शांति सैनिक भेजे जाने के ममता बनर्जी के बयान और भारतीय मीडिया पर बांग्लादेश ने क्या कहा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बांग्लादेश में शांति सैनिक भेजे जाने की मांग पर बांग्लादेश ने प्रतिक्रिया दी

सारांश

  • महाराष्ट्र में सस्पेंस जारी, बीजेपी ने निर्मला सीतारमण और विजय रुपाणी को बनाया पर्यवेक्षक
  • पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्लादेश की मौजूदा परिस्थितियों को लेकर वहां पर शांति सेना भेजे जाने की मांग की
  • त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त के ऑफ़िस में तोड़-फोड़ की घटना
  • धार्मिक स्थलों पर सर्वे को लेकर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने पत्रकारों से बात की
  • बशर अल-असद ने उत्तरी सीरिया में विद्रोहियों के अचानक हुए हमले के खिलाफ लड़ाई में ईरान और रूस की मदद को महत्वपूर्ण बताया

लाइव कवरेज

कीर्ति रावत और अभिषेक पोद्दार

  1. नमस्कार!

    सोमवार के इस लाइव पेज को अब विराम देने का समय आ गया है. इसी के साथ मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अभिषेक पोद्दार को दीजिए इजाज़त.

    मंगलवार की सुबह बीबीसी के लाइव पेज के ज़रिए आप दिन भर की बड़ी ख़बरों को पढ़ सकेंगे.

    फ़िलहाल के लिए हमारे पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें हैं, जिन्हें आपको पढ़ना चाहिए...

    - अमेरिकी राष्ट्रपति की वो पावर जिससे उन्होंने बेटे हंटर बाइडन के गुनाह माफ़ किए- पढ़ने के लिए क्लिक करें.

    - पाकिस्तानी नोबेल विजेता वैज्ञानिक, जिनका बंबई में मिलिट्री पुलिस से हुआ था सामना- पढ़ने के लिए क्लिक करें.

    - अवध ओझा आम आदमी पार्टी में शामिल हुए तो लोगों ने याद दिलाईं ये बातें- पढ़ने के लिए क्लिक करें.

    - ग़ाज़ियाबाद में 31 साल बाद परिवार से मिले राजू की कहानी में आया नया मोड़, देहरादून के परिवार से भी जोड़े थे रिश्ते- पढ़ने के लिए क्लिक करें.

  2. शांति सैनिक भेजे जाने के ममता बनर्जी के बयान और भारतीय मीडिया पर बांग्लादेश ने क्या कहा

    बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन

    इमेज स्रोत, BBC Bangla

    इमेज कैप्शन, बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार ने भारतीय मीडिया पर भी आरोप लगाए हैं

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बांग्लादेश में शांति सैनिक भेजे जाने की मांग पर बांग्लादेश ने प्रतिक्रिया दी है.

    बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने कहा है कि 'ममता बनर्जी की बांग्लादेश में शांति सैनिक भेजे जाने की मांग राजनीति में उनकी मदद नहीं करेगी.'

    ममता बनर्जी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपने संबोधन में कहा था कि 'बांग्लादेश के मौजूदा हालातों के मद्देनज़र वहां शांति सेना भेजी जानी चाहिए.'

    उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि बांग्लादेश में शांति सेना भेजने के बारे में संयुक्त राष्ट्र से बात की जानी चाहिए.

    बीबीसी बांग्ला के अनुसार, बांग्लादेश के विदेशी मामलों के सलाहकार ने पत्रकारों से कहा, “हम ममता बनर्जी के बयान को एक तरह की राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर देखते हैं. लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि उन्होंने यह बयान क्यों दिया.”

    तौहीद हुसैन ने कहा, “मेरा मानना है कि राजनीतिक तौर पर यह टिप्पणी सही नहीं है. राजनीतिक बहसों को हमेशा राजनीतिक नज़रिए से देखा जाना चाहिए. यह बयान पश्चिम बंगाल की राजनीति में उनकी स्थिति के लिए मददगार नहीं होगा.”

    आने वाले दिनों में भारत के साथ रिश्तों के सवाल पर विदेश मंत्रालय के सलाहकार ने कहा, "भारत के साथ हमारे रिश्ते पुराने जैसे नहीं हैं. हम मौजूदा मुद्दों को स्वीकार करते हैं. अगर आप किसी समस्या को स्वीकार करते हैं तो उसे हल करने की कोशिश कर सकते हैं. हम आपसी हितों को ध्यान में रखते हुए भारत के साथ सामान्य रिश्ते चाहते हैं."

