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-संसद में संविधान पर बहस: राहुल, सावरकर पर बोले तो मोदी ने कांग्रेस के 'एक परिवार' पर साधा निशाना- पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
भारत को स्विट्ज़रलैंड से मिले एमएफ़एन का दर्ज़ा ख़त्म होने का कितना बड़ा असर हो सकता है? पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
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सीरिया की सत्ता से बेदखल हुए असद परिवार का भविष्य क्या होगा? पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
दक्षिण कोरिया: यून सुक-योल के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव सफ़ल, नए कार्यवाहक राष्ट्रपति ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, यून सुक-योल के ख़िलाफ़ महाभियोग विधेयक सफ़ल होते ही संसद के बाहर जमा लोग खुशी मनाने लगे
शनिवार (14 दिसंबर 2024) को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल
के ख़िलाफ़ विपक्ष का महाभियोग प्रस्ताव पास हो गया.
दक्षिण कोरिया की संसद में यून सुक-योल के ख़िलाफ़
महाभियोग प्रस्ताव पर हुए मतदान में 300 सांसदों ने भाग लिया.
इसमें 204 सांसदों ने महाभियोग के पक्ष में मतदान किया.
85 सांसदों ने विपक्ष में वोट डाले.
यून सुक-योल की जगह अब कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू
ने अपने पहले सार्वजनिक भाषण में कहा कि उनका ध्यान देश में सामान्य स्थिति को वापस लाने पर है.
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इमेज कैप्शन, दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू
जैसे ही दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के ख़िलाफ़
महाभियोग के मतदान सफल होने की ख़बर आई वैसे ही संसद के सामने जमा आम लोगों की
भीड़ खुशी मनाने लगी.
यून सुक-योल की पार्टी पीपुल पावर पार्टी के नेता हान
डोंग-हून ने कहा कि उनकी पार्टी इस नतीजे को गंभीरता से स्वीकार करती है.
दक्षिण कोरिया में अमेरिकी राजदूत ने भी महाभियोग प्रस्ताव के पास होने पर प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है.
अमेरिकी राजदूत फ़िलिप गल्डबर्ग ने सोशल मीडिया
प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने महाभियोग प्रस्ताव पारित होने के बाद दक्षिण कोरिया के
विदेश मंत्री से मुलाक़ात की.
अमेरिकी राजदूत के मुताबिक़, अमेरिका, दक्षिण कोरिया के लोकतांत्रिक और संवैधानिक
प्रक्रियाओं का समर्थन करता है और अपने लोगों के साथ खड़ा है.
राहुल गांधी के भाषण के बाद प्रियंका गांधी ने अदानी का नाम लेकर बीजेपी पर क्या आरोप लगाए
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इमेज कैप्शन, संसद के बाहर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी
शनिवार को राहुल गांधी के लोकसभा में संविधान पर दिए गए
संबोधन के बाद अब बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे के ख़िलाफ़ प्रतिक्रिया दे रही हैं.
राहुल गांधी के लोकसभा में दिए गए भाषण पर बीजेपी
हमलावर है. अब वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बीजेपी के हमलों का जवाब दिया है.
संसद से बाहर निकलने पर पत्रकारों ने प्रियंका गांधी
से राहुल गांधी के भाषण और उस पर बीजेपी की प्रतिक्रिया से जुड़े सवाल पूछे.
पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए प्रियंका गांधी
ने कहा, “राहुल गांधी ने बिलकुल सही मुद्दा उठाया है. बीजेपी
का यही काम है. वो असली मुद्दों पर बात नहीं करना चाहते.”
प्रियंका गांधी ने भी शुक्रवार को लोकसभा में अपना
पहला संसदीय संबोधन दिया था. इसके बारे में बात करते हुए भी उन्होंने बीजेपी पर
निशाना साधा.
