म्यांमार में बाढ़, आपात स्थिति का ऐलान

इमेज स्रोत, afp
म्यांमार के राष्ट्रपति ने देश के चार क्षेत्रों में भारी बाढ़ के कारण आपात स्थिति की घोषणा कर दी है. बाढ़ की वजह से अब तक 27 लोग मारे जा चुके हैं.
म्यांमार में बीते कुछ हफ्तों से लगातार बारिश हो रही है. चिन, मग्वे, सगेंग और रखाइन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.
हज़ारों लोगों ने बौद्ध विहारों में शरण ली है.
'रोहिंग्या मुसलमानों को शरण नहीं'
कुछ रिपोर्टों में ये भी कहा गया है कि अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुसलमानों को बाढ़ से बचने के लिए शरण नहीं मिल रही है.

इमेज स्रोत, AFP
म्यांमार टाइम्स के मुताबिक, पश्चिम रखाइन क्षेत्र में सामुदायिक केंद्रों और स्कूलों में शरण मांगने आए रोहिंग्या मुसलमानों को शरण देने से मना कर दिया गया.
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, बाढ़ की वजह से रखाइन में लगभग एक लाख चालीस हज़ार लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. उनमें से ज़्यादातर रोहिंग्या मुसलमान हैं.
कई इलाकों से संपर्क टूटा

इमेज स्रोत, epa
सहायता और राहत कर्मियों को बाढ़ प्रभावित जगहों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है.
म्यांमार में संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के एक प्रवक्ता पियर पेरों ने कहा कि रखाइन के कुछ कस्बों से संपर्क बिल्कुल टूट गया है.
कृषि और सिंचाई मंत्रालय के अनुसार पांच लाख एकड़ से ज्यादा धान के खेत बाढ़ में डूब गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वह बाढ़ग्रस्त इलाके में खाद्य सामग्री, पेयजल और निवास की समस्या का आकलन करने के लिए आपात दल भेजेगा.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक </caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>