    तौहीद हुसैन ने कहा, "बांग्लादेश के अंदर और बाहर ऐसी धारणा स्थापित करने की कोशिशें की जा रही हैं कि बांग्लादेश सांप्रदायिक रूप से बहुत ख़राब स्थिति से गुज़र रहा है."

    उन्होंने इस स्थिति के लिए भारतीय मीडिया को दोषी ठहराते हुए कहा, "भारतीय मीडिया ऐसी अवधारणा स्थापित करने की कोशिश कर रहा है."

    बांग्लादेश के गृह मंत्रालय के सलाहकार रिटायर्ड लेफ़्टिनेंट जनरल जहांगीर आलम चौधरी ने भी भारतीय मीडिया पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, "भारतीय मीडिया बांग्लादेश के बारे में कई सारी झूठी ख़बरें फ़ैला रहा है."

    बीते दिनों बांग्लादेश इस्कॉन से जुड़े रहे चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी के बाद से दोनों देशों के बीच तल्ख़ी और बढ़ गई है.

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  3. बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश की सरकार को बताया कट्टरपंथी

    सुभेंदु अधिकारी

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    इमेज कैप्शन, शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के बीजेपी विधायकों ने बांग्लादेश की सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया

    पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष और बीजेपी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर बयान दिया है.

    सोमवार को शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के बीजेपी विधायकों ने बांग्लादेश की सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया.

    बीजेपी का यह विरोध प्रदर्शन बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी के विरोध में था.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “बांग्लादेश की सरकार कट्टरपंथी, चरमपंथी और हिंदू विरोधी सरकार है.”

    पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता ने कहा, “वे (बांग्लादेश की सरकार) मंदिरों को तोड़ने और ग़ैरकानूनी तरीके से हिंदू साधुओं को हिरासत में रखने की कोशिश कर रहे हैं.”

    बांग्लादेश में इस्कॉन से जुड़े रहे चिन्मय कृष्ण दास कि रिहाई को लेकर पश्चिम बंगाल में कुछ दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है.

    सोमवार को अगरतला में हिंदू संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त कार्यालय में भी तोड़फोड़ की, जिस पर बांग्लादेश सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

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  4. किसानों के दिल्ली कूच पर क्या बोले उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम मौर्य

    केशव प्रसाद मौर्य (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया है कि किसान बीजेपी के साथ हैं.

    सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों के प्रदर्शन और उनके दिल्ली कूच पर उत्तर प्रदेश सरकार का बयान सामने आया है.

    सोमवार को कई किसान संगठनों ने ग्रेटर नोएडा से दिल्ली कूच का आयोजन किया था.

    केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "किसानों का बीजेपी सरकार सम्मान करती है और उनकी समस्याओं का समाधान भी करती है. जहां तक किसानों का कूच है पिछले दिनों हरियाणा की तरफ से भी कूच हुआ था. वहां किसानों के रूप में कांग्रेस छिपी हुई थी."

    केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "हरियाणा चुनावी नतीजों में आंदोलन को लीड करने वाले ही चुनाव हार गए थे. जनता और किसान समझदार हैं. प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में वे बीजेपी के साथ हैं. हम किसानों की समस्याओं को सुनेंगे भी और समाधान भी करेंगे."

    किसान मार्च
    इमेज कैप्शन, ग्रेटर नोएडा के महामाया चौक से शुरू हुए किसानों के दिल्ली कूच से हाईवे पर घंटों जाम लगा रहा.

    संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान जारी कर कहा है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे समेत अन्य प्रोजेक्टों में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसान अपनी मांग को लेकर सोमवार को ग्रेटर नोएडा से दिल्ली कूच कर रहे थे.

    प्रदर्शन करती किसान संगठन की महिलाएं
    इमेज कैप्शन, प्रदर्शन करती किसान संगठन की महिलाएं

    किसानों की मांगों में ज़मीन मालिकों को उनकी अधिग्रहित ज़मीन पर तैयार 10 प्रतिशत प्लॉट आवंटित करने और मुआवज़े में 64 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी और नए भूमि अधिग्रहण क़ानून का लाभ दिए जाने की मांग शामिल है.

    दिल्ली सीमा के पास किसानों ने किया प्रदर्शन
    इमेज कैप्शन, दिल्ली सीमा के पास किसानों ने किया प्रदर्शन

    भूमि अधिग्रहण क़ानून 2013 को लागू करने की मांग भी किसानों की प्रमुख मांगों में शामिल है.

    किसान संगठनों ने दिल्ली को जाने वाले हाईवे को खाली कर दिया है लेकिन धरना प्रदर्शन समाप्त नहीं किया है.

    इस प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन के कई धड़े, भारतीय किसान परिषद, भारतीय किसान सभा समेत कई किसान संगठन शामिल हैं.