प्रियंका गांधी ने कहा, मैंने जो भाषण दिया था उसमें
से अदानी शब्द हटा दिया गया. क्यों? अदानी कोई असंसदीय शब्द है. ये (बीजेपी) किसी का भी नाम ले सकते हैं और हम
अदानी का नाम नहीं ले सकते.
प्रधानमंत्री के संबोधन पर बोले अखिलेश- 11 जुमलों का संकल्प सुनने को मिला
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इमेज कैप्शन, शनिवार को दोपहर संसद के बार समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
प्रधानमंत्री के लोकसभा में दिए गए संबोधन पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है.
शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में
संविधान पर संबोधन दिया था.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव बोले,'' बहुत लंबा भाषण था.
पत्रकारों से बेहतर कौन जानता होगा कि जुमले से किसको जाना जाता था. आज हमको 11
जुमलों का संकल्प सुनने को मिला.”
अखिलेश यादव ने कहा कि ये लोग (प्रधानमंत्री और बीजेपी) जिस परिवारवाद की
बात कर रहे हैं वह उनके दल में भरा पड़ा है. ये कह रहे हैं कि आरक्षण दे रहे हैं.
सच्चाई ये है कि पिछड़े, दलित और आदिवासियों का आरक्षण छिना है.''
अखिलेश यादव ने जाति जनगणना पर भी बयान दिया. उन्होंंने कहा, '' जाति जनगणना को
लेकर लगातार हम आगे बढ़ रहे हैं. वो दिन आएगा जब जाति जनगणना भी होगी और आबादी के
हिसाब से लोगों को हक़ भी मिलेगा.''
गोरखपुर से बीजेपी सांसद रविकिशन बोले- पीएम से सीखे विपक्ष
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इमेज कैप्शन, शनिवार की शाम प्रधानमंत्री के भाषण के बाद संसद के बाहर प्रतिक्रिया देते रविकिशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोकसभा में
संविधान पर बहस के दौरान अपना संबोधन दिया.
संविधान स्वीकार किए
जाने के 75 साल पूरे होने के मौक़े पर आयोजित इस बहस में उन्होंने कांग्रेस पर कई प्रहार किए.
अब उनके भाषण पर कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं का एक
दूसरे पर वार-पलटवार जारी है.
गोरखपुर से बीजेपी सांसद रविकिशन ने पीएम के भाषण को
ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि विपक्ष को सीखना चाहिए कि भाषण कैसे दिया जाता है.
रविकिशन ने कहा, “जो 11 संकल्प उन्होंने लिया है इससे पता
चलता है कि प्रधानमंत्री देश को किस ऊंचाई पर ले जा रहे हैं.”
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री मोदी के
भाषण का हवाला देते हुए इमरजेंसी पर कांग्रेस को घेरा.
रविशंकर प्रसाद ने कहा, “आपातकाल देश की संवैधानिक यात्रा का सबसे काला अध्याय
है.”
बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने भी प्रधानमंत्री के
भाषण के कुछ हिस्सों का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि "एनडीए की सरकार ने संविधान में परिवर्तन गरीबों के लिए किया. वे
गरीबी हटाओं का जुमला देते रहे लेकिन बीजेपी ने गरीबी हटाई."
प्रियंका गांधी ने संसद में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन पर क्यों कहा- 'अदानी पर बहस करें'
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इमेज कैप्शन, शनिवार की सुबह संसद के बाहर प्रियंका गांधी
शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा में
संविधान पर दिए गए संबोधन पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने उनके संबोधन
पर प्रतिक्रिया दी है. संसद से बाहर निकलते हुए प्रियंका गांधी पत्रकारों से
मुखातिब हुईं.
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने एक भी नई बात
नहीं बोली है. मुझे दशकों बाद यह एहसास हुआ कि जैसे स्कूल में गणित का डबल पीरियड होता था,उसमें बैठी हूं.”
