी ज़रूरी?, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, रणदीप सुरजेवाला ने कार्यकर्ताओं से बात की है जिसे लेकर कुछ नेताओं में नाराज़गी है.
“कांग्रेस पार्टी एक सरकार का बलिदान करने के लिए
तैयार है, लेकिन पार्टी का नहीं.” यह बात कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कर्नाटक कांग्रेस के कार्यालय में आयोजित एक बैठक में कही.
रणदीप सुरजेवाला कर्नाटक कांग्रेस
के इंचार्ज और एआईसीसी के जनरल सेक्रेटरी हैं. पार्टी कार्यालय पर आयोजित
इस बैठक में कार्यकर्ताओं के अलावा कुछ मंत्री भी उपस्थित थे.
उन्होंने कहा कि पार्टी ‘मां’ है और सरकार ‘बच्चा’. पार्टी को निराश
करने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. रणदीप सुरजेवाला की टिप्पणी
कर्नाटक में सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री, गृह मंत्री जी. परमेश्वरा और कोऑपरेशन
मंत्री केएन राजन्ना से जुड़ी है.
दरअसल, डिप्टी सीएम और प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष
डीके शिवकुमार ने एक बैठक बुलाई थी, जिसका इन मंत्रियों के नेतृत्व में बाकी
नेताओं ने बहिष्कार किया था.
उनकी टिप्पणी को कर्नाटक
में हुए हालिया घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है जब एससी और
एसटी समुदाय से आने वाले मंत्रियों की एक बैठक हुई थी.
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इमेज कैप्शन, रणदीप सुरजेवाला ने कर्नाटक में कांग्रेस नेताओं को संबोधित किया.
यह बैठक इस लिहाज़ से अहम मानी जा रही है कि राजनीतिक गलियारों में ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या की जगह जल्द ही डीके शिवकुमार राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे.
कुछ महीनों में कर्नाटक में शासन करते हुए कांग्रेस को लगभग ढाई साल का समय हो जाएगा. ऐसे कयास मई 2023 से ही लगाए जा रहे हैं कि ढाई साल शासन के बाद सिद्धारमैय्या खुद डीके शिवकुमार के लिए रास्ता बनाएंगे.
8 जनवरी को राज्य के गृह मंत्री परमेश्वरा द्वारा एससी और एसटी मंत्रियों की बैठक बुलाई गई थी. इसे अधिकृत तौर पर ‘सामान्य भोज’ बताया गया था.
इसमें यह तय हुआ था कि दलित विधायकों से बातचीत की जाएगी, ताकि यह पता किया जाए कि उनका क्या दुख है. इस बैठक की चर्चा तब और भी बढ़ गई जब इसमें सिद्धारमैय्या भी शामिल हो गए.
एक पार्टी विधायक ने नाम न बताए जाने की शर्त पर बीबीसी हिंदी से कहा, “केवल परमेश्वरा और राजन्ना ही इस बात से दुखी नहीं हैं. अधिकांश दलित विधायक इस बात से निराश हैं. हमसे बात करने का यह कोई तरीका नहीं है, वो भी तब, जब हम पार्टी के आंतरिक मामलों पर चर्चा करना चाहते हैं. इसका नेतृत्व के मुद्दे से कुछ भी लेना-देना नहीं है.”
उनके साथ, दो मंत्री, ज़मीर अहमद ख़ान और बी.सुरेश, दोनों ही सिद्धारमैय्या के कट्टर समर्थक हैं. और उन्होंने भी बैठक में हिस्सा नहीं लिया.
विराट कोहली के क्रिकेट करियर को लेकर क्या बोले कपिल देव
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इमेज कैप्शन, कपिल देव ने विराट कोहली के खेल पर बयान दिया है.
भारतीय
क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने विराट कोहली के करियर को लेकर एक बयान
दिया है.
समाचार
एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पत्रकारों की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में कपिल देव
ने कहा, “विराट कोहली एक बड़े
खिलाड़ी हैं. जब उनको लगेगा कि यह खेलने का सही समय है, तो वो खेलेंगे. अगर उनको
लगेगा कि ऐसा नहीं है, तो वो बंद कर देंगे.”