  5. संभल जाने के लिए निकले यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने क्या कहा?

    यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय

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    इमेज कैप्शन, संभल जाने के सवाल पर बोले अजय राय- जाएंगे ज़रूर

    सोमवार की सुबह उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल संभल जाने के लिए निकला था.

    हालांकि ज़िला प्रशासन ने संभल में बाहरी व्यक्तियों के आने पर 10 दिसंबर तक रोक लगा दी है.

    इस पर रोक के बारे में अजय राय ने कहा, जहां तक हमें जाने दिया जाएगा हम जाएंगे. लेकिन जाएंगे ज़रूर.

    अजय राय ने कहा, "इन्होंने धारा 163 का नोटिस जारी किया है. कहा है कि वहां जाने से अव्यवस्था होगी. लेकिन हम अव्यवस्था नहीं चाहते हैं हम शांति चाहते हैं. संभल में जो अत्याचार और अन्याय सरकार और पुलिस ने किया है. वो हम जनता को और अपने नेताओं को बताएंगे."

    रविवार की शाम दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा था कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल संभल जाएगा.

    कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के संभल जाने पर आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा, "वे अभी ना जाएं तो कब जाएं."

    उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के संभल जाने के सवाल पर कहा, “चाहे समाजवादी पार्टी हो या कांग्रेस हो विपक्षी दलों को लगता है कि संभल जाने से उनको वोटों की फसल काटने का मौक़ा मिलेगा. लेकिन उत्तर प्रदेश की जनता ने विपक्ष को नकार दिया है.”

    ब्रजेश पाठक ने कहा, “हम उत्तर प्रदेश में हर हालत में क़ानून व्यवस्था को बनाए रखेंगे. किसी को भी क़ानून हाथ में लेने की इजाज़त नहीं है. न्यायिक आयोग ने वहां दौरा कर लिया है. जो भी कोर्ट का फैसला होगा उसका हम पालन करेंगे. कांग्रेस पार्टी राजनातिक पर्यटन के लिए वहां जाना चाहती है.”

  6. बांग्लादेश ने अपने उच्चायुक्त ऑफ़िस में तोड़-फोड़ को लेकर भारत पर लगाए आरोप

    अगरतला स्थित बांग्लादेश सहायक उच्चायोग का ऑफिस़

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    इमेज कैप्शन, बांग्लादेश की सरकार ने कहा कि उच्चायोग के सभी सदस्यों में असुरक्षा की गहरी भावना है.

    त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में बांग्लादेश सहायक उच्चायुक्त के ऑफ़िस में हुई तोड़-फोड़ की घटना पर अब बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भी प्रतिक्रिया दी है.

    बांग्लादेश विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया, भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया के कुछ देर बाद ही सामने आई.

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने अगरतला में बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त के ऑफ़िस में तोड़-फोड़ की घटना पर ख़ेद जताया था.

    बांग्लादेश सरकार ने अगरतला में हिंदू संघर्ष समिति के प्रदर्शन को हिंसक ठहराते हुए घटना पर अपनी गहरी नाराज़गी जताई है.

    बांग्लादेश सरकार ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को पूर्व नियोजित तरीके से बांग्लादेश सहायक उच्चायुक्त कार्यालय के मुख्य द्वार को तोड़कर परिसर में घुसने दिया गया.

    इसके अलावा बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा बलों की मौजूदगी में बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने और उच्चायुक्त ऑफ़िस की संपत्ति को नुक़सान पहुंचाने का आरोप भी लगाया है.

    बांग्लादेश सरकार के मुताबिक़, "उच्चायुक्त ऑफ़िस की सुरक्षा में मौजूद पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने में भी नाक़ाम रहे. सहायक उच्चायुक्त कार्यालय के सभी सदस्यों में असुरक्षा की गहरी भावना है."

    इससे पहले भी बांग्लादेश सरकार ने एक बयान जारी करते हुए कोलकाता में प्रदर्शन के दौरान अपने देश के राष्ट्रीय ध्वज को जलाए जाने की बात कही थी.

    पिछले कुछ महीनों के दौरान बांग्लादेश और भारत के बीच रिश्तों में तनातनी देखने को मिल रही है.

    बांग्लादेश में सम्मिलित सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी के बाद से ही दोनों देशों के बीच रिश्तों में तल्ख़ी और बढ़ गई है.

  7. अगरतला में बांग्लादेश सहायक उच्चायुक्त ऑफ़िस में तोड़-फोड़ पर भारत ने क्या कहा

    अगरतला स्थित बांग्लादेश सहायक उच्चायुक्त का ऑफ़िस
    इमेज कैप्शन, भारत सरकार देश में स्थित बांग्लादेश उच्चायोग और सहायक उच्चायोगों की सुरक्षा बढ़ा रही है

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त के ऑफ़िस में तोड़-फोड़ की घटना पर बयान जारी किया है.

    भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक़, “आज अगरतला में बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त के कार्यालय परिसर में घुसपैठ की घटना बेहद दुखद है. किसी भी परिस्थिति में राजनयिक और वाणिज्य दूतावास की संपत्तियों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.”

    बयान के अनुसार, "सरकार नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग और देश में उनके उप या सहायक उच्चायोगों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए कार्रवाई कर रही है."

    सोमवार को अगरतला स्थित बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त कार्यालय के बाहर हिंदू संघर्ष समिति की त्रिपुरा इकाई ने प्रदर्शन आयोजित किया था. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में तोड़ फोड़ की.

    बांग्लादेश में इस्कॉन से जुड़े रहे चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी का हिंदू संगठन विरोध कर रहे हैं.

    भारत सरकार ने बांग्लादेश सरकार के इस कदम पर आपत्ति दर्ज कराई थी.

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  8. श्री अकाल तख़्त साहिब ने अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल को सुनाई 'सज़ा', क्या थे आरोप

    सुखबीर सिंह बादल (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, सुखबीर सिंह बादल समेत पांच लोगों पर लगाए गए थे आरोप

    पंजाब के अमृतसर स्थित सिख धर्म के सबसे बड़े धार्मिक स्थल श्री अकाल तख़्त साहिब (गोल्डन टेंपल) ने सोमवार को पंजाब के पूर्व उपमुखंयमंत्री और अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल को 'सज़ा' सुनाई है.

    बीबीसी पंजाबी के मुताबिक़, सुखबीर सिंह बादल के अलावा अकाली दल के कुछ और नेताओं को भी 'सज़ा' सुनाई गई है.

    अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने सुखबीर सिंह बादल समेत अकाली दल की कोर कमेटी के सदस्यों और 2015 में कैबिनेट सदस्य रहे नेताओं को 'सज़ा' सुनाई.

    इसके अलावा पंजाब के भूतपूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत प्रकाश सिंह बादल को दी गई फ़ख़्र-ए-कौम की उपाधि को भी वापस लेने का एलान किया गया.

    ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि तीन दिसंबर को ये सभी दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक बाथरूम साफ़ करेंगे, उसके बाद नहाकर लंगर परोसेंगे, फिर नितनेम और सुखमनी साहिब का पाठ करेंगे.

    इसके साथ ही ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि चूंकि सुखबीर सिंह बादल के पैर में चोट है और सुखदेव सिंह ढींडसा बुजुर्ग हैं, जिस कारण वे दोनों इस सज़ा को निभा पाने में असमर्थ हैं. इसलिए ये दोनों गुरु के घर की चौखट के बाहर सेवकों के साथ सेवा करेंगे.

    इसी तरह, ये तख्त केसगढ़ साहिब, दमदमा साहिब, फतेहगढ़ साहिब और मुक्तसर साहिब में काम करेंगे.

    इसके अलावा पाचों लोगों को अपने कस्बे, शहर या आसपास के गुरुद्वारों में रोजाना एक घंटे तक बर्तन, लंगर, साफ़-सफ़ाई और खाना पकाने की सेवा करनी होगी.

    जत्थेदारों ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल, सुच्चा सिंह लंगाह, गुलजार सिंह, दलजीत सिंह चीमा, भुंदर और गबरी से ज़ुर्माना भी वसूला जाएगा.

    श्री अकाल तख़्त साहिब

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    इमेज कैप्शन, श्री अकाल तख़्त साहिब ने सुखबीर सिंह बादल से ज़ुर्माना वसूलने की भी बात कही है.

    क्या थे आरोप

    - 'अकाली दल सरकार के दौरान सांप्रदायिक मुद्दों के चलते कई लोगों की मौत हुई.'

    -सिख युवकों को पीटने वाले पुलिस अधिकारियों को प्रमोशन देना और उनके परिवार वालों को टिकट देना.

    -जत्थेदारों को घर बुलाकर पूछना कि डेरा सच्चा सौदा को माफ़ किया जाए या नहीं.

    -सरकार के दौरान गुरु का अपमान किया गया. गंदे पोस्टर लगए गए. तत्कालीन अकाली दल की सरकार आरोपियों का पता भी नहीं लगा पाई. इसके बाद गुरु ग्रंथ साहिब की पुस्तकें फाड़ दी गईं और बाद में प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई गईं.

    -डेरा प्रमुख को दी गई माफ़ी को सही ठहराने के लिए विज्ञापन के लिए शिरोमणि कमेटी के पैसे का दुरुपयोग किया गया.