प्रियंका गांधी ने कहा, '' भाषण के दौरान जेपी नड्डा
अपना हाथ मल रहे थे. जैसे ही मोदी जी ने उनकी तरफ़ देखा तो अचानक से वह एक्टिंग
करने लग गए कि मैं सुन रहा हूं. अमित शाह अपना सिर सहला रहे थे. पीयूष गोयल को देख
कर ऐसा लग रहा था जैसे सोने वाले हैं. मेरे लिए यह एक नया एहसास था.''
प्रियंका गांधी ने अपने जवाब में उद्योगपति गौतम अदानी का नाम भी लिया.
उन्होंने कहा,'' मुझे लगा था प्रधानमंत्री कुछ नया
बोलेंगे, कुछ अच्छा बोंलेंगे. उन्होंने
खोखले 11 संकल्प दिए हैं. अगर भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति है तो
अदानी पर बहस करें.''
केसी वेणुगोपाल बोले, हमने साबित कर दिया कि अदानी के लिए काम कर रही सरकार
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इमेज कैप्शन, लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल
शनिवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का
संविधान पर संबोधन ख़त्म हो चुका है. इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने
भी संविधान पर अपना संबोधन दिया था.
अब दोनों ही नेताओं के संबोधन पर, बीजेपी और कांग्रेस
के बीच वार-पलटवार जारी है.
इसी बीच शनिवार की शाम कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल
राव की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी समेत बीजेपी पर कई आरोप
लगाए हैं.
शनिवार को संसद में क्या कुछ हुआ इस बारे में पूछे
जाने पर कांग्रेस महासिचव ने पत्रकारों से कहा, “आज कुछ भी नया नहीं हुआ.
केवल कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाए गए.”
उन्होंने कहा कि "हमने शुक्रवार को भी और शनिवार को भी
यह साबित कर दिया कि पूरी सरकार केवल अदानी के लिए काम कर रही है. ये संविधान की
बात करते हैं लेकिन ये केवल एक व्यक्ति के लिए संविधान का इस्तेमाल करने की कोशिश
कर रहे हैं."
केसी वेणुगोपाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)
को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि आरएसएस और हिंदू महासभा पहले दिन से
संविधान का विरोध कर रही है.
केसी वेणुगोपाल ने राहुल गांधी के भाषण का जिक्र करते
हुए कहा कि संसद में संविधान की बात के दौरान बीजेपी ने सदन का सम्मान नहीं किया.
उन्होंने कहा, “जब विपक्ष के नेता बोल रहे थे
उस समय प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री
मौजूद नहीं थे. या तो वे राहुल गांधी से डरते हैं या फिर उनका विपक्ष की राजनीति
पर विश्वास नहीं है.”
ब्रेकिंग न्यूज़, संसद में संविधान पर चर्चा, पीएम मोदी ने इमरजेंसी से लेकर 370 पर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, लोकसभा में संविधान पर अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में संविधान
पर संबोधन दिया. अपने इस संबोधन में उन्होंने देश की मुख्य विपक्षी पार्टी
कांग्रेस पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा, "हमारा संविधान भारत की एकता का आधार है.
लेकिन आज़ादी के बाद विकृत मानसिकता या स्वार्थ की वजह से देश की एकता पर प्रहार हुआ."
प्रधानमंत्री ने कहा, “विविधता में एकता भारत की संस्कृति रही है. लेकिन ग़ुलामी की छाया में रहने
वाले लोगों ने और जो मानते थे कि भारत 1947 में ही पैदा हुआ था वे विविधता में
विरोधाभास खोजते रहे. वे विविधता का उत्सव मनाने की बजाय उसके साथ ऐसा प्रयास
करते रहे जिससे देश की एकता को ठेस पहुंचे.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 का भी
ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, “अनुच्छेद 370 देश की एकता
में रुकावट था. देश की एकता हमारी प्राथमिकता थी इसलिए अनुच्छेद 370 को हमने ज़मीन
में गाड़ दिया.”
