ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकी के बाद डेनमार्क को इन यूरोपीय देशों का समर्थन
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इमेज कैप्शन, ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक अर्द्ध स्वायत्त क्षेत्र और डेनमार्क भी नेटो का सदस्य देश है.
ग्रीनलैंड पर अमेरिका के नए सिरे से नियंत्रण की मांग के बाद छह यूरोपीय सहयोगी देश डेनमार्क के समर्थन में एकजुट हो गए हैं.
ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन और डेनमार्क के नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा, ''ग्रीनलैंड वहां के लोगों का है, और डेनमार्क और ग्रीनलैंड ही अपने आपसी संबंधों से जुड़े मामलों पर फैसला कर सकते हैं.''
रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि सुरक्षा कारणों से अमेरिका को ग्रीनलैंड की ''जरूरत'' है.
ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक अर्द्ध स्वायत्त क्षेत्र और डेनमार्क भी नेटो का सदस्य देश है.
ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने के लिए बल प्रयोग की संभावना से भी इनकार नहीं किया है.
इस पर डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो इसका मतलब नेटो का अंत होगा.
हिमंत बिस्वा सरमा बोले- बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार बढ़ रहे हैं अत्याचार
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इमेज कैप्शन, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बांग्लादेश में हिंदुओं के ख़िलाफ़ कथित हिंसा पर बयान दिया है
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचार पर बयान दिया है.
मंगलवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''बांग्लादेश में जो हो रहा है वो हमारे लिए चिंता की बात है. हिंदू लोगों पर अत्याचार दिन पर दिन बढ़ ही रहा है. स्थिति चिंतनीय हैं और उनका असर असम पर भी हो सकता है.''
उन्होंने कहा, ''हमें अब थोड़ा सतर्क रहना होगा. हालात पर नज़र रखनी होगा और बांग्लादेश के हिंदू समाज को साहस भी देना होगा.''
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की ओर से जारी एक और बयान में कहा गया था कि इस तरह की किसी भी हिंसा की नए बांग्लादेश में कोई जगह नहीं है. दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा.
मोहम्मद यूनुस ने कुछ महीने पहले भी धार्मिक आज़ादी की हिफ़ाज़त करने की बात कही थी.
कार्टून: अमेरिका से बच के
इमेज कैप्शन, दुनियाभर में तेल को लेकर जारी विवादों पर आज का कार्टून
नेपाल में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो से सांप्रदायिक तनाव, गृह मंत्रालय ने बैठक की
इमेज कैप्शन, नेपाल के धनुषा में सांप्रदायिक तनाव के बाद बीरगंज में सड़कों पर कम लोग दिखे
नेपाल के मधेस के कुछ जिलों में सांप्रदायिक तनाव की ख़बरें आ रही हैं.
दरअसल सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक कथित धार्मिक वीडियो को लेकर दो समूहों के बीच तनाव पैदा हो गया है.
बीबीसी नेपाली की ख़बर के मुताबिक़ पिछले शनिवार को आक्रोशित लोगों ने धनुषा के कमला नगरपालिका में एक पुलिस चौकी को घेर लिया और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म टिकटॉक पर पोस्ट किए गए एक संदेश का हवाला देते हुए एक मस्जिद में तोड़फोड़ की.
एक स्थानीय पत्रकार मोहम्मद हदीस ने बताया कि इसके बाद रविवार को बीरगंज में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. फिर हिंदूवादी संगठनों ने भी प्रदर्शन किया. इस वजह से बीरगंज में तनाव काफ़ी बढ़ गया. भारी तनाव को देखते हुए प्रशासन ने वहां कर्फ्यू लगा दिया है.
पुलिस ने बताया कि सोमवार को प्रतिबंध का उल्लंघन करने के आरोप में 26 लोगों को गिरफ़्तार किया गया.
बीरगंज का इलाका बिहार से सटा हुआ है. रविवार को एक टिकटॉक वीडियो को लेकर दो समूहों में विवाद हुआ था.
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इमेज कैप्शन, नेपाल के गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने हालात पर काबू के लिए बैठक की
सुरक्षा अधिकारियों ने मंगलवार को सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से हिंदू और मुस्लिम समुदायों के नेताओं, राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त रूप से चर्चा की.