    सज़ा पर अकाली दल की प्रतिक्रिया

    सज़ा पर प्रतिक्रिया देते हुए शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा, “हम अपनी ग़लतियों को स्वीकार करना चाहते हैं और माफ़ी मांगना चाहते हैं. यहां कोई बहस नहीं होती, गुरु सब जानते हैं. हम अकाल तख़्त के फ़ैसले का पालन करेंगे.”

  9. आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद अवध ओझा ने क्या कहा

    अवध ओझा

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    इमेज कैप्शन, अवध ओझा ने आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने के बाद राजनीति में आने की वजह बताई

    सिविल सर्विसेज़ की तैयारी कराने वाली कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षक अवध ओझा सोमवार को आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए.

    उन्होंने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ली.

    आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद अवध ओझा ने राजनीति में आने की वजहें भी बताईं.

    उन्होंने कहा, “मैं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को दिल से शुक्रिया कहता हूं कि उन्होंने मुझे राजनीति में आकर शिक्षा के लिए काम करने का मौका दिया. जितने भी देश महान हुए हैं उनमें शिक्षा की सबसे बड़ी भूमिका रही."

    "जैसा मनीष सिसोदिया ने कहा था कि शिक्षा और राजनीति में से किसी एक को चुनना हो तो मैं शिक्षा को चुनूंगा. वैसा ही उद्देश्य मेरा है. राजनीति में आकर शिक्षा का विकास मेरा सबसे बड़ा उद्देश्य है.”

    इस मौके पर अरविंद केजरीवाल ने कहा, “अवध ओझा इस देश में शिक्षा के क्षेत्र में जाना माना नाम हैं. मैं कहना चाहता हूं कि हमारे साथ अवध ओझा के आने पर देश की शिक्षा मज़बूत होगी.”

  10. महाराष्ट्र में सस्पेंस जारी, बीजेपी ने निर्मला सीतारमण और विजय रुपाणी को बनाया पर्यवेक्षक

    निर्मला सीतारमण

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    इमेज कैप्शन, महाराष्ट्र में बीजेपी ने अभी तक अपने विधायक दल का नेता नहीं चुना है

    महाराष्ट्र में नए मुख्यमंत्री के नाम की अटकलों के बीच राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आई बीजेपी ने विधायक दल का नेता चुनने के लिए पार्टी पर्यवेक्षक की नियुक्ति की है.

    बीजेपी ने महाराष्ट्र के लिए देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया है.

    एक प्रेस रिलीज में पार्टी ने कहा, "बीजेपी के संसदीय बोर्ड ने महाराष्ट्र में पार्टी के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है."

    महाराष्ट्र में बीजेपी ने अभी तक अपने विधायक दल के नेता का चुनाव नहीं किया है. हालांकि महायुति की बाकी की दोनों पार्टियां शिव सेना और एनपीसी अपने विधायक दल के नेता को पहले ही चुन चुकी हैं.

    जहां शिवसेना ने एकनाथ शिंदे को तो वहीं एनसीपी ने अजित पवार को अपने विधायक दल का नेता चुना है.

    महाराष्ट्र चुनाव में महायुति गठबंधन के बड़ी जीत दर्ज करने के बाद से ही मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अटकलें तेज़ हैं.

    हालांकि एकनाथ शिंदे पहले ही बोल चुके हैं कि नई सरकार और सीएम पद पर पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के वरिष्ठ नेतृत्व का फ़ैसला उनको मंज़ूर होगा.

    इसके बाद महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने एक हालिया एक्स पोस्ट में महायुति सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख़ के बारे में एलान किया था.

    महाराष्ट्र बीजेपी के एक्स पोस्ट के मुताबिक़, महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह पांच दिसंबर को मुंबई के आज़ाद मैदान में होगा.

    हालांकि अभी तक महायुति गठबंधन ने आधिकारिक रूप से ये नहीं बताया है कि मुख्यमंत्री कौन होगा.

    23 नवंबर को हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है.

    बीजेपी ने राज्य की 288 सीटों में से कुल 132 सीटों पर जीत हासिल की है. जबकि शिव सेना (शिंदे गुट) को 57 सीटों पर जीत मिली है. वहीं एनसीपी (अजित पवार) को 41 सीटें हासिल हुई हैं.

  11. ममता बनर्जी ने कहा- बांग्लादेश में भेजी जानी चाहिए शांति सेना

    ममता बनर्जी (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी ने कहा- हम प्रधानमंत्री से संसद में बांग्लादेश के बारे में बोलने का अनुरोध करते हैं

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्लादेश की मौजूदा परिस्थितियों को लेकर वहां पर शांति सेना भेजे जाने की मांग की है.

    बीबीसी बांग्ला के अनुसार, ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की विधानसभा में कहा, "ममता बनर्जी ने बांग्लादेश में शांति सैनिकों को भेजने के लिए केंद्र सरकार से संयुक्त राष्ट्र से बातचीत करने की अपील की है."

    ममता बनर्जी ने कहा, "भारत सरकार को बांग्लादेश में शांति सैनिक भेजने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ से बात करनी चाहिए."

    इसके साथ ही ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को विदेशी धरती पर अत्याचार का सामना कर रहे भारतीयों को वापस लाना चाहिए.

    ममता बनर्जी ने कहा, "विदेश मंत्री को संसद में हमारे पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों की स्थिति के बारे में भी बताना चाहिए."

    पश्चिम बंगाल की सीएम ने मांग की है कि विदेश मंत्री को संसद के शीतकालीन सत्र मे ही इस बारे में बयान देना चाहिए.

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ''सीमा सुरक्षा केंद्र के अधीन है. हम सदन की ओर से प्रधानमंत्री से संसद में बांग्लादेश के बारे में बोलने का अनुरोध करते हैं. अगर प्रधानमंत्री को किसी मामले में दिक्कत है तो विदेश मंत्री को संसद में बयान देकर बताना चाहिए कि केंद्र ने इस संबंध में क्या फैसला किया है.”

    बांग्लादेश में सम्मिलित सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी के बाद से ही भारत के साथ उसके रिश्तों में तनातनी देखी जा रही है.

    भारत सरकार ने एक बयान जारी करते हुए कहा था, “हम बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर अपनी आपत्ति और गहरी चिंता ज़ाहिर करते हैं.”

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  12. दिल्ली सीमा पर किसानों का प्रदर्शन, राकेश टिकैत ने मांगों को लेकर क्या कहा

    विरोध प्रदर्शन करते हुए किसान
    इमेज कैप्शन, किसान संगठन विरोध प्रदर्शन करते हुए राजधानी दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं

    सोमवार को अपनी कई मांगों को लेकर किसान संगठन दिल्ली की पूर्वी सीमा पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारी किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं. हालांकि दिल्ली पुलिस ने किसानों को रोकने की व्यवस्था के तहत सीमाओं को बंद कर दिया है और बैरिकेड्स लगा दिये हैं.

    प्रदर्शन को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, “किसानों की समस्या का समाधान दिल्ली से ही हो सकता है, इसीलिए हम दिल्ली जा रहे हैं.”

    ये प्रदर्शन किसान संयुक्त मोर्चा के बैनर तले हो रहा है.

    राकेश टिकैत ने किसानों की मांगों के बारे में भी बताया.

    किसान भूमि अधिग्रहण के मामले में उचित मुआवजा, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी और बकाया भुगतान जैसी मांगों के समाधान को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    दिल्ली में ही प्रदर्शन करने के सवाल को लेकर किसान नेता ने कहा, “दिल्ली देश की राजधानी है सारे क़ानून वहां से बनते हैं तो हम प्रदर्शन कहां करें.”

    राकेश टिकैत ने संभल की घटना पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा, “संभल में बड़ी घटना हुई है. विपक्ष का काम है कि वहां जाएं और पीड़ितों से मिलें. वहां की जो समस्या है उसे देखें और फिर रिपोर्ट बना कर सरकार को दें. वहां किसी के जाने से कोई ख़तरा नहीं है.”

    गौतमबुद्ध नगर के अतिरिक्त आयुक्त शिवहरि मीणा ने कहा, “हम किसानों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं. कल भी हमने किसानों से तीन घंटे तक बातचीत की थी. हमने थ्री टीयर सिक्योरिटी प्लान तैयार किया है. जिसके तहत पांच हज़ार से भी ज़्यादा पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के अलावा एक हज़ार पीएससी कर्मियों को अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया है.”

  13. अगरतला में बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त के कार्यालय में तोड़-फोड़, पिनाकी दास, बीबीसी हिंदी के लिए

    अगरतला

    इमेज स्रोत, Pinaki Das

    इमेज कैप्शन, अगरतला में प्रदर्शन के दौरान हिंदू संघर्ष समिति के कार्यकर्ता सहायक उच्चायुक्त के कार्यालय में घुस गए.

    त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त के ऑफ़िस में तोड़-फोड़ की घटना सामने आई है.

    बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त कार्यालय के बाहर हिंदू संघर्ष समिति की त्रिपुरा इकाई ने प्रदर्शन आयोजित किया था.

    इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में तोड़ फोड़ की.