इमरजेंसी पर कांग्रेस को घेरते हुए प्रधानमंत्री ने
कहा, “जब देश लोकतंत्र के 25 साल पूरे कर रहा था उसी समय
देश में इमरजेंसी लगा दी गई.”
विपक्षी पार्टियों पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “अच्छा होता कि इस विशेष सत्र में संविधान की शक्ति और विविधता के बारे में बात
होती.”
राहुल गांधी के लोकसभा में दिए संबोधन पर बीजेपी हुई हमलावार
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इमेज कैप्शन, अनुराग ठाकुर ने संविधान पर लिखी एक किताब के हवाले से राहुल गांधी को घेरा
शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने
सदन में संविधान पर संबोधन दिया.
राहुल गांधी के संबोधन के बाद अब बीजेपी हमलावार हो गई
है. राहुल गांधी ने संविधान के अलावा सावरकर पर भी बयान दिया था.
अब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सावरकर पर
दिए उनके बयान को ग़लत बताते हुए एक दस्वावेज़ सोशल मीडिया पर साझा किया है.
दस्तावेज़ के मुताबिक़, साल 1980 में तत्कालीन प्रधानमंत्री
इंदिरा गांधी ने सावरकर को जन्म के 100 साल पूरे होने से ठीक एक दिन पहले उन्हें ‘भारत का सपूत' कहा था.
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इमेज कैप्शन, किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर ये पत्र पोस्ट किया
वहीं बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी के संबोधन पर कहा, “राहुल गांधी वह दिन भूल गए हैं जब उन्होंने खुद
मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली अपनी सरकार के पारित विधेयक को फाड़ दिया था. राहुल
गांधी ने उसी दिन संविधान की धज्जियां उड़ा दी थीं.”
राहुल गांधी के संबोधन पर हिमाचल के हमीरपुर से सांसद
अनुराग ठाकुर ने तंज कसा, “पिछली बार मैंने विपक्षी सांसदों
से पूछा था कि जो संविधान आप लेकर चलते हैं उसमें कितने पन्ने हैं. कोई भी नहीं
बता पाया.”
बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को शायद इतिहास का
ज्ञान नहीं है. उनके खानदान में कई बार संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं. कांग्रेस ने जब भी संविधान का सहारा
लिया तो तानाशाही के लिए लिया.”
किसानों का दिल्ली मार्च हुआ वापस, सरवन सिंह पंढेर ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हमारे 17 किसान घायल हुए हैं
शनिवार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की क़ानूनी गारंटी सहित कई मुद्दों
पर किसान संगठनों ने दोबारा से दिल्ली मार्च निकाला था.
हालांकि अब किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि दिल्ली
मार्च के लिए 101 किसानों के जत्थे को अब वापस बुला लिया गया है.
इसी के साथ शनिवार को किसानों का दिल्ली मार्च ख़त्म
हो गया है. इसके बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस करते हुए सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि सरकार की कार्रवाई में हमारे 17 किसान घायल हुए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि कहा कि किसानों पर गंदे और कैमिकल वाले
पानी की बौछार की गई, आंसू गैस के गोले फेंके गए. उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में कई किसान घायल हुए हैं.
सरवन सिंह पंढेर ने 16 तारीख़ को पंजाब के बाहर ट्रैक्टर मार्च निकालने का एलान किया, हालांकि उन्होंने जगह का नाम नहीं बताया.
उन्होंने
कहा, “18 तारीख़ को पंजाब में
हर जगह रेल रोको आंदोलन किया जाएगा.”
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सरवन सिंह पंढेर ने सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा.
उन्होंने कहा, “पीएम मोदी ने 101 किसानों के जत्थे पर बल प्रयोग किया. पूरी दुनिया ने देखा कि दुनिया की पांचवी महाशक्ति पैदल जा रहे किसानों पर किस तरह से बल प्रयोग कर रही है.”
पत्रकारों को बयान देते हुए सरवन सिंह पंढेर ने विपक्षी पार्टियों को भी घेरा.
