आईएस ने ली जेल तोड़ने की ज़िम्मेदारी

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चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इराक़ के दियाला प्रांत में एक जेल पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी ली है.
इस हमले में 10 सुरक्षाकर्मी और 30 क़ैदी मारे गए जबकि 50 अन्य क़ैदी फ़रार हो गए.
ये हमला राजधानी बग़दाद से 80 किलोमीटर दूर खालिस शहर में हुआ.
हालांकि इराक़ी अधिकारी इस घटना की वजह जेल में हुए दंगे को मान रहे हैं जिसमें उनके मुताबिक़ क़ैदियों ने हथियार छीनने की कोशिश की और जेल तोड़ कर भागने में कामयाब रहे.
इराक़ में कई बार जेल तोड़ेने की घटनाएं सामने आती हैं और पहले भी, चरमपंथी अपने साथियों को रिहा करा चुके हैं.
आईएस का दावा

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अधिकारियों का कहना है कि ताज़ा घटना में जो लोग भागने में कामयाब रहे उनमें नौ लोगों पर 'आतंकवाद से जुड़े आरोप' थे और इनमें कुछ आईएस के सदस्य भी थे.
इनके अलावा फ़रार होने वाले बाक़ी क़ैदियों को आम अपराधी बताया गया है.
इस्लामिक स्टेट का कहना है कि उसने जेल पर हमला कर अपने 30 से ज़्यादा लड़ाकों को रिहा कराया है.
आईएस के बयान के मुताबिक, "15 विस्फोटक उपकरणों के ज़रिए जेल और उसके आसपास पुलिस और सेना की गाड़ियों को उड़ाया गया."
स्थानीय सूत्रों के अनुसार आईएस के लड़ाकों ने कई गाड़ियों के साथ जेल पर धावा बोला.
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