गृह मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि वो इस घटना पर नज़र बनाए हुए हैं.
धनुषा की एक मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना सामने आने के बाद गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल की अध्यक्षता में रविवार को केंद्रीय सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी.
गृह मंत्री आर्यल ने मुस्लिम समुदाय के नेताओं से भी बातचीत की.
मंत्रालय के प्रवक्ता आनंदराज काफले का कहना है, "निर्देश जारी किए गए हैं कि ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों से सख्ती से निपटा जाए."
सोमवार को मंत्रालय ने तराई के 21 जिलों की ज़िला सुरक्षा समितियों के अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की.
इस बैठक में तीनों सुरक्षा एजेंसियों के प्रांतीय प्रमुख भी उपस्थित थे और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए "प्रांतीय और स्थानीय स्तरों के साथ समन्वय" करने पर सहमति बनी.
वेनेज़ुएला के बाद ट्रंप के निशाने पर कौन? दिनभर- पूरा दिन, पूरी ख़बर
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ज़ेलेंस्की पहुंचे फ़्रांस, यूक्रेन के सुरक्षा मुद्दे पर बातचीत में होंगे शामिल
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इमेज कैप्शन, फ़्रांस पहुंचकर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाक़ात करते यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की फ़्रांस पहुंच गए हैं.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा है, ''मैं पहुंच चुका हूं. आज यहां 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' के नेताओं के स्तर पर अहम बातचीत होगी. इसके साथ ही नेटो के महासचिव के साथ बैठक होगी और अमेरिकी वार्ताकार टीम के प्रतिनिधियों से भी मुलाक़ात होगी.''
उन्होंने लिखा, ''इन बातचीत का मक़सद यूक्रेन के लिए और ज़्यादा सुरक्षा और ताक़त सुनिश्चित करना है. हमें अपने साझेदारों के समर्थन की उम्मीद है और ऐसे ठोस क़दमों की अपेक्षा है जो हमारे लोगों के लिए वास्तविक सुरक्षा की गारंटी दे सकें. यूक्रेन के साथ खड़े रहने वाले सभी लोगों का धन्यवाद.''
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ज़ेलेंस्की और देश के अन्य प्रमुख सहयोगियों की मेज़बानी कर रहे हैं.
इसका मक़सद रूस के साथ युद्धविराम की स्थिति में यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटियों पर सहमति बनाने के प्रयासों को तेज़ करना है.
30 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष अधिकारी कथित ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ का हिस्सा हैं. ये सभी इस बैठक में शामिल हो रहे हैं.
इनमें शांति वार्ता में अमेरिका की ओर से मध्यस्थ स्टीव विटकॉफ़ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर भी शामिल हैं.
ज़ेलेंस्की ने हाल ही में ट्रंप से मुलाक़ात की थी और कहा था कि रूस के साथ युद्ध समाप्त करने की उनकी योजना पर 90 फ़ीसदी सहमति बन चुकी है.
हालांकि इन प्रस्तावों को अभी तक रूस के सामने पेश नहीं किया गया है. अब तक रूस की प्रतिक्रिया उत्साहजनक नहीं रही है.
बांग्लादेश में शरीफ़ उस्मान हादी की हत्या के मामले में 17 लोगों के ख़िलाफ़ चार्जशीट
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इमेज कैप्शन, बांग्लादेश में इंक़लाब मंच के संयोजक शरीफ़ उस्मान हादी की दिसंबर 2025 में हत्या कर दी गई थी
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) ने इंक़लाब मंच के संयोजक शरीफ़ उस्मान हादी की हत्या के मामले में 17 लोगों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाख़िल की है.
बीबीसी न्यूज़ बांग्ला के मुताबिक़, मंगलवार को डीएमपी मीडिया सेंटर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ढाका मेट्रोपॉलिटन डिटेक्टिव पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त मोहम्मद शफ़ीक़ुल इस्लाम ने कहा कि शरीफ़ उस्मान हादी की हत्या राजनीतिक बदला का नतीजा थी.
उन्होंने कहा कि पल्लबी थाना जुबो लीग के अध्यक्ष और ढाका उत्तर नगर निगम के वॉर्ड नंबर 6 से अवामी लीग के पार्षद ताइजुल इस्लाम चौधरी बप्पी ने शूटर फ़ैसल करीम मसूद उर्फ़ राहुल उर्फ़ दाऊद और उसके साथी को भागने में मदद की.