उन्होंने कहा, “विरोधी दल बयान देकर अपनी भूमिका ख़त्म न करें. किसानों की मांग को पूरा कराने का आपका क्या एजेंडा है वह बताएं. जिस तरह से अन्य मुद्दों पर संसद को रोक रहे हैं किसनों के मुद्दे पर भी संसद में बात करें.”
अखिलेश यादव ने 'एक देश एक चुनाव' पर क्यों कहा, पीएम कर दें सरकार भंग
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इमेज कैप्शन, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव 'एक देश एक चुनाव' का विरोध कर रहे हैं
'एक देश एक चुनाव' बिल को कैबिनेट की मंज़ूरी मिलने के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख
अखिलेश यादव ने एक बार फिर से इसपर प्रतिक्रिया दी है.
शनिवार को संसद के बाहर 'एक देश एक चुनाव' से जुड़े एक सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा, " 'एक देश एक चुनाव' पर अगर इतनी जल्दबाज़ी
है तो आज प्रधानमंत्री आ रहे हैं वह सरकार को भंग कर दें और देश में दोबारा से
चुनाव हो जांए."
अखिलेश यादव ने कहा, "एक देश एक चुनाव के लिए इससे अच्छा क्या समय मिलेगा, जब हम संविधान पर चर्चा कर रहे हैं, बहस कर रह हैं. तो आज अपनी भी सरकार और पूरे देश
की सरकार भंग कर दें और दोबारा चुनाव करा दें."
'एक देश एक चुनाव' पर दिए अपने पुराने बयान में अखिलेश यादव ने इसे अलोकतांत्रिक व्यवस्था कहा था.
गुरुवार को 'एक देश एक चुनाव' को मोदी कैबिनेट ने मंज़ूरी दी थी. इसके बाद से ही विपक्षी दल लगातार इस पर तीखी प्रतिक्रिया दे
रहा है.
किरेन रिजिजू ने संसद में कहा, कांग्रेस ने नहीं दिया बाबा साहब आंबेडकर को उनका हक़
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इमेज कैप्शन, शनिवार को लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू
शनिवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस पर बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को उनका
हक़ न देने का आरोप लगाया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, रिजिजू ने यह भी कहा कि कांग्रेस को अपने पापों को कम करने के लिए बाबा साहब
भीवराव आंबेडकर से माफ़ी मांगनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही साल 1952 के चुनाव में बाबा साहब आंबेडकर को
हराया था.
रिजिजू ने बाबा साहब आंबेडकर को भारत रत्न दिए जाने में देरी पर भी सवाल उठाए
और कहा कि संविधान के मुख्य निर्माता को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से तब
सम्मानित किया गया जब केंद्र में बीजेपी की सरकार आई.
साथ ही उन्होंने विपक्ष के इस दावे पर सवाल उठाया कि अल्पसंख्यकों को उनके
अधिकारों से वंचित किया जा रहा है.
शनिवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद सबसे पहले किरेन रिजिजू का ही
संबोधन हुआ.
संविधान को अपनाने के 75 साल पूरे होने पर लोकसभा में चल रही बहस में संसदीय कार्य
मंत्री ने आगाह करते हुए कहा, "हमारे शब्दों या हमारे काम से वैश्विक मंचों पर देश की
छवि ख़राब नहीं होनी चाहिए."
विपक्षी पार्टियों ख़ास तौर पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए किरेन रिजिजू ने
कहा, "भारत में सभी को समान वोट देने का अधिकार दिया गया है, लेकिन कुछ लोग दावा करते हैं कि अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार नहीं दिए गए हैं."
संसद में संविधान पर बहस, राहुल गांधी ने सरकार को सावरकर की याद क्यों दिलाई
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इमेज कैप्शन, लोकसभा में संविधान पर दिए अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को संसद में संविधान पर बोलते हुए बीजेपी को निशाने पर लिया.