ऑस्ट्रेलिया
के ख़िलाफ़ खेली गई बॉर्डर-गावसकर ट्रॉफ़ी के दौरान विराट कोहली के कमज़ोर
प्रदर्शन की ख़ूब आलोचना हुई थी. इसके बाद, कुछ खेल विशेषज्ञों ने उनके संन्यास को
लेकर कयास लगाए थे.
कपिल
देव प्रोफ़ेशनल गोल्फ़ टूर ऑफ़ इंडिया को लेकर बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि 'एक
खिलाड़ी होने के नाते मुझे इस बात की ख़ुशी है कि खिलाड़ी गोल्फ़ के ज़रिए एक
बेहतर लाइफ़ जी रहे हैं.'
उन्होंने
बताया, “4 नए स्पॉन्सर्स मिल
चुके हैं. 6 महीने का चार्ट बन चुका है. इस दौरान 11-12 टूर्नामेंट खेले जाएंगे.
ऐसा टाइट शेड्यूल इससे पहले कभी नहीं दिखा था. गोल्फ़ को दुनियाभर में लोकप्रियता
मिल रही है.”
विदेश मंत्रालय ने भारत में बांग्लादेश के कार्यवाहक उच्चायुक्त को तलब किया, क्या कहा
इमेज कैप्शन, तारों की बाड़ दोनों देशों के बीच तनाव की वजह बन रही है.
भारतीय
विदेश मंत्रालय ने सोमवार को भारत में बांग्लादेश के कार्यवाहक उच्चायुक्त नूरल
इस्लाम को दोपहर दो बजे नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक में तलब किया.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक,इस
दौरान बांग्लादेश के उच्चायुक्त को बताया गया कि भारत ने सरहद पर किए जा रहे सुरक्षा संबंधित कार्यों में
दोनों देशों की सरकारों और बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश
के बीच हुए समझौतों और प्रोटोकॉल्स का पालन किया है.
इसमें
बताया गया कि इन उपायों में सीमा पर की जा रही तारों की बाड़ेबंदी भी शामिल है. भारत
ने इस बातचीत में सीमा पार आपराधिक गतिविधियों जैसे- तस्करी जैसी
चुनौतियों का मुद्दा उठाया और बॉर्डर को अपराध मुक्त रखने की अपनी प्रतिबद्धता को
दोहराया.
इसमें यह भी बताया गया कि
सरहद पर तकनीकी डिवाइस लगाना, बॉर्डर पर लाइटिंग, मवेशियों को रोकने
के लिए कटीले तार लगाना सीमा सुरक्षा के उपाय हैं.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने
कहा कि बांग्लादेश द्वारा पहले जिन बातों को सहमति दी जा चुकी है, उनको लागू किया
जाएगा.
कुम्भ मेले की शुरुआत, पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
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इमेज कैप्शन, कुम्भ मेले में संत और साध्वी भी पहुंच रहे हैं.
प्रयागराज में सोमवार से कुम्भ
मेले की शुरुआत हो गई. इसका समापन महाशिवरात्रि के दिन यानी 26 फरवरी को होगा.
उत्तर प्रदेश सरकार का दावा
है कि इस बार कुम्भ में 40 करोड़ लोग शामिल होंगे.
कुम्भ मेले के डीआईजी वैभव कृष्णा ने सोमवार सुबह बताया था कि संगम में अब तक करीब 50 लाख लोगों ने डुबकी लगाई है.
13 जनवरी यानी पौष पूर्णिमा पर
स्नान से जुड़ी तस्वीरें कुछ इस प्रकार हैं.
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इमेज कैप्शन, कुम्भ मेले में पूजा-अर्चना में लीन अघोरी बाबा.
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इमेज कैप्शन, कुम्भ मेले में पूजा-अर्चना की तैयारी करतीं श्रद्धालु.
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इमेज कैप्शन, कुम्भ मेले में कुछ महिलाएं कलश लेकर पहुंचीं.
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इमेज कैप्शन, गंगा किनारे पूजन करतीं महिलाएं.