उन्होंने कहा कि जांच पुलिस ने अलग-अलग जगहों से हासिल सीसीटीवी फ़ुटेज की समीक्षा और हथियारों और गोलियों की फ़ॉरेंसिक जांच के बाद संदिग्धों की पहचान की है.
उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी फ़ैसल करीम के वीडियो संदेश की भी फ़ॉरेंसिक जांच की गई है.
दिसंबर 2025 में शरीफ़ उस्मान हादी को राजधानी ढाका में गोली मार दी गई थी. कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो गई.
इसके बाद प्रदर्शन और हिंसा का सिलसिला शुरू हो गया था. शरीफ़ उस्मान हादी इस साल बांग्लादेश में फ़रवरी 2026 में होने वाले चुनाव में हिस्सा लेने वाले थे.
यूपी में एसआईआर के बाद ड्राफ़्ट लिस्ट जारी, 2.89 करोड़ वोटरों के नाम हटे
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इमेज कैप्शन, उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक स्पेशल बीएलओ कैंप में वोटर लिस्ट नाम की चेकिंग का काम (फ़ाइल फ़ोटो)
उत्तर प्रदेश मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) के बाद चुनाव आयोग ने ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट जारी की है. इस ड्राफ्ट लिस्ट के मुताबिक़ 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं.
चुनाव आयोग ने कहा है कि ये लिस्ट 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के तहत तैयार की गई है. इसकी शुरुआत 27 अक्तूबर 2025 से हुई थी.
चुनाव आयोग के मुताबिक़ यूपी में एसआईआर का गणना चरण 4 नवंबर 2025 से शुरू हुआ था.
उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त नवदीप रिनवा ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, ''यूपी के 15 करोड़ 44 लाख तीस हजार बयानबे वोटरों का गणना प्रपत्र निकाला गया. पूरी प्रक्रिया के बाद 2.89 करोड़ वोटरों के नाम ड्राफ़्ट लिस्ट से हटे हैं.''
यूपी के मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक़ अब एक पोलिंग स्टेशन में 1200 से ज्यादा मतदाता नहीं होंगे.
पहले ये संख्या क़रीब 1500 थी. इस वजह से नए पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं. इस वजह से पूरी प्रक्रिया में समय लगा.
स्विट्ज़रलैंड के जिस स्की रिज़ॉर्ट बार में आग से 40 लोगों की मौत हुई थी वहां क्या गलती हुई थी
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इमेज कैप्शन, स्विट्ज़रलैंड के स्की रिज़ॉर्ट बार में आग से मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते लोग
पिछले हफ्ते नए साल की पार्टी के दौरान स्विटज़रलैंड के एक स्की रिजॉर्ट की बार में आग लगने से 40 लोगों की मौत हो गई थी और 116 लोग घायल हुए थे. अब अधिकारियों ने कहा है कि 'ले कॉन्स्टेलेशन' नाम की इस बार में बीते पांच सालों से कोई सेफ़्टी जांच, निरीक्षण या ऑडिट नहीं हुआ था.
अधिकारियों ने अब यहां के कई इलाकों में स्पार्कलर (चिंगारी वाले पटाखों) के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की भी घोषणा की है.
शुरुआती जांच में पाया गया है कि बोतलों पर लगे स्पार्कलर जब छत के बहुत पास ले जाए गए, तो वही आग लगने की संभावित वजह बन गए.
पुलिस ने सोमवार को बताया कि 83 लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं. सभी घायलों की पहचान कर ली गई है और इनमें कम से कम 12 अलग-अलग देशों के नागरिक शामिल हैं.
बार चलाने वाले वाले फ़्रांसीसी दंपति के ख़िलाफ़ आपराधिक जांच शुरू कर दी गई है.
यह बार युवाओं के बीच काफ़ी लोकप्रिय था.
मध्य प्रदेश: इंदौर में दूषित पानी से जुड़े मामले में अदालत ने चीफ़ सेक्रेट्री को किया तलब, समीर ख़ान, इंदौर से बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, इंदौर में प्रशासन ने कहा है कि भागीरथपुरा में मौतें दूषित पानी से हुई हैं या नहीं इसकी जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत और कइयों के बीमार पड़ने की ख़बर के बाद हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश के चीफ़ सेक्रेट्री को तलब किया है.