उन्होंने विनायक दामोदर सावरकर के लेखन का हवाला देते हुए बीजेपी और मोदी सरकार को घेरा.
उन्होंने कहा कि सावरकार ने लिखा है कि "भारत के संविधान के बारे में सबसे ख़राब चीज़ ये है कि
इसमें कुछ भी भारतीय नहीं है. वेदों के बाद मनुस्मृति वो ग्रंथ है जो
हमारे हिंदू राष्ट्र के लिए सबसे पूजनीय है. और ये प्राचीन समय से हमारी संस्कृति, रीति-रिवाज़, विचार और व्यवहार का आधार बना हुआ
है. इस किताब ने सदियों से जारी हमारे देश की आध्यात्मिक और दैवीय यात्रा
को संहिताबद्ध किया है. आज मनुस्मृति क़ानून है.’’
उन्होंने कहा कि ये सावरकर के शब्द हैं.
राहुल गांधी ने कहा, ''सावरकर ने अपने लेखन में साफ कर दिया है कि हमारे संविधान में भारतीयता का कोई
अंश नहीं है. उन्होंने कहा है कि भारत को इस किताब (संविधान) से नहीं बल्कि इस
किताब (मनुस्मृति) से चलाया जाना चाहिए.''
उन्होंने कहा, ''आज इसी की लड़ाई है. मैं सत्ता पक्ष के लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या आप
सावरकर के शब्दों का समर्थन करते हैं. क्योंकि जब आप संविधान के पक्ष में संसद में
बोलते हैं तो आप सावरकर का मज़ाक उड़ा रहे होते हैं. आप उनको बदनाम कर रहे होते
हैं.''
संविधान को स्वीकार करने के 75 वर्ष पूरे होने पर संसद में संविधान पर बहस जारी है.
शुक्रवार को
राहुल गांधी की बहन और केरल के वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी ने संविधान पर
बहस के दौरान सरकार को घेरा था.
आज राहुल गांधी के भाषण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ससंद में संविधान पर बोलेंगे.
किसानों का दिल्ली मार्च: ऐसा सलूक हो रहा जैसे किसान पाकिस्तान बॉर्डर जा रहे हैं- बजरंग पुनिया
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इमेज कैप्शन, बजरंग पुनिया किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शंभू बॉर्डर पहुंचे हैं
शनिवार को हरियाणा और पंजाब के किसानों ने दोबारा से दिल्ली में
प्रवेश के लिए अपना मार्च निकाला है.
फ़िलहाल हरियाणा पुलिस शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने
की कोशिश में जुटी है. इसी के तहत पुलिस ने किसानों पर पानी की बौछार की है और
आंसू गैस के गोले भी छोड़े हैं.
किसानों के दिल्ली मार्च के बीच किसान कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और पहलवान बजरंग पुनिया ने केंद्र सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने
का आरोप लगाया है.
बजरंग पुनिया का कहना है कि सरकार एक तरफ़ कहती है कि
वो किसानों को नहीं रोक रही है और दूसरी तरफ़ किसानों पर आंसू गैस के गोले दाग़ रही है.
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार से अपील है कि वो किसान भाईयों से किए गए वादों को पूरा करे.”
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इमेज कैप्शन, शंभू बॉर्डर पर किसानों पर पानी की बौछार करती पुलिस
बजरंग पुनिया किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शंभू बॉर्डर पहुंचे थे, जहां उन्होंने यह बयान दिया.
उन्होंने कहा, "किसानों के साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है जैसे कि वो पाकिस्तान बॉर्डर पर जा रहे हों.किसान केवल अपनी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य मांग रहे हैं. सरकार से अपील करता हूं कि किसानों की जो मांगे हैं उनको पूरा किया जाए."
वहीं इससे पहले किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "पूरा देश किसान के आंदोलन से जुड़ा है, लेकिन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आंदोलन से दूरी रख रहे हैं. कृषि मंत्री से पत्रकार सवाल करते हैं तो, वो कुछ नहीं बोलते."
शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा (गै़र-राजनीतिक) और किसान मज़दूर मोर्चा के बैनर तले किसान शंभू बॉर्डर और खनौरी सीमा पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
प्रदर्शनकारी किसान इससे पहले भी दो बार दिल्ली आने का प्रयास कर चुके हैं, हालांकि दोनों ही बार किसानों के जत्थे वापस लौट गए थे.
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दिल्ली की ओर कूच करने वाले किसानों पर शंभू बॉर्डर के पास पानी की बौछारें, आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारी किसान पहले भी दिल्ली की ओर कूच करने की कोशिश कर चुके हैं
हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर स्थित प्रदर्शनकारी किसानों ने शनिवार को फिर दिल्ली की ओर कूच करने की कोशिश की.
सुरक्षाबलों ने शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया.
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने शनिवार की सुबह ही समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "पूरा देश किसान के आंदोलन से जुड़ा हुआ है, लेकिन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आंदोलन से दूरी रख रहे हैं."
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मज़दूर मोर्चा के बैनर तले किसान शंभू और खनौरी सीमा पर पिछले 300 से भी अधिक दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
प्रदर्शनकारी कई बार दिल्ली की ओर कूच करने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षाबलों ने रोक दिया है.
शंभू बॉर्डर से ज्यादा जानकारी बीबीसी संवाददाता सरबजीत सिंह धालीवाल दे रहे हैं. यहां क्लिक कर देख सकते हैं.
अरविंद केजरीवाल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बोले- बहुत दुख होता है
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इमेज कैप्शन, अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध बढ़ रहे हैं
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है.
केजरीवाल ने पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए बताया कि ये उन्होंने दिल्ली में बिगड़ती क़ानून व्यवस्था के मुद्दे पर लिखा है.
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इमेज कैप्शन, अरविंद केजरीवाल का गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र
केजरीवाल ने कहा, "मैं आपको (अमित शाह) यह पत्र इसलिए लिख रहा हूँ क्योंकि देश के गृह मंत्री होने के नाते दिल्ली की क़ानून व्यवस्था की ज़िम्मेदारी आपकी है."
"लेकिन यह बताते हुए बहुत दुख होता है कि दिल्ली अब देश और विदेश में अपराध की राजधानी के रूप में पहचानी जा रही है."
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इमेज कैप्शन, अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में महिला सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध तेज़ी से बढ़ रहे हैं, वहीं जबरन वसूली करने वाले गिरोह और गैंगस्टर्स हर गली में सक्रिय हो चुके हैं.
"दिल्ली की सड़कों पर दिनदहाड़े गोलीबारी, हत्या, अपहरण और चाकूबाज़ी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है. पिछले 6 महीने में दिल्ली के 300 से ज़्यादा स्कूलों-कॉलजों, 100 से अधिक अस्पतालों, एयरपोर्ट और मॉल पर लगातार बम धमाकों की धमकियां दी जा रही हैं."
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी: बारिश के कारण नहीं हो पाया पहला दिन पूरा, ऑस्ट्रेलिया ने बनाए 28 रन
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इमेज कैप्शन, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की सिरीज़ 1-1 से बराबर है
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट मैच का पहला दिन बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाया.
पहले दिन सिर्फ 13.2 ओवर का खेल हो पाया और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने बिना किसी विकेट के नुकसान पर भारत के ख़िलाफ़ 28 रन बनाए.
ऑस्ट्रेलिया की ओर से उस्मान ख़्वाजा 19 और नाथन मैकस्वीनी 4 रन बना चुके हैं.
भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया था. इस दौरान जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और आकाश दीप ने गेंदबाज़ी की.
बारिश के कारण कई बार खेल रुका और लंच ब्रेक भी जल्दी ले लिया गया था, लेकिन फिर भी आज का खेल पूरा नहीं हो सका.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की सिरीज़ 1-1 से बराबर है.