नाइजीरियाई सेना ने ‘ग़लती’ से एयर स्ट्राइक में 16 नागरिकों को मारा, बासिलियो रुकांगा (नैरोबी) और निकेची ओग्बोन्ना (लागोस), बीबीसी न्यूज़
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इमेज कैप्शन, नाइजीरियाई वायु सेना के हमले में 16 नागरिकों की मौत.
नाइजीरिया
के उत्तर-पश्चिमी ज़म्फ़ारा स्टेट में नाइजीरिया की वायु सेना ने एयर स्ट्राइक की.
इसमें कम से कम 16 नागरिक मारे गए.
स्थानीय निवासियों ने मीडिया को बताया कि इस एयर स्ट्राइक में मारे गए और घायल हुए लोग खुद
को हथियारों से लैस गिरोह से बचा रहे थे. दरअसल,
यह गिरोह फ़िरौती के लिए लोगों को बंधक बनाता है. ये लोग इन्हीं से खुद को बचा
रहे थे.
इस
दौरान वायु सेना की ओर से एक हवाई हमला हुआ, जिसमें अपराधियों के साथ-साथ नागरिक
समिति के सदस्यों और नागरिकों की भी मौत हो गई.
जानकारों के मुताबिक, यह हमला ज़म्फ़ारा स्टेट के ज़ुर्मी और मरादून इलाक़े में किया गया था.
और इस हमले के निशाने पर आपराधिक समूह के लोग थे.
स्टेट
के गवर्नर डौडा लावल ने हमले में मारे गए पीड़ितों के प्रति श्रद्धांजली व्यक्त की
है. जबकि,
नाइजीरियाई वायु सेना ने कहा है कि निगरानी समिति सदस्यों के मारे जाने के दावों की जाँच होगी.
नाइजीरियाई
वायु सेना द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि, “ऑपरेशन
सफलतापूर्वक संपन्न हो गया था. इसमें कुछ अपराधियों को मार दिया गया था और कुछ
बंधकों को छुड़वा भी लिया गया था. हालांकि, इसमें कुछ निगरानी समिति के सदस्यों के
मारे जाने की भी सूचना मिली, जिसे हम गंभीरता से ले रहे हैं.”
इस मामले में एएफ़पी न्यूज़ एजेंसी ने एक
स्थानीय व्यक्ति इब्राहिम के हवाले से बताया है कि ये सभी नागरिक अपराधियों से
भागते-भागते अपने गांव से बहुत दूर निकल गए थे.
जब
वो सभी वहां से लौट रहे थे, तभी बमबारी हो गई. इब्राहिम
ने कहा, “हमले की जगह से 16 शव बरामद किए गए हैं. इसके
अलावा इस हमले में घायल हुए लोगों को अस्पताल ले जाया गया है.”
बांग्लादेश के साथ मौजूदा रिश्तों पर क्या बोले भारत के सेना प्रमुख
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इमेज कैप्शन, सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने बांग्लादेश के साथ संबंधों पर बातचीत की.
भारत के थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को वार्षिक संवाददाता सम्मेलन को
संबोधित किया. उन्होंने भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी बात की.
एडीजीपीआई-इंडियन आर्मी के यूट्यूब चैनल पर इसका एक वीडियो भी अपलोड किया गया. इसमें सेना
प्रमुख ने कई मुद्दों पर बातचीत की.
उन्होंने कहा, “बांग्लादेश की ओर से हाल ही
में कहा गया था कि रणनीतिक तौर पर भारत हमारे लिए महत्वपूर्ण है. उसी तरह
बांग्लादेश भी हमारे लिए रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण है.”
उन्होंने कहा, “हम पड़ोसी हैं. हमें साथ
रहना है. एक-दूसरे को समझने की ज़रूरत है. जहां तक मौजूदा हालात की बात है, तो दोनों ही तरफ से नुक़सान पहुंचाने वाली
स्थिति नहीं है.”
सेना
प्रमुख ने बताया, “मैं
बांग्लादेश प्रमुख के साथ संपर्क में हूं. यह बदलाव जब हो रहे थे, मैं तब से उनके
साथ संपर्क में हूं. इसके बाद नवंबर 2024 में हमारे बीच वीडियो कॉन्फ्रेंस भी हुई
थी.”