हाई कोर्ट ने इस मामले में दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई के बाद राज्य के चीफ़ सेक्रेट्री को 15 जनवरी को तलब किया है.
ये जनहित याचिका एडवोकेट रितेश इनानी, पूर्व पार्षद महेश गर्ग और प्रमोद द्विवेदी ने एडवोकेट मनीष यादव के ज़रिये दायर की थी.
2 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश की थी.
इसमें कहा गया था कि दूषित पानी पीने से चार लोगों की मौत हुई है, जबकि उस दिन भी कई मौतें हुई थीं.
मंगलवार को जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की नियमित डिवीज़न बेंच में पहली बार मामले की सुनवाई हुई.
एडवोकेट इनानी ने बताया कि इसमें कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 15 जनवरी को मुख्य सचिव को उपस्थित रहने के निर्देश दिए.
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 17 लोगों की मौत की ख़बर है. इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया है कि ये मौतें किन वजहों से हुई है इनकी जांच के लिए एक समिति बनाई गई है.
उत्तराखंड: कांग्रेस ने अब अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में क्या मांग की
इमेज कैप्शन, रविवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने "अंकिता हम शर्मिंदा हैं" जैसे नारे लगाए थे
उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सीबीआई जांच और कथित वीआईपी की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर रविवार को उत्तराखंड में कई जगहों पर प्रदर्शन हुए थे.
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''हम अंकिता भंडारी हत्या मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हैं. उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की हत्या से पूरा देश सदमे और गुस्से में है. इस जघन्य अपराध ने भाजपा का असली चेहरा उजागर कर दिया है.''
कांग्रेस ने लिखा है, ''रिसॉर्ट में काम करने वाली युवा महिला अंकिता पर 'विशेष सेवाएं' देने का दबाव बनाया गया था. जब उसने इनकार किया, तो उसकी हत्या कर दी गई और शव को नहर में फेंक दिया गया.''
कांग्रेस ने लिखा, ''न्याय सुनिश्चित करने के बजाय, राज्य और केंद्र की भाजपा सरकारें दोषियों को बचाने के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से बच रही हैं. कांग्रेस पार्टी अंकिता के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने और सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करती है.''
कांग्रेस समेत कई दलों ने रविवार को अंकिता भंडारी मामले में प्रदर्शन किया था.
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19 वर्षीय अंकिता, उत्तराखंड पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं.
सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी और लापता होने के लगभग एक सप्ताह बाद उनका शव चीला शक्ति नहर से बरामद हुआ था.
मृत्यु से पहले अंकिता ने रिज़ॉर्ट की गतिविधियों और अपनी सुरक्षा को लेकर अपने एक दोस्त पुष्पदीप से फोन कॉल और चैट के जरिए चिंता साझा की थी, जिनका विवरण जांच के दौरान सामने आया.
पुलिस के अनुसार, रिज़ॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके सहयोगी अंकित गुप्ता के अलावा सौरभ भास्कर कथित तौर पर अंकिता पर अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने का दबाव बना रहे थे.
अब बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली को दीजिए इजाज़त.
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मोहम्मद शमी को चुनाव आयोग ने क्यों भेजा नोटिस? जानिए पूरा मामला, इल्मा हसन, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, इस समय मोहम्मद शमी राजकोट में हैं, जहाँ वे विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी में बंगाल की टीम के लिए खेल रहे हैं
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के एसआईआर के तहत चुनाव आयोग ने सुनवाई के लिए बुलाया है.
इस मामले में उनके भाई मोहम्मद कैफ़ को भी नोटिस जारी किया गया है.
चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने बीबीसी हिन्दी से कहा कि शमी और उनके भाई के नामांकन फ़ॉर्म में मामूली गलतियां हैं. इन्हें स्पष्ट करने के लिए उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति ज़रूरी बताई गई है.
सुनवाई मूल रूप से 5 जनवरी को निर्धारित थी, लेकिन शमी ने आयोग को पत्र लिखकर बताया कि वे उस दिन उपलब्ध नहीं होंगे, क्योंकि वे राजकोट में हैं.
इसके बाद आयोग ने सुनवाई की तारीख़ 9 से 11 जनवरी के बीच के लिए टाल दी है.
चुनाव आयोग का कहना है कि अपने काम की वजह से अगर शमी नहीं आ पाएँ तो वह सुनवाई की तारीख़ और आगे भी बढ़ा सकते हैं.
उनका कहना है कि अभी तक चुनाव आयोग ने ऐसे निर्देश नहीं निकाले हैं जिसके तहत शमी यह प्रक्रिया ऑनलाइन कर पाएँ. इसलिए उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति ज़रूरी है.
मोहम्मद शमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा ज़िले के रहने वाले हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ शमी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अमरोहा में मतदान किया था. बाद में उन्होंने अपना मतदाता पंजीकरण कोलकाता में कराया, जहाँ वे काफ़ी समय से रह रहे हैं.
वे कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 93 में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, जो रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है.
लोगों को सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है ताकि उनके मतदाता रिकॉर्ड की जांच की जा सके. इसमें नाम, पता, पारिवारिक विवरण और दस्तावेज़ों से जुड़ी गलतियों को स्पष्ट किया जाता है. चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची का हिस्सा है.
दिसंबर में प्रकाशित ड्राफ़्ट सूची में 58 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे. अंतिम मतदाता सूची 14 फ़रवरी को जारी की जानी है.
आयोग के अनुसार, यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसमें किसी बड़े उल्लंघन का मामला नहीं है.
तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन और ट्रंप के बीच फ़ोन पर क्या हुई बात
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इमेज कैप्शन, अमेरिका और तुर्की के बीच ग़ज़ा के मुद्दे पर भी चर्चा हुई है
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप्प अर्दोआन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फ़ोन पर बातचीत की है.
इस बातचीत में तुर्की और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय राजनीतिक संबंधों, रक्षा उद्योग में सहयोग और दोनों देशों के बीच व्यापार के तय लक्ष्य को हासिल करने के लिए उठाए जाने वाले क़दमों पर चर्चा हुई.
तुर्की की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की गई, जिनमें ख़ास तौर पर ग़ज़ा और वेनेज़ुएला की स्थिति शामिल रही.
दोनों नेताओं के बीच बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका में जेल में रखा गया है.
63 साल के मादुरो और उनकी पत्नी को शनिवार को वेनेज़ुएला में उनके परिसर से अमेरिकी सैनिकों ने पकड़ा था.
यह अचानक रातों-रात चलाया गया एक अभियान था, जिसमें कुछ सैन्य ठिकानों पर हमले भी हुए.
गिरफ़्तारी के बाद दोनों को न्यूयॉर्क की एक जेल में ले जाया गया.
रूसी तेल की डिलीवरी के दावे को रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने किया ख़ारिज, बयान में ये कहा
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रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने मंगलवार को कहा है कि उसे जनवरी में रूस से कच्चे तेल की कोई खेप मिलने की उम्मीद नहीं है और पिछले तीन हफ़्तों में उसे रूस से कोई कार्गो नहीं मिला है.
भारत की निजी रिफ़ाइनरी कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जारी बयान में ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट का खंडन किया है, जिसमें केप्लर के आंकड़ों के हवाले से कहा गया था कि रूसी तेल से लदे तीन जहाज़ जामनगर रिफ़ाइनरी की ओर जा रहे हैं.
कंपनी ने अपने बयान में कहा, "हम इस बात से काफ़ी आहत हैं कि ख़ुद को निष्पक्ष पत्रकारिता की अग्रिम पंक्ति में बताने वालों ने जनवरी में किसी भी रूसी तेल की ख़रीद से इनकार करने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के बयान को नज़रअंदाज़ किया और एक ग़लत रिपोर्ट प्रकाशित कर हमारी छवि को नुक़सान पहुंचाया."
इससे पहले सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एयर फ़ोर्स वन विमान में मौजूद अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भारत के रूस से तेल ख़रीदने को लेकर प्रतिक्रिया दी थी.
लिंडसे ग्राहम ने दावा किया था, "मुझे यक़ीन है कि ट्रंप ने भारत के साथ जो रुख अपनाया, उसी की वजह से भारत आज रूस से काफ़ी कम तेल ख़रीद रहा है."
वहीं एयर फ़ोर्स वन विमान में ट्रंप का कहना था कि 'वे (भारत और रूस) आपस में व्यापार करते हैं' और भारत ने हमारी बात नहीं मानी तो 'हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ़ बढ़ा' सकते हैं.
अमेरिका पहले ही भारत पर 50 फ़ीसदी टैरिफ़ लगा चुका है, जिसमें से 25 फ़ीसदी टैरिफ़ रूस से तेल ख़रीदने की 'सज़ा' के तौर पर लगाया गया है.
कोरीना मचादो ने ट्रंप की तारीफ़ की, नोबेल पुरस्कार का हक़दार बताया
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इमेज कैप्शन, मरिया कोरीना मचादो पहले भी राष्ट्रपति ट्रंप की तारीफ़ कर चुकी हैं
वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता मरिया कोरीना मचादो ने फ़ॉक्स न्यूज़ से बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ़ की.
उनका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार के हक़दार हैं.साल 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मरिया कोरीना मचादो को दिया गया है.
कोरीना मचादो ने कहा कि वेनेज़ुएला को लेकर ट्रंप के क़दमों ने दुनिया को यह साबित कर दिया है. साथ ही उन्होंने वेनेज़ुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को 'मानवता के लिए एक बड़ा क़दम' बताया है.
विपक्षी नेता ने दोहराया कि वे ट्रंप की कार्रवाइयों के लिए 'बहुत आभारी' हैं.
साथ ही देश लौटने को लेकर उन्होंने कहा कि वह जितनी जल्दी हो सके वापस लौटना चाहती हैं.
वेनेज़ुएला की स्थिति पर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के कार्यवाहक स्थायी प्रतिनिधि उस्मान जादून
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान पाकिस्तान ने वेनेजु़एला की स्थिति पर गहरी चिंता जताई और इसे वैश्विक शांति के लिए ख़तरा बताया.
पाकिस्तान के कार्यवाहक स्थायी प्रतिनिधि उस्मान जादून ने बैठक में कहा, "दुनिया पहले से ही कई संकटों से जूझ रही है. बढ़ते तनाव से वैश्विक शांति के लिए नए ख़तरे पैदा हो सकते हैं."
उस्मान जादून ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों का एकमात्र समाधान संवाद और कूटनीति है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान वेनेजु़एला में हाल के घटनाक्रमों को 'गहरी चिंता' के साथ देखता है.
उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र का चार्टर हमें किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध बल के प्रयोग या धमकी से बचने के लिए बाध्य करता है. संयुक्त राष्ट्र का चार्टर सदस्य देशों को संप्रभु समानता, दूसरों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने और अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भी प्रतिबद्ध करता है."
उस्मान जदून ने कहा, "एकतरफा सैन्य कार्रवाई इन पवित्र सिद्धांतों और देश की संप्रभुता के सिद्धांत का उल्लंघन है. इस तरह की कार्रवाइयां एक ख़तरनाक मिसाल कायम करती हैं"
उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है.
वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति भवन के पास फ़ायरिंग की ख़बर
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इमेज कैप्शन, वेनेज़ुएला का राष्ट्रपति भवन, मिराफ़्लोरेस पैलेस (फ़ाइल फ़ोटो)
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, सोमवार देर रात वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति भवन के पास गोलियां चलने की ख़बरें हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटनास्थल पर फ़ायरिंग हुई, जबकि सरकार के क़रीबी एक सूत्र ने कहा कि हालात नियंत्रण में हैं.
सूत्र के अनुसार, राजधानी कराकास के मध्य इलाके़ में स्थित मिराफ़्लोरेस पैलेस के ऊपर अज्ञात ड्रोन उड़ते देखे गए, जिसके बाद स्थानीय समय के मुताबिक़ रात करीब 8 बजे सुरक्षा बलों ने जवाबी फ़ायरिंग की.
यह ख़बर ऐसे समय सामने आई है जब कुछ ही घंटे पहले उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली है.
वेनेज़ुएला का राष्ट्रपति भवन, जिसे आधिकारिक तौर पर मिराफ़्लोरेस पैलेस कहा जाता है, राष्ट्रपति का मुख्य कार्यालय है और यह कराकास में स्थित है.