    सोमवार की सुबह प्रदर्शनकारी सर्किट हाउस के पास महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दे रहे थे. उसी वक़्त प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने पुलिस बैरिकेड को तोड़ दिया और सहायक उच्चायुक्त के ऑफ़िस में दाख़िल हो गए.

    घटना के बाद राज्य के डीजीपी अनुराग धनखड़ और पश्चिम त्रिपुरा ज़िले के एसपी डॉ. किरण कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच पड़ताल की.

    बांग्लादेश में इस्कॉन से जुड़े रहे चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी का हिंदू संगठन विरोध कर रहे हैं.

    भारत सरकार ने भी बांग्लादेश सरकार के इस कदम पर गहरी चिंता जताई थी, जबकि आरएसएस ने चिन्मय कृष्ण दास की तत्काल रिहाई की मांग की है.

    बांग्लादेश से संबंधित ख़बर

  14. नमस्कार!

    दोपहर के दो बज रहे हैं. अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता कीर्ति रावत को दीजिए इजाज़त.

    अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अभिषेक पोद्दार आप तक ज़रूरी ख़बरें पहुंचाएंगे.

    आप बीबीसी हिंदी के पेज पर छपी कुछ बड़ी ख़बरें नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं.

    - सीरिया में बशर अल-असद 2011 के बाद विद्रोही गुटों के साथ संघर्ष में अपनी सत्ता बचाने में कामयाब रहे थे. लेकिन इस बार की लड़ाई क्या उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं? पढ़ने के लिए क्लिक करें.

    - दिल्ली में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना से इनकार कर दिया. इस रिपोर्ट को पढ़ने के लिए क्लिक करें.

    - शेख़ हसीना के सत्ता से बेदख़ल होने के बाद ख़ालिदा ज़िया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी मज़बूत हुई है और पार्टी के नेता भारत पर निशाना साध रहे हैं. आगामी चुनाव में बीएनपी के सत्ता में लौटने की संभावना जताई जा रही है. इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    - चुनाव परिणाम आने के एक हफ़्ते के बाद भी अब तक ये नहीं मालूम कि महाराष्ट्र का सीएम कौन होगा. इस रिपोर्ट को पढ़ने के लिए क्लिक करें.

  15. धार्मिक स्थलों के सर्वे पर क्या बोले फ़ारूक़ अब्दुल्लाह?

    जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्लाह

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा, धर्म के आधार पर हमारे संविधान में भेदभाव की कोई जगह नहीं है

    धार्मिक स्थलों पर सर्वे को लेकर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने पत्रकारों से बात की.

    उन्होंने कहा, "इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि मुसलमान असुरक्षित महसूस कर रहा हैं. मैं भारत सरकार से इसे रोकने के लिए कहूंगा. मुसलमान को समुद्र में नहीं फेंक सकते. 24 करोड़ मुसलमानों को कहां फेंकोगे. इसलिए मुसलमानों के साथ बराबरी का बर्ताव कीजिए."

    "हमारे संविधान में धर्म के आधार पर कोई असमानता नहीं है. अगर इन्होंने संविधान के साथ खिलवाड़ किया तो फिर हिन्दुस्तान कहाँ रहेगा?"

  16. आम आदमी पार्टी में शामिल हुए शिक्षक अवध ओझा, केजरीवाल की मौजूदगी में ली सदस्यता

    अवध ओझा, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया

    इमेज स्रोत, @msisodia

    इमेज कैप्शन, अवध ओझा ने कहा, राजनीति में आकर शिक्षा का विकास मेरा सर्वोत्तम उद्देय है

    सोमवार को शिक्षक अवध ओझा आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आधिकारिक रूप से आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ली.

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, "सर्व प्रमुख अरविंद केजरीवाल और मनीष ससोदिया दिल से धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे राजनीति में आकर शिक्षा के लिए काम करने का मौका दिया है."

    उन्होंने कहा, "शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जो परिवार, समाज और राष्ट्र की आत्मा है. जितने भी देश दुनिया में महान हुए, उनकी पृष्ठभूमि में कहीं न कहीं शिक्षा का योगदान रहा. राजनीति में आकर शिक्षा का विकास मेरा सर्वोत्तम उद्देय है."

    दिल्ली में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और ऐसी भी ख़बरें हैं कि ओझा इन चुनावों में आप के उम्मीदवार हो सकते हैं.

    हालांकि पार्टी ने इस बारे में फ़िलहाल कोई बयान नहीं दिया है.

  17. संभल हिंसा पर क्या बोले नगीना के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद?

    चंद्रशेखर आज़ाद
    इमेज कैप्शन, आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा, संभल हिंसा का विषय राजनीति से ऊपर है

    संभल हिंसा पर आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने एएनआई को बयान दिया है.