उन्होंने
कहा, “जब हम रिश्तों की बात करते हैं, तो वो तब होना चाहिए, जब वहां चुनी गई सरकार
हो. इसलिए फिलहाल के लिए सेना के साथ रिश्ते अच्छे हैं.”
हालांकि, इस कार्यक्रम को
लेकर लोगों के अलग-अलग विचार है. कुछ इसे शोषण बता रहे हैं तो कुछ इसे
पुनर्वास.
वैसे
कैदियों को दैनिक भत्ते के तौर पर 5.80 डॉलर से लेकर 10.24 डॉलर प्रति दिन दिए जाते
हैं. यदि कैदियों को किसी आपातकालीन गतिविधि में लगाया जाता है, तो उनको एक डॉलर
अतिरिक्त दिया जाता है.
रॉयल
रामे एक पूर्व फ़ायर फ़ाइटर और एक ग़ैर-लाभकारी फ़ॉरेस्ट्री एंड फ़ायर रिक्रूटमेंट
प्रोग्राम के सह-संस्थापक हैं. उन्होंने बीबीसी को बताया, “आपको अन्य लोगों (फ़ायर फ़ाइटर) की तुलना में चंद
पैसे मिल रहे हैं. आप केवल सस्ते मज़दूर हैं.”
उन्होंने कहा, “इस बात को लेकर एक स्टिग्मा भी है. जब लोग फ़ायर फ़ाइटर्स
के बारे में सोचते हैं तो वो किसी हीरो, किसी साफ़-सुथरे चरित्र वाले व्यक्ति की कल्पना
करते हैं, न किसी ऐसे व्यक्ति की, जो जेल में बंद है.”
जम्मू कश्मीर में प्रधानमंत्री मोदी से क्या बोले उमर अब्दुल्लाह
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इमेज कैप्शन, उमर अब्दुल्लाह ने जम्मू कश्मीर में पीएम मोदी की तारीफ़ की.
जम्मू
कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ की.
यह मौका था सोमवार को जम्मू कश्मीर में जेड मोड़ सुरंग के उद्घाटन का.
समाचार
एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने पीएम
मोदी से कहा, “आप अपनी बात पर कायम
रहे और चार महीने के अंदर आपने जम्मू कश्मीर में इंतज़ाम करवाए. जम्मू कश्मीर में
आपने लोगों को वोट देने का, अपनी हुकूमत चुनने का अधिकार दिया.”
“और आज इस बात का नतीजा
है कि वज़ीर-ए-आला (मुख्यमंत्री) की हैसियत से मैं इस प्रोग्राम में शिरकत कर रहा
हूं. आपने जो चुनाव कराए, उसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.और सबसे बड़ी बात यह कि
कहीं पर भी धांधली की कोई शिकायत नहीं, कहीं पर भी हुकूमत के ग़लत इस्तेमाल की कोई
शिकायत नहीं, एक भी पोलिंग बूथ में रिपोल की ज़रूरत नहीं पड़ी.”
अब्दुल्लाह
ने कहा, “लोग अक्सर मुझसे एक
सवाल करते हैं कि जम्मू कश्मीर को रियासत का दर्जा कब मिलेगा. और मैं
लोगों को यही कहता हूं कि वज़ीर-ए-आज़म साहब ने चार महीने में चुनाव का अपना वादा
पूरा किया है. मेरा दिल यह कहता है कि बहुत जल्द ही, वज़ीर-ए-आज़म साहब अपना तीसरा
वादा, जो योग दिवस पर आपने जम्मू कश्मीर के लोगों के साथ किया, वो आप पूरा करेंगे.”
उन्होंने
कहा, “लेकिन, आज ख़ुशी के
मौके पर वज़ीर-ए-आज़म साहब मैं दिल की गहराइयों से आपका शुक्रिया करना चाहता हूं
कि आप इस ठंड में हमारे बीच आए.”
जम्मू
कश्मीर के सोनमर्ग में यह सुरंग सामरिक रूप से भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा
रही है.
समाचार
एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जेड मोड़ सुरंग का निर्माण 2,400 करोड़ रुपये की लागत से किया गया
है.
इंडिया गठबंधन और उमर अब्दुल्लाह पर क्या बोले संजय राउत
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इमेज कैप्शन, संजय राउत ने कहा है कि इंडिया गठबंधन को और अधिक मजबूत होना चाहिए.
इंडिया गठबंधन के नेताओं की ओर से दिए जा रहे बयानों के बाद इंडिया गठबंधन के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं.
अब शिव सेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने इंडिया गठबंधन पर पार्टी का पक्ष रखा है.
संजय राउत ने मीडिया से कहा, “यह सिर्फ शिव सेना (यूबीटी) के या उद्धव ठाकरे जी की बात नहीं है. हमारे जो साथी हैं, ये उनके मन की भावना है कि इंडिया गठबंधन को और मजबूत होना चाहिए.”
उन्होंने कहा, “देश के सामने जो संकट है, समस्या है. सबसे बड़ी समस्या मोदी और शाह हैं, उनकी तानाशाही है. संविधान के ऊपर जो हमले हो रहे हैं, ये सबसे बड़ी समस्या है.”
संजय राउत ने कहा, “उनके खिलाफ़ अगर हमें लड़ना है, तो इंडिया गठबंधन के और मजबूत होने की आवश्यकता है. जैसा कि उमर अब्दुल्लाह साहब ने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए इंडिया गठबंधन बना था. मैं ऐसा नहीं मानता हूं.”
संजय राउत ने कहा, “आने वाले दिनों में अगर इंडिया गठबंधन बचाना चाहते हैं और ताकतवर बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले एक-दूसरे के बीच बातचीत होनी चाहिए.”
दोपहर दो बज रहे हैं. अभी तक बीबीसी संवाददाता सौरभ यादव आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता हिमांशु दुबे आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
फिलहाल, बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक कर आप पढ़ सकते हैं.
- प्रयागराज में कुम्भ शुरू, लाखों की संख्या में पहुंच रहे हैं श्रद्धालु- ग्राउंड रिपोर्ट पूरी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
- बांग्लादेश ने फिर किया भारतीय उच्चायुक्त को तलब, क्या है वजह? मामले की पूरी जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
- झारखंड: प्रिंसिपल पर छात्राओं की शर्ट उतरवाने का आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला. इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
- केरल में दलित छात्रा के साथ गैंगरेप मामले में 64 नामज़द, 27 गिरफ़्तार. मामले की पूरी जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
आर्मी चीफ़ ने कहा चीन के साथ सीमा पर हालात संवेदनशील लेकिन स्थिर, पाकिस्तान पर क्या बोले?
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इमेज कैप्शन, भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नॉर्थ ईस्ट के हालात पर जानकारी दी है.
अपने वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि भारत-चीन सरहद पर हालात 'संवेदनशील लेकिन स्थिर' हैं.
उन्होंने कहा, "वहां पर हमारी तैनाती मज़बूत है और हम किसी भी हालात से निपटने के योग्य हैं."
पाकिस्तान के बारे में जनरल द्विवेदी ने कहा, "नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के साथ युद्धविराम जारी है लेकिन उधर से घुसपैठ जारी है. पाकिस्तान में आतंकवाद का बुनियादी ढांचा अब भी मौजूद है जो सीमा की इस ओर आंतकवाद का समर्थन करता है."
उन्होंने कहा, “पिछले साल जम्मू-कश्मीर में मारे गए आतंकवादियों में से 60 प्रतिशत पाकिस्तान से थे."
अपनी सालाना प्रेसवार्ता में आर्मी चीफ़ ने बताया है कि मणिपुर में सुरक्षा बलों के प्रयासों और सक्रिय सरकारी पहल से स्थिति को नियंत्रण में लाया जा रहा है.
जनरल द्विवेदी ने कहा है कि नॉर्थ ईस्ट और मणिपुर के हालात धीरे धीरे सुधर रहे हैं.
उन्होंने कहा है, "हिंसा की कुछ घटनाएं अभी भी हो रही हैं. शांति और सद्भाव स्थापित करने के ठोस प्रयास जारी हैं."
जनरल उपेंद्र द्विवेदी म्यांमार और भारत की सीमा के बारे में कहा है, "म्यामांर में फैली अशांति को देखते हुए सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है."
