डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पत्रकार छत्रपति की हत्या के मामले में बरी
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में शनिवार को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बरी कर दिया है.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ डेरा प्रमुख के वकील जितेंद्र खुराना ने शनिवार को यह जानकारी दी.
कोर्ट ने डेरा प्रमुख को दोषी ठहराए जाने और आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के सात साल से अधिक समय बाद बरी किया.
जितेंद्र खुराना ने कहा, "कोर्ट ने उन्हें पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में बरी कर दिया है."
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक़ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस शील नागू और जस्टिस विक्रम अग्रवाल की बेंच ने सज़ा के ख़िलाफ़ दायर अपील पर यह फ़ैसला सुनाया है.
अपने फ़ैसले में, कोर्ट ने बाकी तीन अभियुक्तों, कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल की सज़ा और उम्रकैद को बरक़रार रखा.
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) कोर्ट ने साल 2019 में इन सभी को इस मामले में दोषी ठहराया था. इसके बाद चारों दोषियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी.
रामचंद्र छत्रपति सिरसा के अख़बार 'पूरा सच' के संपादक थे. साध्वी के साथ हुए रेप की ख़बर प्रकाशित करने के कुछ महीने बाद ही छत्रपति को अक्तूबर 2002 में गोली मार दी गई थी.
गंभीर रूप से घायल होने के कारण बाद में उनकी मौत हो गई थी. साल 2003 में ये मामला दर्ज किया गया था और 2006 में ये मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था.
राम रहीम को अगस्त 2017 में दो महिला अनुयायियों के बलात्कार के मामले में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी.