बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस
प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के ख़िलाफ़ एक क़ानूनी नोटिस भेजा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, महाराष्ट्र की पार्टी बहुजन विकास अघाड़ी
ने तावड़े पर वोटरों को लुभाने के लिए पांच करोड़ रुपये बांटने का आरोप लगाया था.
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने अपने एक पुराने बयान में भी उन पर ऐसा ही आरोप लगाया था.
इस बारे में तावड़े ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए
बयान में कहा, “महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के एक
दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता राहुल गांधी और प्रवक्ता सुप्रिया
श्रीनेत ने कहा कि नालासोपारा चुनाव क्षेत्र में एक होटल में विनोद तावड़े पांच
करोड़ रुपये बांटते पकड़े गए.”
विनोद तावड़े ने कहा कि चुनाव
आयोग और पुलिस को कुछ मिला नहीं.
उन्होंने कहा, "इस तरह के झूठ फ़ैलाना कांग्रेस की आदत है. मेरे
जैसे सामान्य घर से आने वाले कार्यकर्ता को बदनाम करने की कोशिश की गई. कई
भाजपा के कार्यकर्ता और मेरे चाहने वाले लोग इस बात से आहत हुए हैं."
उन्होंने कहा, "कांग्रेस के नेताओं ने जैसे झूठ
फैलाया उससे मुझे बहुत दुख हुआ. मेरी बदनामी जानबूझ कर की गई है. आज मैंने उन तीनों
को नोटिस भेज कर सवाल किया है कि या तो आप सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगें या कोर्ट की
कार्रवाई के लिए तैयार रहें."
इससे पहले 19 नवंबर को कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने विनोद तावड़े पर बयान दिया था. उन्होंने इससे जुड़ा एक वीडियो भी पोस्ट किया था.
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा था, "विनोद तावड़े एक आम कार्यकर्ता नहीं है, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हैं. उनसे पूछा जाना चाहिए कि वो चुनाव प्रचार ख़त्म होने के बाद दूसरे विधानसभा क्षेत्र में क्या कर रहे थे?"
उन्होंने कहा, “उनके पास से एक बैग बरामद हुआ. उसमें एक डायरी है उसमें 15 करोड़ रुपये का ब्योरा है. उनके पास पांच करोड़ नकद भी बरामद हुआ. उनसे पूछा जाना चाहिए कि यह पैसा किसका है, उनके पास क्यों था, वह किसको बांटा जा रहा था? क्या ये चुनाव को प्रभावित करने की प्रक्रिया नहीं है? क्या ये सत्ता और संसाधन का दुरुपयोग नहीं है? ये बात पूछी जानी है."