जम्मू कश्मीर: प्रधानमंत्री ने सोनमर्ग में जेड मोड़ टनल का किया उद्धाटन, क्यों ख़ास है ये टनल?
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इमेज कैप्शन, यह टनल भारत के लिए सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है.
जम्मू कश्मीर के सोनमर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेड मोड़ टनल का उद्धाटन किया है. यह टनल सामरिक रूप से भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी. प्रधानमंत्री मोदी ने सोनमर्ग से पहले शुटकड़ी नामक स्थान पर इस टनल का उद्धाटन किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जेड मोड़ टनल का निर्माण 2,400 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है.
श्रीनगर को लेह से जोड़ने वाले इस टनल की लंबाई साढ़े छह किलोमीटर है. ये नेशनल हाईवे का हिस्सा है. जेड मोड़ टनल के उद्घाटन से सोनमर्ग पर्यटन के लिए पूरे साल खुला रहेगा.
प्रयागराज में आज से शुरू हुए कुम्भ में करीब '50 लाख' श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
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इमेज कैप्शन, प्रयागराज में आज शुरू हुआ कुम्भ मेला.
प्रयागराज में आज से कुम्भ मेले की शुरुआत हो चुकी है. कुम्भ का समापन महाशिवरात्रि के दिन, 26 फरवरी को होगा.
कुम्भ मेले के डीआईजी वैभव कृष्णा ने बताया है कि आस्था के इस संगम में अब तक करीब 50 लाख लोगों ने डुबकी लगाई है.
उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि इस बार कुम्भ में 40 करोड़ लोग शामिल होंगे.
13 जनवरी यानी पौष पूर्णिमा पर स्नान से जुड़ी तस्वीरें देखिए -
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इमेज कैप्शन, कुम्भ में लाखों की संख्या में पहुंच रहे हैं श्रद्धालु.
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इमेज कैप्शन, कुम्भ के दौरान 40 करोड़ लोगों के पहुंचने की है उम्मीद.
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इमेज कैप्शन, कुम्भ में देश विदेश से पहुंच रहे हैं श्रद्धालु.
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इमेज कैप्शन, कुम्भ में गंगा में डुबकी लगाती महिला.
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इमेज कैप्शन, पौष पूर्णिमा पर स्नान करते कुछ श्रद्धालु
लॉस एंजेलिस में आग से मरने वालों की संख्या हुई 24, आगे भी भड़क सकती है आग
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इमेज कैप्शन, अग्निशमन दल अभी भी तीन इलाकों में आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है.
अमेरिका के लॉस एंजेलिस में आग लगने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है. कैलिफ़ोर्निया के मौसम वैज्ञानिकों ने आगे भी तेज़ हवाओं को लेकर चेतावनी दी है.
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इलाक़े में तेज हवाओं के कारण इस हफ़्ते आग और भड़क सकती है.
अग्निशमन दल अभी भी तीन जगहों पर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है.
लॉस एंजेलिस काउंटी के स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया है कि मरने वालों कि संख्या बढ़कर 24 हो गई है. जबकि अधिकारियों ने पहले 16 लोगों के लापता होने की बात की थी.
इस आग की वजह से ईटन इलाके में 16 लोगों की मौत हुई है, वहीं पैलिसेड्स इलाके में छह लोगों की मौत हुई है. लॉस एंजेलिस के आप पास के तीन इलाकों में अभी आग लगी हुई है.
आग के कारण सबसे ज्यादा तबाही पैलिसेड्स में हुई है जहां 23 हजार एकड़ से अधिक का इलाका जल गया है.
रविवार को मौसम पर नज़र रखने वाली निजी कंपनी ने आग से होने वाले आर्थिक नुक़सान के अपने शुरुआती अनुमान को बढ़ाकर 250 से 270 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच कर दिया है.
ग़ज़ा: युद्धविराम और बंधकों की रिहाई पर जो बाइडन ने नेतन्याहू से की बात
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ग़ज़ा में मानवीय सहायता बढ़ाने पर बात की है.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ग़ज़ा युद्धविराम और बंधकों की रिहाई पर चल रही बातचीत के बारे में इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से बात की है.
यह बातचीत डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से पहले किसी समझौते तक पहुंचने के आखिरी प्रयासों का हिस्सा है.