    उन्होंने कहा,"सबसे पहले जिस दिन ये हिंसा हुई, उस माहौल में मैंने प्रयास किया कि जो जुल्म वहां हो रहा है उसको सबके सामने रखा जाएं. पूरी घटना के पीछे की पूरी कहानी सबसे सामने आनी चाहिए."

    "ये दो तरफा बयान है. वहां के जिला अधिकारी का कहना है कि वहां कानून व्यवस्था ठीक नहीं है और बड़े अधिकारी कह रहे हैं कि कानून व्यवस्था वहां ठीक है. ये विषय राजनीति से ऊपर उठ कर है. सब लोगों को मिलकर ये जो सरकार की ओर जुल्म किया गया है इसके खिलाफ मजबूती से आवाज उठानी चाहिए. "

    19 नवंबर को कैला देवी मंदिर के महंत समेत कुछ लोगों ने संभल की शाही मस्जिद से जुड़े मामले में स्थानीय अदालत में याचिका दायर की थी.

    इस याचिका में दावा किया था कि शाही मस्जिद हरिहर मंदिर पर बनाई गई है. जिसके बाद अदालत ने सर्वे का आदेश दिया और उसी दिन मस्जिद का सर्वे किया गया.

    जब दूसरी बार 24 नवंबर को टीम सर्वे करने पहुँची तो वहां हिंसा हुई जिसमें पांच लोगों की मौत हुई.

  18. सीरिया ने ईरान और रूस की मदद को बताया अहम, अलेप्पो विद्रोहियों के नियंत्रण में

    सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद

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    सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने उत्तरी सीरिया में विद्रोहियों के अचानक हुए हमले के खिलाफ लड़ाई में ईरान और रूस की मदद को महत्वपूर्ण बताया है.

    अलेप्पो और उसके आसपास के विद्रोहियों के ठिकानों पर रूस ने हवाई हमले जारी रखे हैं.

    ईरान के विदेश मंत्री ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में राष्ट्रपति बशर अल-असद से मुलाकात की थी और उन्होंने सीरिया को ईरान की एकजुटता का आश्वासन दिया, जिसके बाद वो तुर्की के लिए रवाना हो गए.

    तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने कहा कि उन्होंने रविवार को अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से कहा कि तुर्की सीरिया में तनाव को कम करने के कदमों का समर्थन करेगा.

  19. जो बाइडन ने बेटे को दी माफ़ी, क्या बोले ट्रंप

    अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडन के अपने बेटे हंटर को माफ़ी देने के फैसले को न्याय का दुरुपयोग कहा है

    जो बाइडन के अपने बेटे हंटर बाइडन को माफ़ी देने पर अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल में लिखा, "क्या जो बाइडन की ओर से हंटर को दी गई माफी में 6 जनवरी के बंदियों को भी शामिल किया गया है, जो सालों से जेल में बंद हैं? ये साफ तौर पर न्याय का दुरुपयोग है."

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने बेटे हंटर को दो आपराधिक मामलों में माफ़ी दे दी है.

    उनके बेटे हंटर बाइडन को टैक्स चोरी और अवैध तरीके से बंदूक रखने के मामलों में दोषी करार दिया गया था.

  20. जो बाइडन ने टैक्स चोरी और अवैध बंदूक रखने के मामले में अपने बेटे हंटर को किया माफ़

    जो बाइडन और उनके बेटे हंटर

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    इमेज कैप्शन, जो बाइडन के कहा कि राजनीतिक तौर पर उनके बेटे हंटर के मामले में कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने बेटे हंटर बाइडन को आधिकारिक तौर पर माफ़ी दे दी है.

    उनके बेटे हंटर को दो आपराधिक मामलों में दोषी पाया था.

    एक बयान में राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि उनके बेटे को "निशाना बनाया गया है"

    उन्होंने कहा, "जिस दिन मैंने पदभार संभाला, मैंने कहा था कि मैं न्याय विभाग के फैसलों में दखल नहीं दूंगा और मैंने अपना वादा निभाया, भले ही मैंने देखा कि मेरे बेटे को अनुचित तरीके से अभियोजन का सामना करना पड़ा."

    हंटर बाइडन ने सितंबर में टैक्स चोरी के केस में अपराध स्वीकार किया था. इसके जून में हंटर को एक अवैध तरीके से बंदूक रखने के आरोप में दोषी पाया गया था.

    जो बाइडन का ये फ़ैसला उनके पहले के बयान से उलट है.

    सितंबर 2024 में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा था कि राष्ट्रपति बाइडन अपने बेटे के अपराधों को माफ़ नहीं करेंगे.