व्हाइट हाउस के मुताबिक फोन पर बातचीत के दौरान राष्ट्रपति बाइडन ने हमास की ओर से बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई और तत्काल युद्धविराम पर जोर दिया है.
राष्ट्रपति बाइडन ने ग़ज़ा में मानवीय सहायता बढ़ाने की ज़रूरतों पर भी बात की है.
यह बातचीत नेतन्याहू के उस बयान के बाद हुई है, जिसमें नेतन्याहू ने कहा था कि वह बातचीत के लिए एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल को क़तर भेज रहे हैं.
शनिवार को डोनाल्ड ट्रंप के मध्य पूर्व के दूत ने ट्रंप के शपथ ग्रहण से पहले एक समझौते पर पहुंचने के मक़सद से प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी.
डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि उनके राष्ट्रपति कार्यालय पहुंचने से पहले अगर बंधकों को रिहा नहीं किया गया तो ‘तबाही मच जाएगी’.
कुंभ मेला: विदेशी श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, ब्राज़ील से आए श्रद्धालु का कहना है कि वह मोक्ष की तलाश में हैं.
प्रयागराज में आज से शुरू हुए कुंभ मेले में देश के साथ-साथ विदेशों से आए श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में गंगा में डुबकी लगा रहे हैं.
गंगा में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं का कहना है कि वह सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं.
साउथ अफ्रीका के केप टाउन से आए एक श्रद्धालु ने कहा है, "यह बहुत ही खूबसूरत है, इसका आयोजन बहुत ही अच्छे तरह से किया जा रहा है. साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा गया है. यहां पर लोग काफी दोस्ताना है."
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इमेज कैप्शन, साउथ अफ्रीका की श्रद्धालु निक्की
साउथ अफ्रीका से आई एक श्रद्धालु निक्की का कहना है, "यह अनुभव बहुत ही शक्तिशाली है और गंगा में नहा कर सौभाग्यशाली महसूस कर रही हैं."
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इमेज कैप्शन, स्पेन के श्रद्धालु होज़े
स्पने से आए एक श्रद्धालु होज़े का कहना है कि हमारे लिए यह एक आध्यात्मिक यात्रा है. मैंने गंगा में तीन बार डुबकी लगाई.
ब्राज़ील से आए श्रद्धालु फ्रांसिस्कों का कहना है, "मैं यहां पर कुंभ मेला के लिए आया हूं. मैं योग साधना करता हूं. मैं मोक्ष की तलाश में हूं. यह मेरी पहली भारत यात्रा है, मैं पहले वाराणसी गया फिर यहां पर आया हूं. पानी थोड़ा ठंडा है पर मेरे दिल में गर्माहट है.
मलाला यूसुफ़ज़ई: तालिबान महिलाओं को इंसान नहीं समझता है
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इमेज कैप्शन, मलाला को लड़कियों की शिक्षा के लिए आवाज उठाने पर तालिबान ने गोली मारी थी.
नोबेल प्राइज विजेता मलाला यूसुफ़ज़ई ने मुस्लिम नेताओं से अफगानिस्तान में महिलाओं के लिए तालिबान की ओर से बनाई जा रही नीतियों को चुनौती देने का आग्रह किया है.
मलाला ने कहा है, “सीधे शब्दों में कहें तो अफगानिस्तान में तालिबान महिलाओं को इंसानों की तरह नहीं देखता है.”
उन्होंने यह बातें पाकिस्तान की ओर से इस्लामिक देशों में लड़कियों की शिक्षा के लिए आयोजित किए गए एक सम्मेलन में कही हैं.
मुस्लिम नेताओं से मलाला ने कहा है कि तालिबान की नीतियों में ‘कुछ भी इस्लामिक नहीं’ है.
तालिबान अपनी नीतियों के माध्यम से महिलाओं को पढ़ाई करने और काम करने से रोक रहा है.
लड़कियों की शिक्षा पर खुल कर बोलने के कारण तालिबान ने मलाला पर हमला किया था. तब वह 15 साल की थीं. मलाला के सिर में गोली लगी थी. उन्हें इलाज के लिए इंग्लैंड ले जाया गया था.